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Lakhimpur Kheri News: हत्या के मामले में दो भाइयों को उम्रकैद की सजा
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लखीमपुर खीरी। मेड़ के विवाद में ग्रामीण की हत्या के 18 साल पुराने मामले में एडीजे प्रतिभा नारायण ने दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशहा निवासी चंद्रिका के खेत के पास गांव के गोपाल और बंटी का खेत भी है। इसी खेत में मेड़ बांधने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी चल रही थी। इसी रंजिश के बीच 20 जुलाई 2005 को चंद्रिका अपनी पत्नी फूलमती के साथ ढखेरवा बाजार गया हुआ था। बाजार से खरीदारी के बाद साइकिल से अपने गांव वापस लौट रहा था।
पप्पू चौधरी के कोल्हू के पास पहले से घात लगा कर बैठे गोपाल, बंटे और दूबर ने चंद्रिका पर हमला बोल दिया। तमंचा से ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए चंद्रिका को मौत के घाट उतार दिया। जब पत्नी फूलमती ने बचाने की कोशिश की तो उसके सिर पर भी जानलेवा प्रहार कर दिया। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान तीसरे दिन 23 जुलाई को आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचे और खून सना चाकू बरामद किया था।
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मामले में बंटी और उसके भाई गोपाल सहित आरोपी दूबर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालती सुनवाई के दौरान ही दूबर की मौत हो गई। लिहाजा उसकी फाइल बंद की गई थी बुधवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे प्रतिभा नारायण ने बंटी और गोपाल को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशहा निवासी चंद्रिका के खेत के पास गांव के गोपाल और बंटी का खेत भी है। इसी खेत में मेड़ बांधने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी चल रही थी। इसी रंजिश के बीच 20 जुलाई 2005 को चंद्रिका अपनी पत्नी फूलमती के साथ ढखेरवा बाजार गया हुआ था। बाजार से खरीदारी के बाद साइकिल से अपने गांव वापस लौट रहा था।
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पप्पू चौधरी के कोल्हू के पास पहले से घात लगा कर बैठे गोपाल, बंटे और दूबर ने चंद्रिका पर हमला बोल दिया। तमंचा से ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए चंद्रिका को मौत के घाट उतार दिया। जब पत्नी फूलमती ने बचाने की कोशिश की तो उसके सिर पर भी जानलेवा प्रहार कर दिया। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान तीसरे दिन 23 जुलाई को आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचे और खून सना चाकू बरामद किया था।
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मामले में बंटी और उसके भाई गोपाल सहित आरोपी दूबर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालती सुनवाई के दौरान ही दूबर की मौत हो गई। लिहाजा उसकी फाइल बंद की गई थी बुधवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे प्रतिभा नारायण ने बंटी और गोपाल को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।