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कायदे से काम करने की सजा लाइन हाजिर
ब्यूरो /लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:50 PM IST
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धरना
- फोटो : अमर उजाला
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सपा कार्यकर्ता की बिना नंबर की बाइक का चालान होने पर विधायक धरने पर बैठ गए
बाइक सवार र्कोई कागज भी नहीं दिखा पाया
दो घंटे तक कोतवाली में हाई वोल्टेज ड्रामा
सोमवार को एसपी अखिलेश चौरसिया के नेतृत्व में चलाया गया वाहन चेकिंग अभियान पुलिस पर ही भारी पड़ गया, एक सपा कार्यकर्ता का चालान हुआ, सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा ने कोतवाल से उसे छोड़ने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। गुस्से में विधायक कार्यकर्ताओं के साथ सदर कोतवाली में धरने पर बैठ गए और तभी माने जब कोतवाल और एसएसआई को लाइन हाजिर करने का आदेश हो गया।
जिला अस्पताल रोड पर सोमवार की सुबह करीब 10 बजे से एसपी अखिलेश चौरसिया के नेतृत्व में सीओ सिटी एमपी सिंह और कोतवाल गुलाब शंकर पांडेय वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान धौरहरा निवासी सपा कार्यकर्ता शरीफ अहमद की बाइक का चालान कर दिया गया। बाइक पर कोई नंबर नहीं था और मांगने पर वह कागज भी नहीं दिखा पाया। एक प्रधान की बाइक उसका 12 वर्षीय बेटा चला रहा था। शरीफ अहमद और प्रधान दोनों बाइक छुड़वाने के लिए सपा के सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा के पास पहुंच गए। विधायक ने कोतवाल गुलाब शंकर पांडेय को फोन कर तत्काल गाड़ी छोड़ने के लिए कहा तो उन्होंने अभियान का जिक्र कर दो बजे के बाद ही गाड़ी छोड़ने की बात कही। यह बात विधायक तो पहुंची तो वह करीब साढ़े 12 बजे कार्यकर्ताओं के संग सदर कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सभी वहीं बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
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सीओ सिटी एमपी सिंह ने विधायक को समझाना चाहा लेकिन वह नहीं माने। तभी सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, एमएलसी शशांक यादव और विधायक रामसरन भी कोतवाली पहुंच गए, जिससे कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो गया। सपाइयों ने कोतवाल पर दलाली के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी तेज कर दी। करीब दो बजे एएसपी अष्टभुजा प्रसाद सिंह कोतवाली ने वहां पहुंच कर कोतवाल के विरुद्घ कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन सपाई नहीं माने। 2.40 बजे एसपी अखिलेश चौरसिया और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल कोतवाली पहुंचे तो विधायक ने कोतवाल और एसएसआई पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। इस पर एसपी ने कोतवाल और एसएसआई को लाइन हाजिर करते हुए जांच के आदेश दिए। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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