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Lakhimpur Kheri News: ऑनलाइन पंजीकरण न कराने वाले 50 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
Fri, 15 May 2026 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 15 May 2026 12:31 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले के सभी कीटनाशक विक्रेताओं को विभाग के आईपीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 50 विक्रेताओं ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया। ऐसे में विभाग ने कार्रवाई करते हुए सभी लापरवाह विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए।
जिला कृषि अधिकारी एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में करीब 600 कीटनाशक विक्रेता हैं। खाद की तरह अब कृषि दवाओं की बिक्री भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। इसके तहत स्टॉक समेत पूरी जानकारी आईपीएमएस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। सभी विक्रेताओं को पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी (कृषि रक्षा) को फर्मों पर तकनीकी सहयोग के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद कई विक्रेताओं ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। विभाग का मानना है कि इससे स्टॉक और वितरण में गड़बड़ी की आशंका स्पष्ट होती है। ऐसे में 50 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
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-- -- -- -- -इस तरह अपलोड करें अभिलेख-- --
सभी विक्रेताओं को जल्द आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विक्रेता विभागीय वेबसाइट Integrated Pest Management System (IPMS) पर लॉग इन कर आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सकते हैं। तकनीकी समस्या होने पर संबंधित कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय या वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (कृषि रक्षा) से संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध रसायनों के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट दर्ज कराने, स्टॉक एवं विक्रय रजिस्टर नियमित रूप से संधारित करने और मासिक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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जिला कृषि अधिकारी एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में करीब 600 कीटनाशक विक्रेता हैं। खाद की तरह अब कृषि दवाओं की बिक्री भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी है। इसके तहत स्टॉक समेत पूरी जानकारी आईपीएमएस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। सभी विक्रेताओं को पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है।
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उन्होंने बताया कि वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी (कृषि रक्षा) को फर्मों पर तकनीकी सहयोग के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद कई विक्रेताओं ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। विभाग का मानना है कि इससे स्टॉक और वितरण में गड़बड़ी की आशंका स्पष्ट होती है। ऐसे में 50 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
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सभी विक्रेताओं को जल्द आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विक्रेता विभागीय वेबसाइट Integrated Pest Management System (IPMS) पर लॉग इन कर आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सकते हैं। तकनीकी समस्या होने पर संबंधित कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय या वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (कृषि रक्षा) से संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध रसायनों के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट दर्ज कराने, स्टॉक एवं विक्रय रजिस्टर नियमित रूप से संधारित करने और मासिक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।