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Lakhimpur Kheri News: अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी समझेंगे समाचार के मायने
Sun, 04 Jan 2026 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 04 Jan 2026 12:36 AM IST
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लखीमपुर खीरी। निजी स्कूलों के बाद अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों में अखबार पढ़ने की आदत को विकसित किया जाएगा। हालांकि, ज्यादातर निजी स्कूल के पुस्तकालयों में अखबार पहले से ही मंगवाए जा रहे हैं।
आदेश आने के बाद अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में अखबार मंगवाने के साथ ही बच्चों को पांच विशेष खबरों से रूबरू कराते हुए अच्छी खबरें नोटिस बोर्ड पर लिखवाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
जिले में 220 वित्तविहीन के साथ ही 51 राजकीय विद्यालय, 45 अशासकीय विद्यालयों के अलावा 3106 परिषदीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। कक्षा छह से लेकर 12 तक में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हीं बच्चों के अंदर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ज्ञान बढ़ाने और पढ़ाई की एकाग्रता भी बढ़ाने के लिए समाचार वाचन कराया जाएगा। साथ ही प्रार्थना के समय अखबार की सुर्खियों से बच्चों को रूबरू कराया जाएगा।
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डीआईओएस विनोद मिश्र ने बताया कि सभी राजकीय कॉलेजों के साथ ही अन्य कॉलेजों के बच्चों को अखबार का अध्ययन कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि कक्षा छह से लेकर आठ तक के स्कूलों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। कहा कि समाचार पत्रों के वाचन के बाद ज्ञान के दायरे का विस्तार होता है।
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आदेश आने के बाद अधिकारियों ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में अखबार मंगवाने के साथ ही बच्चों को पांच विशेष खबरों से रूबरू कराते हुए अच्छी खबरें नोटिस बोर्ड पर लिखवाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिले में 220 वित्तविहीन के साथ ही 51 राजकीय विद्यालय, 45 अशासकीय विद्यालयों के अलावा 3106 परिषदीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। कक्षा छह से लेकर 12 तक में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हीं बच्चों के अंदर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ज्ञान बढ़ाने और पढ़ाई की एकाग्रता भी बढ़ाने के लिए समाचार वाचन कराया जाएगा। साथ ही प्रार्थना के समय अखबार की सुर्खियों से बच्चों को रूबरू कराया जाएगा।
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डीआईओएस विनोद मिश्र ने बताया कि सभी राजकीय कॉलेजों के साथ ही अन्य कॉलेजों के बच्चों को अखबार का अध्ययन कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि कक्षा छह से लेकर आठ तक के स्कूलों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। कहा कि समाचार पत्रों के वाचन के बाद ज्ञान के दायरे का विस्तार होता है।