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Lakhimpur Kheri News: बाढ़ में गिर गए कच्चे घर, अब तिरपाल के सहारे कट रहा जीवन

Mon, 15 Jul 2024 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2024 12:42 AM IST
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Kutcha houses collapsed in flood, now life is being spent with the help of tarpaulin
लुधौनी गांव में सड़क किनारे छाता लगाकर बैठी बाढ़ पीड़ित महिला। संवाद
खमरिया। ग्राम लुधोनी में पानी भरने से ग्रामीणों के कच्चे घर ढह गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण बेघर हो गए। घरों में बाढ़ का पानी होने और कच्चे घर गिरने की वजह से कुछ परिवार पीलीभीत बस्ती हाईवे के किनारे तिरपाल के सहारे जीवन काट रहे हैं।
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ग्राम लुधोनी की 70 वर्षीय बुजुर्ग जग्गा देवी बताती हैं कि उनके पति लगभग 10 वर्ष पहले गुजर गए थे। उन्हें सरकारी आवास नहीं मिला है। वे लोग छप्पर के नीचे रहते थे। बाढ़ के पानी से छप्पर गिर गया है। सरकारी सहायता के नाम पर लैया, चना, आलू और आटा मिला है। सोमेंद्र कुमार राजपूत का घर बाढ़ के पानी से गिर गया है। जिस छप्पर में रह रहे थे, वहां पानी भरा हुआ है।
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इनको भी कोई सरकारी सहायता नहीं मिली है। गांव के शिव प्रसाद, विनोद कुमार और रीना देवी ने बताया कि उन्हें राशन नहीं मिल पाया है। गांव में रास्ते पर कीचड़ भरा हुआ है। कुछ जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। अधिकतर ग्रामीणों के अनुसार, अभी तक दवा का वितरण नहीं किया गया है।
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गांव में मच्छर बढ़ रहे हैं। बाढ़ के गंदे पानी से बीमारी फैलने की भी आशंका बढ़ गई है। यहां के अमर सिंह, सुरेश कुमार, शत्रोहन लाल, महेश प्रसाद और अनिल कुमार को भी राशन नहीं मिल पाया है।

निघासन में पेयजल और भोजन के लिए तरसे बाढ़ पीड़ित

निघासन। बाढ़ पीड़ित पेयजल, भोजन और बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं। प्रशासन का दावा है अब तक 23,500 लंच पैकेट और छह सौ राशन किट बांटी गई हैं, लेकिन ग्रामीण भूख से परेशान हैं। बस्ती पुरवा के बाढ़ पीड़ित मेवालाल, श्यामलाल और मनोहर आदि ने बताया कि लंच पैकेट दिन में एक बार मिलता है। दिनभर भूखे प्यासे पड़े रहते हैं। मेवालाल ने बताया कि बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा है, जिससे बच्चे भूख से तड़पते है। चारों तरफ गंदा पानी भरा होने के कारण दूषित पानी पीना पड़ रहा है। महेशा देवी ने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं। चारा नहीं मिलने के कारण बकरी भी दूध नहीं देती है, जिससे बच्चों को दूध नहीं मिल पा रहा है। संवाद

लुधौनी गांव में सड़क किनारे छाता लगाकर बैठी बाढ़ पीड़ित महिला। संवाद

लुधौनी गांव में सड़क किनारे छाता लगाकर बैठी बाढ़ पीड़ित महिला। संवाद

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