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Lakhimpur Kheri News: वाई-वाई समेत चार नूडल्स ब्रांड पर नेपाल में रोक
Tue, 21 Jul 2026 11:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:47 PM IST
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नेपाल की नूडल्स चाउचाऊ। स्रोत : सोशल मीडिया
धनगढ़ी(नेपाल)/गौरीफंटा। नेपाल में वाई-वाई/चाउचाउ सहित चार ब्रांड के नूडल्स के गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण बिक्री पर रोक लगा दी गई है। संबंधित विभाग ने इन्हें बाजार से वापस मंगाने के आदेश दिए हैं। इससे पहले मई में भी दो ब्रांड के नूडल्स की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।
नेपाल की सबसे अधिक बिकने वाली वाई-वाई/चाउचाउ की सीमा से लगे तीन प्रदेशों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की खपत होती आई है। नेपाल स्वास्थ्य तथा खाद्य स्वच्छता मंत्रालय के तहत खाद्य प्रविधि तथा गुण नियंत्रण विभाग की प्रयोगशाला जांच में वाई-वाई/चाउचाउ, गोलमोल, प्रीमियम पीरो और मामा चाउचाउ ब्रांड गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए। इस पर विभाग ने खाद्य स्वच्छता तथा गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के आरोप में चारों ब्रांड की बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही थोक व फुटकर व्यापारियों को बाजार में मौजूद उत्पाद तुरंत वापस लौटाने और बिक्री बंद करने के आदेश दिए हैं।
मई में करेंट चाउचाउ और लाली चाउचाउ में एसिड वैल्यू अधिक मिलने के कारण बिक्री पर रोक लगाई गई थी। नेपाल में सबसे अधिक बिकने वाली प्रसिद्ध वाई-वाई चाउचाउ नूडल्स नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में भी चाव से खाई जाती है, जहां इसकी अच्छी खपत है।
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प्रति वर्ष करोड़ों रुपये के उक्त नूडल्स भारतीय क्षेत्र में ले जाए जाते हैं। नेपाल में प्रतिबंध के बाद भारतीय क्षेत्र में तस्करी कर इन्हें बाजार में खपाए जाने की आशंका को देखते हुए सीमा स्थित सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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नेपाल की सबसे अधिक बिकने वाली वाई-वाई/चाउचाउ की सीमा से लगे तीन प्रदेशों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी प्रति वर्ष करोड़ों रुपये की खपत होती आई है। नेपाल स्वास्थ्य तथा खाद्य स्वच्छता मंत्रालय के तहत खाद्य प्रविधि तथा गुण नियंत्रण विभाग की प्रयोगशाला जांच में वाई-वाई/चाउचाउ, गोलमोल, प्रीमियम पीरो और मामा चाउचाउ ब्रांड गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए। इस पर विभाग ने खाद्य स्वच्छता तथा गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के आरोप में चारों ब्रांड की बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही थोक व फुटकर व्यापारियों को बाजार में मौजूद उत्पाद तुरंत वापस लौटाने और बिक्री बंद करने के आदेश दिए हैं।
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मई में करेंट चाउचाउ और लाली चाउचाउ में एसिड वैल्यू अधिक मिलने के कारण बिक्री पर रोक लगाई गई थी। नेपाल में सबसे अधिक बिकने वाली प्रसिद्ध वाई-वाई चाउचाउ नूडल्स नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में भी चाव से खाई जाती है, जहां इसकी अच्छी खपत है।
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प्रति वर्ष करोड़ों रुपये के उक्त नूडल्स भारतीय क्षेत्र में ले जाए जाते हैं। नेपाल में प्रतिबंध के बाद भारतीय क्षेत्र में तस्करी कर इन्हें बाजार में खपाए जाने की आशंका को देखते हुए सीमा स्थित सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।