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Lakhimpur Kheri News: अब भी नहीं मिली शेल्टर होम के लिए जमीन, नसबंदी ठप... शहर में कुत्तों का आतंक

Sun, 15 Feb 2026 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 15 Feb 2026 11:16 PM IST
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Land for shelter home still unavailable, sterilization stalled... Dogs terrorize the city
सौजन्या चौराहे के पास सड़क पर बैठे कुत्ते। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहरों में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन नसबंदी और शेल्टर होम की व्यवस्था अब तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है। न तो स्थायी शेल्टर की जमीन तय हो पाई है और न ही प्रभावी नसबंदी अभियान शुरू हो सका है। नतीजतन, सड़कों पर कुत्तों के झुंड बेखौफ घूम रहे हैं और हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
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मोहल्लों, बाजारों और स्कूलों के आसपास झुंड बनाकर घूम रहे कुत्ते राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। कई इलाकों में सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोग दहशत में हैं।
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अस्पतालों में डॉग बाइट के मामलों में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 60-70, जिला महिला अस्पताल में 40-50 और विभिन्न सीएचसी मिलाकर रोजाना करीब 300 लोगों को एंटी-रेबीज टीका लगाया जा रहा है। बढ़ते आंकड़े स्थिति की गंभीरता बयां कर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से नसबंदी और टीकाकरण अभियान प्रभावी रूप से नहीं चलाए जा रहे। कूड़े के ढेरों पर भोजन मिलने से कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे समस्या और विकराल होती जा रही है।
नगर निकाय अधिकारियों का कहना है कि पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कुत्तों को पकड़कर दूर छोड़ना प्रतिबंधित है। ऐसे में नसबंदी, टीकाकरण और शेल्टर की व्यवस्था ही एकमात्र स्थायी समाधान है। हालांकि, स्थायी शेल्टर होम के लिए जमीन अब तक तय नहीं हो सकी है।
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केस - 1
स्कूल जाते समय सात वर्षीय बच्चे को किया घायल
मितौली के झाउपुर निवासी विक्रम के सात वर्षीय पुत्र अमन वर्मा को बृहस्पतिवार सुबह स्कूल जाते समय एक लावारिस कुत्ते ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने अमन को लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में अमन का इलाज जारी है।
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केस - 2
मानसिक बीमार महिला को उतारा था मौत के घाट
बीते साल अगस्त में मितौली क्षेत्र के पियरा गांव में लावारिस कुत्तों के एक झुंड ने 45 वर्षीय मानसिक बीमार महिला कैसरजहां पर हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, कुत्ते किसी मरे हुए जानवर को नोच रहे थे और अचानक महिला पर झपट पड़े।
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स्वास्थ्य इकाइयों में एंटी रैबीज उपलब्ध
डॉग बाइट की घटनाओं पर पलिया सीएचसी प्रभारी डॉ. भरत कुमार के अनुसार, सीएचसी में प्रतिदिन 30-40 एंटी-रेबीज डोज की खपत हो रही है। यहां करीब 400 डोज उपलब्ध हैं। चंदनचौकी, मझगईं, सम्पूर्णानगर और गौरीफंटा पीएचसी में भी एंटी-रेबीज उपलब्ध है। गोला सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि 50 वायल (करीब 500 डोज) उपलब्ध हैं। प्रतिदिन लगभग 30 डोज लगाए जा रहे हैं और महीने में करीब 600 डोज दिए जाते हैं। मोहम्मदी सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि 1500 डोज उपलब्ध हैं। निघासन सीएचसी अधीक्षक कुलदीप कुमार सिंह के अनुसार 250 डोज मौजूद हैं और प्रतिदिन 50-70 टीके लगाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भी एंटी-रेबीज टीके का पर्याप्त स्टॉक है।
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जिले में इतने लोगों को लगी वैक्सीन की डोज
वर्ष 2023 - 69881
वर्ष 2024 - 79033
2025 - 60502
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यह होते हैं रेबीज के लक्षण
बुखार, सिरदर्द, पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), तेज हवा से डर (एरोफोबिया), भ्रम, बेचैनी, गले की मांसपेशियों में ऐंठन और लकवा इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे मामलों में 8 से 10 दिन में मरीज की मौत हो सकती है। इसलिए कुत्ते के काटने के 24 घंटे के भीतर वैक्सीन अवश्य लगवाएं।

-डॉ. संतोष मिश्रा, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल
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कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य जल्द शुरू होगा। लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम के लिए लखीमपुर और गोला में जमीन तलाश की जा रही है।
-संजय कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद

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खूंखार कुत्तों को गणना के आधार पर पकड़वाया जा रहा है। चिह्नित स्थान पर रखा जा रहा है। पशु चिकित्सकों से नसबंदी की व्यवस्था कराई जाएगी। फिलहाल, स्थायी शेल्टर होम के लिए जगह तय नहीं हो सकी है।
-सर्वेश कुमार तिवारी, खंड विकास अधिकारी, पलिया
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