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Lakhimpur Kheri News: फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर भूमि हड़पी, पांच पर रिपोर्ट
Sun, 22 Feb 2026 12:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:27 AM IST
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लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली के गांव नौरंगाबाद स्थित चर्च की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उसे प्लाटिंग कर बेचने के मामले में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। चर्च की जमीन करोड़ों रुपये की बताई जा रही है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ निवासी रेव्ह लारेन्स जोसफ ने पुलिस को बताया कि गांव नौरंगाबाद में भूमि संख्या 303 रकबा 0.405 हेक्टेयर भूमि असेंबलीज ऑफ गॉड चर्च कोलकाता पश्चिम बंगाल द्वारा पादरी पीसी सैमुअल जनरल सुपरिटेंडन के नाम से दर्ज थी। इस भूमि का बैनामा भी संस्था ने करवाया था।
पादरी पीसी सैमुअल की मौत होने के बाद सैल्वेस्टर गिलवर्ट निवासी मोहल्ला महाराजनगर ने फर्जी और जालसाजी करते हुए दस्तावेज तैयार किए। इतना ही नहीं एक फर्जी तरीके से ट्रस्ट भी बनाया, इसमें अमर जय सिंह निवासी गोरखपुर, हाबिलल निवासी इंदौर हाल पता पहाड़ा बेहड़, गांव ओदरहना निवासी निजामुद्दीन और महेवागंज निवासी देवेंद्र सिंह को शामिल किया। इन लोगों ने मिलीभगत करते हुए फर्जी ट्रस्ट गठित कर 6 नवंबर 2015 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय सदर में पंजीकरण भी करा लिया।
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वर्ष 2023 में राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। जानकारी होने पर सक्षम न्यायालय ने 26 अप्रैल 2025 को आदेश निरस्त कर दिया। तहरीर मिलने के बाद शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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लखनऊ निवासी रेव्ह लारेन्स जोसफ ने पुलिस को बताया कि गांव नौरंगाबाद में भूमि संख्या 303 रकबा 0.405 हेक्टेयर भूमि असेंबलीज ऑफ गॉड चर्च कोलकाता पश्चिम बंगाल द्वारा पादरी पीसी सैमुअल जनरल सुपरिटेंडन के नाम से दर्ज थी। इस भूमि का बैनामा भी संस्था ने करवाया था।
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पादरी पीसी सैमुअल की मौत होने के बाद सैल्वेस्टर गिलवर्ट निवासी मोहल्ला महाराजनगर ने फर्जी और जालसाजी करते हुए दस्तावेज तैयार किए। इतना ही नहीं एक फर्जी तरीके से ट्रस्ट भी बनाया, इसमें अमर जय सिंह निवासी गोरखपुर, हाबिलल निवासी इंदौर हाल पता पहाड़ा बेहड़, गांव ओदरहना निवासी निजामुद्दीन और महेवागंज निवासी देवेंद्र सिंह को शामिल किया। इन लोगों ने मिलीभगत करते हुए फर्जी ट्रस्ट गठित कर 6 नवंबर 2015 को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय सदर में पंजीकरण भी करा लिया।
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वर्ष 2023 में राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज कराने का प्रयास किया। जानकारी होने पर सक्षम न्यायालय ने 26 अप्रैल 2025 को आदेश निरस्त कर दिया। तहरीर मिलने के बाद शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।