{"_id":"67573560d34f9a9a69051f39","slug":"nepal-border-area-becomes-more-sensitive-due-to-terrorist-chaudas-claim-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1004-134782-2024-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: आतंकी चौड़ा के दावे से और संवेदनशील हुआ नेपाल सीमा क्षेत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: आतंकी चौड़ा के दावे से और संवेदनशील हुआ नेपाल सीमा क्षेत्र
विज्ञापन
पलियाकलां। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने वाले नारायण सिंह चौड़ा के खीरी में हथियार छिपाकर रखने के कबूलनामे के बाद हलचल मची हुई है। नेपाल बॉर्डर होने के कारण खीरी जिला आतंकी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के लिए मुफीद ठिकाना माना जा रहा है।
हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है और पंजाब पुलिस द्वारा किसी आरोपी को यहां लाने की बात से भी मुकर रही है। पंजाब पुलिस ने कोर्ट में नारायण सिंह चौड़ा को पेश करते हुए दलील दी थी कि उसने पूछताछ में बताया है कि लखीमपुर खीरी में हथियार व विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है।
आशंका है कि इन हथियारों का प्रयोग आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में हो सकता है। पंजाब पुलिस ने लखीमपुर ले जाने के लिए कोर्ट से दस दिनों की रिमांड भी मांगी थी। लेकिन बताया जाता है कि तीन दिनों की ही रिमांड कोर्ट ने दी है।
विज्ञापन
अब बात करें लखीमपुर खीरी में हथियारों की छिपाने की तो यहां केवल एक ही सबसे सुरक्षित क्षेत्र नेपाल सीमा है। तराई से सटा बॉर्डर होने के कारण आतंकी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग यहां से सुगमता से नेपाल भी जा सकते हैं और पकड़े जाने से बच सकते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा सुरक्षित यह सीमा क्षेत्र ही है।
खीरी में पलिया के गौरीफंटा, चंदनचौकी, संपूर्णानगर के अलावा तिकुनिया क्षेत्र भी नेपाल बाॅर्डर सटा हुआ है। जिससे कहीं न कहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि आतंकी नारायण सिंह चौड़ा द्वारा बाॅर्डर क्षेत्र में ही अपने हथियारों को सुरक्षित किया गया होगा। कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर भी लोग उसकी मदद कर रहे होंगे।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, अभी तक पंजाब पुलिस से यहां कोई नहीं पहुंचा है और न ही सूचना मिली है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पंजाब की एसओजी टीम यहां देखी गई है। गुप्त तरीके से ठिकानों की तलाश की जा रही है। यहां तक कि बाॅर्डर से सटे थानों और कोतवालियों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। पलिया कोतवाल मनबोध तिवारी ने बताया कि पंजाब पुलिस के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई जानकारी मिलती है तो उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है और पंजाब पुलिस द्वारा किसी आरोपी को यहां लाने की बात से भी मुकर रही है। पंजाब पुलिस ने कोर्ट में नारायण सिंह चौड़ा को पेश करते हुए दलील दी थी कि उसने पूछताछ में बताया है कि लखीमपुर खीरी में हथियार व विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है।
विज्ञापन
आशंका है कि इन हथियारों का प्रयोग आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में हो सकता है। पंजाब पुलिस ने लखीमपुर ले जाने के लिए कोर्ट से दस दिनों की रिमांड भी मांगी थी। लेकिन बताया जाता है कि तीन दिनों की ही रिमांड कोर्ट ने दी है।
विज्ञापन
अब बात करें लखीमपुर खीरी में हथियारों की छिपाने की तो यहां केवल एक ही सबसे सुरक्षित क्षेत्र नेपाल सीमा है। तराई से सटा बॉर्डर होने के कारण आतंकी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग यहां से सुगमता से नेपाल भी जा सकते हैं और पकड़े जाने से बच सकते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा सुरक्षित यह सीमा क्षेत्र ही है।
खीरी में पलिया के गौरीफंटा, चंदनचौकी, संपूर्णानगर के अलावा तिकुनिया क्षेत्र भी नेपाल बाॅर्डर सटा हुआ है। जिससे कहीं न कहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि आतंकी नारायण सिंह चौड़ा द्वारा बाॅर्डर क्षेत्र में ही अपने हथियारों को सुरक्षित किया गया होगा। कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर भी लोग उसकी मदद कर रहे होंगे।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, अभी तक पंजाब पुलिस से यहां कोई नहीं पहुंचा है और न ही सूचना मिली है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पंजाब की एसओजी टीम यहां देखी गई है। गुप्त तरीके से ठिकानों की तलाश की जा रही है। यहां तक कि बाॅर्डर से सटे थानों और कोतवालियों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। पलिया कोतवाल मनबोध तिवारी ने बताया कि पंजाब पुलिस के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई जानकारी मिलती है तो उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जाएगा।