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Lakhimpur Kheri News: जंगल छोड़कर आबादी में घूम रहा तेंदुआ
Sun, 11 Jan 2026 11:00 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:00 PM IST
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निघासन। तराई क्षेत्र में पिछले करीब दो महीनों से तेंदुए की आवाजाही ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जंगल से निकलकर तेंदुआ अब आबादी वाले इलाकों और गांवों के आस-पास खेतों में घूमता नजर आ रहा है।
बेलरायां, मंझरा पूरब, गोविंदपुर, ग्रंट नंबर-12, लालबोझी, दौलतापुर, धर्मापुर और चखरा समेत कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि ग्रामीणों ने की है। बीते दो महीनों के दौरान तेंदुए ने कई गांवों में पालतू जानवरों पर हमला किया है। वहीं महिलाओं सहित लोगों को भी घायल किया है। हाल ही में 25 दिसंबर को गोविंदपुर फार्म क्षेत्र में तेंदुए ने दो पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल और गहरा गया है। इससे पहले मंझरा पूरब में करीब दो सप्ताह पूर्व बाइक सवार पर तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अब तक तेंदुए के हमलों में करीब एक दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
जंगल से सटे गांवों के लोग तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों से भयभीत हैं। कई गांवों में शाम ढलते ही लोग जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों पर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में तेंदुए की आमद से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने या सुरक्षित जंगल क्षेत्र में वापस भेजने की मांग की है, ताकि लोगों को इस भय से निजात मिल सके।
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बेलरायां, मंझरा पूरब, गोविंदपुर, ग्रंट नंबर-12, लालबोझी, दौलतापुर, धर्मापुर और चखरा समेत कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि ग्रामीणों ने की है। बीते दो महीनों के दौरान तेंदुए ने कई गांवों में पालतू जानवरों पर हमला किया है। वहीं महिलाओं सहित लोगों को भी घायल किया है। हाल ही में 25 दिसंबर को गोविंदपुर फार्म क्षेत्र में तेंदुए ने दो पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल और गहरा गया है। इससे पहले मंझरा पूरब में करीब दो सप्ताह पूर्व बाइक सवार पर तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अब तक तेंदुए के हमलों में करीब एक दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
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जंगल से सटे गांवों के लोग तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों से भयभीत हैं। कई गांवों में शाम ढलते ही लोग जंगल से होकर गुजरने वाले रास्तों पर निकलने से बच रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में तेंदुए की आमद से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने या सुरक्षित जंगल क्षेत्र में वापस भेजने की मांग की है, ताकि लोगों को इस भय से निजात मिल सके।
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