फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Some read the father's pain, some felt the pulse of the system.

Lakhimpur Kheri News: किसी ने पिता का दर्द पढ़ा, किसी ने व्यवस्था की नब्ज टटोली

Thu, 29 Oct 2026 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Thu, 29 Oct 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
Some read the father's pain, some felt the pulse of the system.
सुहेला हनुमान मंदिर हुए कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करतीं कवयित्री शिप्रा खरे। स्रोत : आयोजक - फोटो : पूनम गौतम
गोला गोकर्णनाथ। ग्राम सुहेला स्थित श्री हनुमान मंदिर का सप्तम वार्षिकोत्सव विराट कवि सम्मेलन के साथ संपन्न हो गया। सम्मेलन में किसी कवि ने पिता की बेबसी और मुफलिसी का दर्द बयां किया तो किसी ने व्यवस्था पर तीखे व्यंग्य किए। गीत, गजल, हास्य और श्रृंगार रस की रचनाओं से सजी महफिल रात दो बजे तक चलती रही।
विज्ञापन

कवि सम्मेलन का शुभारंभ बाराबंकी से आए कवि शिवकिशोर तिवारी खंजन ने वाणी वंदना से किया। इसके बाद शाहजहांपुर से आए कवि हिमांशु मोहन शुक्ल ने जीवन के संघर्ष को पंक्तियों में पिरोते हुए कहा- बुला रही है जीवन की मझधार बटोही। अभी प्रेम का समय नहीं है यार बटोही।
विज्ञापन

सीतापुर के वरिष्ठ व्यंग्यकार केदारनाथ शुक्ल ने व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा- है रुग्ण व्यवस्था पर न कहीं उपचार दिखाई देता है। यह संविधान ही अब हमको बीमार दिखाई देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लखनऊ से आए गजलकार दीपक सार्थक ने रिश्तों की खटास को इन पंक्तियों में बयां किया- बिगड़ी हुई बातों को बनायेंगे कहां तक। हर बात पे रूठे हो मनाएंगे कहां तक। वहीं, शिवकिशोर तिवारी खंजन ने मुफलिसी और पिता की संवेदनाओं को उकेरते हुए सुनाया- किसी की मुफ़लिसी का ज्वार कभी तुम नाप कर देखो। इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझते परिवार और पिता की मनोदशा को सामने रखा।

सिधौली से आए हास्य कवि लवकुश शुक्ल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को देर तक हंसाया। लखनऊ की ख्यातिप्राप्त कवयित्री सुफलता त्रिपाठी ने गीतों और लोकगीतों से समां बांध दिया। शृंगार रस के वरिष्ठ गीतकार राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इसके अतिरिक्त अभिषेक पांडे, शिप्रा खरे और वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने भी काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कवि डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा गुणशेखर (सूरत) ने की। मुख्य अतिथि विजय शुक्ल रिंकू रहे। संचालन लवकुश शुक्ल ने किया। अंत में संयोजक डॉ. वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed