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नहाय खाय के साथ छठ व्रत शुरू
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:43 PM IST
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छठ
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार सुबह से महिलाएं रखेंगी 24 घंटे का व्रत
सोमवार को उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा व्रत का समापन।
छठ पूजा के लिए महिलाओं ने शुक्रवार से व्रत प्रांरभ कर दिया है। सूर्य उपासना के प्रमुख पर्व छठ को लेकर जिले में काफी उत्साह है। छठ के लिए जहां बाजार में एक बार फिर रौनक बढ़ गई है वहीं पूजा स्थल सेठ घाट पर साज सज्जा का काम तेजी से चल रहा है। तीन दिनों तक चलनेे वाली छठ पूजा पुत्र और परिवार की सुख समृद्धि और यश के लिए की जाती है।
बिहार प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में छठ सबसे महत्वपूर्ण पर्व हैं। खीरी जिले में पूर्वांचल के मूल निवासियों की बड़ी आबादी है। इस पर्व के पहले दिन शुक्रवार को महिलओं ने सुबह से व्रत रखा। शाम को लौकी और चावल खाकर व्रत तोड़ा। शनिवार को भी महिलाएं सुबह से व्रत रखने के बाद शाम होने से पहले व्रत तोडे़ंगी। मुख्य व्रत रविवार से शुरू होगा।
रविवार को महिलाएं सुबह 24 घंटे के व्रत की शुरुआत करेंगी। शाम को नदी के पानी में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। रात भर भजन कीर्तन के बाद सोमवार सुबह महिलाएं उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी संतान और परिवार के लोगों की सुख समृद्धि की कामना करेंगी। इसके बाद उपवास का समापन होगा।
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छठ पूजा के लिए सेठ घाट पर विशेष सफाई व्यवस्था की जा रही है। पूरे घाट को सजाने संवारने का काम जारी है। रविवार दोपहर बाद से यहां भीड़ जुटेगी। रात भी यहां भजन कीर्तन आदि धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा। हर साल छठ पूजा पर जुटने वाली भीड़ के मद्देनजर पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
इस बार भी छठ पर सूखी रहेगी नहर
बांकेगंज। छठ पूजा के लिए खीरी ब्रांच नहर में पानी छोड़ने की मांग पर सिंचाई विभाग ने हाथ खडे़ कर दिए हैं। सिंचाई विभाग का कहना है कि इस समय क्लोजर पीरियड चल रहा है, ऐसे में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। इससे यह साफ हो गया है कि इस साल भी छठ पूजा पर नहर सूखी रहेगी। जिससे श्रद्धालु महिलाओं को अस्त होते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए गड्ढों का ही सहारा लेना पड़ेगा।
पूर्वांचल समाज के लोगों धर्मवीर गुप्ता, अंगद गुप्ता, हरिश्चंद्र, सुरेश गुप्ता, ओम प्रकाश आदि ने आरोप लगाया पिछले कई सालों से छठ पूजा के मौके पर सिंचाई विभाग सफाई का बहाना बनाकर खीरी ब्रांच नहर में पानी बंद कर देता है। जिसके चलते महिलाओं को अस्त होते और उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए नहर के गड्ढों में भरे गंदे और बदबूदार पानी का सहारा लेना पड़ता है। आरोप है कि छठ पूजा पर पिछले कई सालों से साल खीरी ब्रांच नहर का पानी बंद हो जाता है। शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते। जिसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानियां उठानी पड़ती है। पूर्वांचल समाज के लोगों ने शासन-प्रशासन से हर साल धूमधाम से मनाए जाने वाले छठ पूजा उत्सव पर वर्ष 2017 से खीरी ब्रांच नहर में पानी बंद नहीं करने की मांग की थी।
इस संबंध में सिंचाई खंड के एक्सईएन शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खीरी ब्रांच नहर का क्लोजर पीरियड चलने के कारण पानी बंद किया गया है। श्रद्धालुओं ने छठ पूजा पर नहर में पानी छोड़ने का आवेदन ऐन वक्त पर किया है। ऐसी स्थिति में नहर में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। खीरी ब्रांच नहर में पानी छोड़ने का कार्य बरेली स्थित सिंचाई खंड से किया जाता है।
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सोमवार को उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा व्रत का समापन।
छठ पूजा के लिए महिलाओं ने शुक्रवार से व्रत प्रांरभ कर दिया है। सूर्य उपासना के प्रमुख पर्व छठ को लेकर जिले में काफी उत्साह है। छठ के लिए जहां बाजार में एक बार फिर रौनक बढ़ गई है वहीं पूजा स्थल सेठ घाट पर साज सज्जा का काम तेजी से चल रहा है। तीन दिनों तक चलनेे वाली छठ पूजा पुत्र और परिवार की सुख समृद्धि और यश के लिए की जाती है।
बिहार प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में छठ सबसे महत्वपूर्ण पर्व हैं। खीरी जिले में पूर्वांचल के मूल निवासियों की बड़ी आबादी है। इस पर्व के पहले दिन शुक्रवार को महिलओं ने सुबह से व्रत रखा। शाम को लौकी और चावल खाकर व्रत तोड़ा। शनिवार को भी महिलाएं सुबह से व्रत रखने के बाद शाम होने से पहले व्रत तोडे़ंगी। मुख्य व्रत रविवार से शुरू होगा।
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रविवार को महिलाएं सुबह 24 घंटे के व्रत की शुरुआत करेंगी। शाम को नदी के पानी में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देंगी। रात भर भजन कीर्तन के बाद सोमवार सुबह महिलाएं उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी संतान और परिवार के लोगों की सुख समृद्धि की कामना करेंगी। इसके बाद उपवास का समापन होगा।
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छठ पूजा के लिए सेठ घाट पर विशेष सफाई व्यवस्था की जा रही है। पूरे घाट को सजाने संवारने का काम जारी है। रविवार दोपहर बाद से यहां भीड़ जुटेगी। रात भी यहां भजन कीर्तन आदि धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा। हर साल छठ पूजा पर जुटने वाली भीड़ के मद्देनजर पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
इस बार भी छठ पर सूखी रहेगी नहर
बांकेगंज। छठ पूजा के लिए खीरी ब्रांच नहर में पानी छोड़ने की मांग पर सिंचाई विभाग ने हाथ खडे़ कर दिए हैं। सिंचाई विभाग का कहना है कि इस समय क्लोजर पीरियड चल रहा है, ऐसे में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। इससे यह साफ हो गया है कि इस साल भी छठ पूजा पर नहर सूखी रहेगी। जिससे श्रद्धालु महिलाओं को अस्त होते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए गड्ढों का ही सहारा लेना पड़ेगा।
पूर्वांचल समाज के लोगों धर्मवीर गुप्ता, अंगद गुप्ता, हरिश्चंद्र, सुरेश गुप्ता, ओम प्रकाश आदि ने आरोप लगाया पिछले कई सालों से छठ पूजा के मौके पर सिंचाई विभाग सफाई का बहाना बनाकर खीरी ब्रांच नहर में पानी बंद कर देता है। जिसके चलते महिलाओं को अस्त होते और उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए नहर के गड्ढों में भरे गंदे और बदबूदार पानी का सहारा लेना पड़ता है। आरोप है कि छठ पूजा पर पिछले कई सालों से साल खीरी ब्रांच नहर का पानी बंद हो जाता है। शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते। जिसके चलते श्रद्धालुओं को परेशानियां उठानी पड़ती है। पूर्वांचल समाज के लोगों ने शासन-प्रशासन से हर साल धूमधाम से मनाए जाने वाले छठ पूजा उत्सव पर वर्ष 2017 से खीरी ब्रांच नहर में पानी बंद नहीं करने की मांग की थी।
इस संबंध में सिंचाई खंड के एक्सईएन शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खीरी ब्रांच नहर का क्लोजर पीरियड चलने के कारण पानी बंद किया गया है। श्रद्धालुओं ने छठ पूजा पर नहर में पानी छोड़ने का आवेदन ऐन वक्त पर किया है। ऐसी स्थिति में नहर में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। खीरी ब्रांच नहर में पानी छोड़ने का कार्य बरेली स्थित सिंचाई खंड से किया जाता है।