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Lakhimpur Kheri News: नसबंदी कराने में लालमती, पुष्पा और राजकुमारी अव्वल
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लखीमपुर खीरी। परिवार कल्याण के कार्यक्रमों में सीएचसी निघासन और बांकेगंज की आशा कार्यकर्ता नंबर वन रही हैं। इन दोनों सीएचसी की तीन आशा कार्यकर्ता 19-19 महिलाओं की नसबंदी कराकर जिले में पहले स्थान पर हैं।
इन तीनों आशाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5700-5700 रुपये मिले हैं। जिले की 15 सीएचसी पर करीब 3500 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इनका काम ग्रामीणों को स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर परिवार कल्याण के कार्यक्रमों को मजबूती देना है। इस मामले में बांकेगंज की आशा कार्यकर्ता लालमती एवं निघासन सीएचसी की पुष्पा देवी व राजकुमारी ने 19-19 महिलाओं को प्रेरित कर नसबंदी कराई है। सर्वाधिक नसबंदी कराने पर तीनों आशाएं जिले में नंबर एक पर है।
यह मिलता है लाभ
परिवान नियोजन कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि महिला एवं पुरुष नसबंदी के मामले में कोई भी व्यक्ति प्रेरक की भूमिका निभा सकता है। नसबंदी कराने वाला व्यक्ति स्वयं भी प्रेरक हो सकता है। पुरुष नसबंदी कराने पर प्रेरक को 400 एवं महिला नसबंदी कराने पर 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रेरक के बैंक खाते में भेजी जाती है। नसबंदी कराने वाली महिला को 2000 और पुरुष को 3000 का भुगतान किया जाता है।
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इन तीनों आशाओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5700-5700 रुपये मिले हैं। जिले की 15 सीएचसी पर करीब 3500 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इनका काम ग्रामीणों को स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर परिवार कल्याण के कार्यक्रमों को मजबूती देना है। इस मामले में बांकेगंज की आशा कार्यकर्ता लालमती एवं निघासन सीएचसी की पुष्पा देवी व राजकुमारी ने 19-19 महिलाओं को प्रेरित कर नसबंदी कराई है। सर्वाधिक नसबंदी कराने पर तीनों आशाएं जिले में नंबर एक पर है।
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यह मिलता है लाभ
परिवान नियोजन कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि महिला एवं पुरुष नसबंदी के मामले में कोई भी व्यक्ति प्रेरक की भूमिका निभा सकता है। नसबंदी कराने वाला व्यक्ति स्वयं भी प्रेरक हो सकता है। पुरुष नसबंदी कराने पर प्रेरक को 400 एवं महिला नसबंदी कराने पर 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रेरक के बैंक खाते में भेजी जाती है। नसबंदी कराने वाली महिला को 2000 और पुरुष को 3000 का भुगतान किया जाता है।
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