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Lakhimpur Kheri News: अब दीपाली को मिली सौर ऊर्जा चालित बाड़ से आजादी

Sat, 30 Nov 2024 11:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:15 PM IST
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Now Deepali gets freedom from solar powered fence
मादा गैंडा दीपाली को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा गया।वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज वन से एक और मादा गैंडा दीपाली को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ दिया गया। समय की कमी के चलते एक अन्य मादा गैंडे को नहीं छोड़ा जा सका।
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दीपाली को आजादी देने से पहले पशु चिकित्सकों ने उसे बेहोश कर रेडियो कॉलर लगाया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और गैंडा विशेषज्ञों की मौजूदगी में उसे आजाद किया गया।
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अब तक छोड़े गए गैंडों की लगातार निगरानी की जा रही है। इस मौके पर दुधवा के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी., असम चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक एवं गैंडा विशेषज्ञ डॉ. गोगोई, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. खनिन, गोरखपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. योगेश, डॉ. दया शंकर, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. तलहा, वन्यजीव प्रतिपालक धमेंद्र द्विवेदी, महावीर, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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चौथे गैंडे की आजादी टली
भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय समय सीमा में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन और गैंडा विशेषज्ञ एक नर और दो मादा गैंडों को ही बेहोश कर स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़ पाए। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कारण चौथे गैंडे की आजादी फिलहाल टल गई है। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित कुमार वर्मा ने बताया कि जल्द ही नया कार्यक्रम निर्धारित कर एक और मादा गैंडे को बेहोश कर जंगल में छोड़ा जाएगा।
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गैंडों की गतिविधियों पर दुधवा प्रशासन की रहेगी नजर
40 साल बाद पहली बार सौर ऊर्जा चालित बाड़ से आजाद होकर जंगल में स्वच्छंद विचरण करने वाले नर गैंडा रघु और मादा गैंडा विजयश्री व दीपाली की रेडियो कॉलर के जरिये निगरानी की जाएगी। विशेष सतर्कता बरती जाएगी कि यह गैंडे आबादी वाले क्षेत्र या जंगल से बाहर खेतों की ओर न जाएं। यदि ऐसी स्थिति दिखाई देती है तो वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क करेगा।
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समय सीमा समाप्त होने के कारण एक मादा गैंडे को नहीं छोड़ा जा सका है। जल्द ही नए कार्यक्रम के अनुसार एक और मादा गैंडे को आजाद किया जाएगा।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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