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मूली उत्पादन में प्रदेश में खीरी जेल अव्वल
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 03 Mar 2015 05:26 PM IST
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प्रदेश के सभी जिला कारागारों में उगाई गई सब्जियों की प्रदर्शनी में खीरी जिला कारागार मूली उत्पादन में पहले स्थान पर आया है। राजभवन और मुख्यमंत्री के गांव सैफई में लगाई गई प्रदर्शनी में कारागार में उगाई गई जौनपुरी और फ्रेंच (ब्रेकफास्ट) मूली को पुरस्कार मिला। साथ ही उत्पादन में मेहनत करने वाले कारागार के बंदियों की भी सराहना की गई।
जेल अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ स्थित राजभवन में 23 फरवरी को सब्जियों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जबकि सैफई में 28 फरवरी को प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिनमें खीरी जेल में उगाई गई दोनों प्रजातियों की मूली की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इन दोनों प्रदर्शनी में बंदी रक्षक विवेक कुमार गौतम ने हिस्सा लेकर मूली की उपयोगिता बताई और प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता में खीरी कारागार में पैदा की गई मूली को प्रथम पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर बंदी रक्षक विवेक को प्रमाण-पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। मूली उत्पादन में पहला नंबर मिलने के बाद खीरी कारागार को और बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
आधे एकड़ में होता है सब्जी उत्पादन
बंदियों को दी जाने वाली सब्जी कारागार परिसर में स्थित कृषि योग्य आधे एकड़ जमीन में उगाई जाती है। इनमें मूली, गोभी, आलू, मिर्चा शामिल है। कारागार में इन दिनों सब्जियों की भरमार होने के कारण सीतापुर से सप्लाई आनी बंद हो गई है।
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कोट..
कारागार के बंदियों और बंदी रक्षकों की मेहनत की बदौलत खीरी जेल को राजभवन और सैफई की प्रदर्शनी में पहला स्थान मिला है। इससे हमें प्रोत्साहन मिला है। हमारा प्रयास है कि अगले वर्ष भी खीरी कारागार को ही यह पुरस्कार मिले।
-एचआर दोहरे, जेल अधीक्षक
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जेल अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ स्थित राजभवन में 23 फरवरी को सब्जियों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जबकि सैफई में 28 फरवरी को प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिनमें खीरी जेल में उगाई गई दोनों प्रजातियों की मूली की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इन दोनों प्रदर्शनी में बंदी रक्षक विवेक कुमार गौतम ने हिस्सा लेकर मूली की उपयोगिता बताई और प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता में खीरी कारागार में पैदा की गई मूली को प्रथम पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर बंदी रक्षक विवेक को प्रमाण-पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। मूली उत्पादन में पहला नंबर मिलने के बाद खीरी कारागार को और बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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आधे एकड़ में होता है सब्जी उत्पादन
बंदियों को दी जाने वाली सब्जी कारागार परिसर में स्थित कृषि योग्य आधे एकड़ जमीन में उगाई जाती है। इनमें मूली, गोभी, आलू, मिर्चा शामिल है। कारागार में इन दिनों सब्जियों की भरमार होने के कारण सीतापुर से सप्लाई आनी बंद हो गई है।
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कोट..
कारागार के बंदियों और बंदी रक्षकों की मेहनत की बदौलत खीरी जेल को राजभवन और सैफई की प्रदर्शनी में पहला स्थान मिला है। इससे हमें प्रोत्साहन मिला है। हमारा प्रयास है कि अगले वर्ष भी खीरी कारागार को ही यह पुरस्कार मिले।
-एचआर दोहरे, जेल अधीक्षक