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खूब बिक रहे कम प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे

Wed, 03 Nov 2021 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 11:58 PM IST
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Less polluting firecrackers being sold
आतिशबाजी की खरीदारी करते लोग।
आसमान में जलवा बिखेरने वाले प्यारो लाइट आतिशबाजी की खूब हो रही बिक्री
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लखीमपुर खीरी। राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में सजा पटाखों का बाजार ग्राहकों से गुलजार है। दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण के मद्देनजर इस बार ग्रीन पटाखों की काफी धूम है। लोग अधिक आवाज करने वाले और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की जगह ग्रीन पटाखों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। वहीं पटाखों की चटाई और आसमानी आतिशबाजी के आइटम ग्राहकों को काफी भा रहे हैं।
पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि इस बार ग्रीन पटाखों की ज्यादा मांग है। इसके अलावा कई तरह के स्टाइलिश पटाखे और अन्य आतिशबाजी की सामग्री बाजार में उपलब्ध है, जो ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
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पटाखा बाजार की सबसे बड़ी दुकान के स्वामी जुबैर अहमद उर्फ राजू का कहना है कि इस बार बाजार में आसमानी आतिशबाजी के आइटम की ज्यादा मांग है। जिन्हें दगाने पर आसमान में रंग बिरंगी रोशनी के साथ आवाज भी आती है। एक बार दगाने पर उसमें तीस बार रंग बिरंगे फौव्वारे निकलते हैं। इनकी आवाज भी सुरीली होती है। यह आइटम 10 आवाज, 15 आवाज, 20 आवाज और 30 आवाज तक उपलब्ध हैं।
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इनके अलावा छोटे पटाखों की चटाइयां भी खूब बिक रही हैं। बाजार मेेें यह पटाखा चटाइयां 25 हजारा तक उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 12 हजार 500 रुपये तक है। साथ ही सुतली बम, कागज पटाखा, मिर्ची पटाखा समेत छोटे पटाखे, फुलझड़ी और फौव्वारों की भी काफी मांग है। छोटे बच्चों के लिए यह सुरक्षित और आकर्षक हैं। पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि पटाखों में इस बार ज्यादा वैरायटी है।

बाजार में पटाखों की वैरायटी ज्यादा, ग्राहक कम
राजू पटाखे वाला के स्वामी जुबैर अहमद ने बताया कि सबसे अच्छे पटाखों का निर्माण शिवा काशी तमिलनाडु में होता है। जहां के पटाखे पूरे देश में बिकते हैं। बताया कि वह इस आतिशबाजी के सामान को लखनऊ और बरेली के थोक व्यापारियों से खरीदते हैं। इस बार पटाखों की वैरायटी तो खूब हैं लेकिन ग्राहकों की कमी है। जिससे इस दिवाली पटाखों का धंधा मंदा रहने की आशंका है।


पलिया में आतिशबाजी की बिक्री घटी
पलियाकलां। बुधवार को दीपावली के एक दिन पहले बाजार में खासी रौनक दिखाई दी। साप्ताहिक बाजार होने के कारण दूरदराज से पहुंचे लोगों ने काफी खरीदारी की।
छोटी दिवाली पर मूर्तियों, किराना, दीया वाली दुकानों पर खासी भीड़ रही। बाईपास रोड पर प्राइवेट बस स्टैंड के सामने आतिशबाजी की दुकानें लगी हैं, लेकिन वहां खरीदार अपेक्षाकृत कम ही दिखाई पड़े। इसके पीछे बाढ़ बड़ा कारण मानी जा रही है। यहां बता दें कि पिछले वर्षों में जहां छोटी दीपावली पर पटाखा बाजार में खरीदारों का रेला चलता था। वहीं इस बार पटाखों की दुकानें सूनी पड़ी हैं। 50 से अधिक लगने वाली दुकानों की संख्या आधी से भी कम पहुंच गई है। संवाद
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