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Lakhimpur Kheri News: आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद
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मझगईं के भगवंतनगर गुलरा में तेंदुआ देखने को लगी भीड़। संवाद
मझगईं। कोठिया गांव में करीब एक माह से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लगाए गए पिंजड़े में शनिवार की सुबह कैद हो गया। तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ मौके पर जमा रही। तेंदुए को मझगईं रेंज ले जाया गया। मझगईं रेंज के कोठिया में करीब छह से अधिक बकरियों पर हमला कर उनको मारने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए मझगईं रेंज के अधिकारियों ने कोठिया और गुलरा बाॅर्डर पर दस दिन पूर्व एक पिंजड़ा लगाया था। वनकर्मी इस पिंजड़े की बराबर निगरानी कर रहे थे और तेंदुए को पिंजड़े में कैद करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे।
शनिवार को सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर तेंदुआ आखिरकार वनकर्मियों द्वारा लगाए गए पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के पिंजड़े में फंसने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों का तांता लग गया।
वन विभाग को सूचना मिलने के बाद मझगईं रेंज कार्यालय की टीम भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए तेंदुए की पिंजड़े में हलचल देखी।
इसके बाद वनकर्मियों द्वारा तेंदुए को मझगईं रेंज कार्यालय लाया गया है। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। देर रात तक तेंदुए को मझगईं रेंज कार्यालय में ही रखा गया था और अभी यह तय नहीं हो पाया था कि तेंदुए को कहां छोड़ना है।
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शनिवार को सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर तेंदुआ आखिरकार वनकर्मियों द्वारा लगाए गए पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के पिंजड़े में फंसने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों का तांता लग गया।
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वन विभाग को सूचना मिलने के बाद मझगईं रेंज कार्यालय की टीम भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए तेंदुए की पिंजड़े में हलचल देखी।
इसके बाद वनकर्मियों द्वारा तेंदुए को मझगईं रेंज कार्यालय लाया गया है। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। देर रात तक तेंदुए को मझगईं रेंज कार्यालय में ही रखा गया था और अभी यह तय नहीं हो पाया था कि तेंदुए को कहां छोड़ना है।
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