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Lakhimpur Kheri News: अब आठ गांवों पर होगा एक हलका, तैनात होंगे उपनिरीक्षक
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लखीमपुर खीरी। लगातार बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अब हर सात से आठ हजार की आबादी पर एक हलका बनाया गया है। यहां पर बाकायदा एक उपनिरीक्षक की तैनाती की गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि इससे जहां अपराधों पर लगाम लग सकेगी वहीं पुलिसकर्मी पहले से बेहतर ढंग से काम कर सकेंगे। हलका व बीट की संख्या बढ़ने से उम्मीद पुलिस बल में बढ़ोतरी की भी जताई जा रही है।
करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले को सात सर्किल में बांटा गया है। इनमें सदर, गोला, मितौली, मोहम्मदी, धौरहरा, निघासन, पलियाकलां हैं। करीब दो साल डीजीपी ने हलका और बीट बढ़ाने को लेकर आदेश जारी किया था, लेकिन तत्कालीन एसपी ने इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया।
इधर, करीब छह माह पहले आए एसपी संकल्प शर्मा ने चार्ज संभाला, इसके बाद उन्होंने महकमे में कई अंदरूनी बदलाव किए। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 130 हलका थेस लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 201 हो गई है। वहीं बीट 671 थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 1551 हो गई है। इसमें पुरुष बीटों की संख्या 1255 व महिला बीट की संख्या 296 निर्धारित की गई है।
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बढ़ाए गए हलका और बीट पर तैनाती होने से जहां अपराध में कमी आएगी वहीं अपराधियों में पुलिस का खौफ भी बढ़ेगा। कई बार देखा गया है कि क्षेत्रफल अधिक होने के चलते पुलिस को घटनास्थल पर पहुुंचने में काफी समय लग जाता है, ऐसे में अपराधी पुलिस को चमका देकर भाग जाते थे। एसपी ने बताया कि बॉर्डर वाले थाने, हलका और बीटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। (संवाद)
पुलिसकर्मियों के कंधों से कम होगा बोझ
अब तक एक चौकी में कई गांव आते थे। ऐसे में पुलिस पर काम का बोझ अधिक था, इससे पीड़ित को न्याय के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब तीन से चार गांवों को मिलाकर अगर सात से आठ हजार आबादी वाले गांवों को मिलाकर एक हलका होगा। साथ ही उपनिरीक्षक को हल्के की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बीट के लिए सिपाही को बीट प्रभारी का जिम्मा दिया गया है। माना जा रहा है कि गांवों की संख्या कम होने से पुलिस के कंधों पर काम को बोझ कम हो सकेगा।
पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
भर्ती प्रक्रिया होने के बाद जिले में सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी जिले को मिले हैं। वह क्षेत्र में किसी तरह से रहकर स्मार्ट पुलिसिंग और संभ्रांत नागरिकों से सामंजस्य बनाकर अपराध पर नियंत्रण करेंगे। इसके बारे में उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होते ही इन्हें थाने, हलका और बीटों पर तैनात किया जाएगा।
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करीब 45 लाख की आबादी वाले जिले को सात सर्किल में बांटा गया है। इनमें सदर, गोला, मितौली, मोहम्मदी, धौरहरा, निघासन, पलियाकलां हैं। करीब दो साल डीजीपी ने हलका और बीट बढ़ाने को लेकर आदेश जारी किया था, लेकिन तत्कालीन एसपी ने इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया।
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इधर, करीब छह माह पहले आए एसपी संकल्प शर्मा ने चार्ज संभाला, इसके बाद उन्होंने महकमे में कई अंदरूनी बदलाव किए। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 130 हलका थेस लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 201 हो गई है। वहीं बीट 671 थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 1551 हो गई है। इसमें पुरुष बीटों की संख्या 1255 व महिला बीट की संख्या 296 निर्धारित की गई है।
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बढ़ाए गए हलका और बीट पर तैनाती होने से जहां अपराध में कमी आएगी वहीं अपराधियों में पुलिस का खौफ भी बढ़ेगा। कई बार देखा गया है कि क्षेत्रफल अधिक होने के चलते पुलिस को घटनास्थल पर पहुुंचने में काफी समय लग जाता है, ऐसे में अपराधी पुलिस को चमका देकर भाग जाते थे। एसपी ने बताया कि बॉर्डर वाले थाने, हलका और बीटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। (संवाद)
पुलिसकर्मियों के कंधों से कम होगा बोझ
अब तक एक चौकी में कई गांव आते थे। ऐसे में पुलिस पर काम का बोझ अधिक था, इससे पीड़ित को न्याय के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब तीन से चार गांवों को मिलाकर अगर सात से आठ हजार आबादी वाले गांवों को मिलाकर एक हलका होगा। साथ ही उपनिरीक्षक को हल्के की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बीट के लिए सिपाही को बीट प्रभारी का जिम्मा दिया गया है। माना जा रहा है कि गांवों की संख्या कम होने से पुलिस के कंधों पर काम को बोझ कम हो सकेगा।
पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
भर्ती प्रक्रिया होने के बाद जिले में सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी जिले को मिले हैं। वह क्षेत्र में किसी तरह से रहकर स्मार्ट पुलिसिंग और संभ्रांत नागरिकों से सामंजस्य बनाकर अपराध पर नियंत्रण करेंगे। इसके बारे में उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होते ही इन्हें थाने, हलका और बीटों पर तैनात किया जाएगा।