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कस्तूरबा गांधी स्कूल और प्राथमिक विद्यालयों में बनेगी बाल संसद
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:32 PM IST
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प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री के अलावा सात सदस्यीय मंत्रिमंडल भी होगा
प्रत्येक विद्यालय के बच्चों का सात सदन में होगा विभाजन
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों में बाल संसद का गठन कराया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री का चयन होगा। इसके अलावा सात सदस्यों का मंत्रिमंडल भी बनेगा, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं में सहयोग की भूमिका निभाएंगे। विद्यालय के सभी बच्चों को सात सदनों में विभाजित किया जाएगा।
शिक्षक विद्यालय में बाल संसद गठित कर उसे सक्रिय कराएंगे। विद्यालय के विभिन्न कार्यों के संचालन में बाल संसद का सहयोग लिया जाएगा। बच्चों में उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजगता आएगी। साथ ही बच्चों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मसलन प्रार्थना, योग, स्वच्छता, कक्षा की क्रियाएं, अनुशासन, मिड-डे मील आदि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी बच्चों को सौंपी जाएगी। प्रत्येक सदन में मंत्री एवं उपमंत्री के अलावा चार सहयोगी सदस्य (दो बालक, दो बालिका) भी शामिल होंगे। बाल संसद के संचालन को तीन विभागों गृह, शिक्षा और स्वास्थ्य/स्वच्छता का सृजन किया जाएगा, जिसके संरक्षण का दायित्व शिक्षक पर रहेगा। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
मीना मंच का होगा पुनर्गठन
बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मीना मंच का पुनर्गठन किया जाएगा। इससे बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और स्कूल न जाने वाली बालिकाओं को शिक्षा की धारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
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प्रत्येक विद्यालय के बच्चों का सात सदन में होगा विभाजन
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और प्राथमिक विद्यालयों में बाल संसद का गठन कराया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री का चयन होगा। इसके अलावा सात सदस्यों का मंत्रिमंडल भी बनेगा, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं में सहयोग की भूमिका निभाएंगे। विद्यालय के सभी बच्चों को सात सदनों में विभाजित किया जाएगा।
शिक्षक विद्यालय में बाल संसद गठित कर उसे सक्रिय कराएंगे। विद्यालय के विभिन्न कार्यों के संचालन में बाल संसद का सहयोग लिया जाएगा। बच्चों में उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजगता आएगी। साथ ही बच्चों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। मसलन प्रार्थना, योग, स्वच्छता, कक्षा की क्रियाएं, अनुशासन, मिड-डे मील आदि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी बच्चों को सौंपी जाएगी। प्रत्येक सदन में मंत्री एवं उपमंत्री के अलावा चार सहयोगी सदस्य (दो बालक, दो बालिका) भी शामिल होंगे। बाल संसद के संचालन को तीन विभागों गृह, शिक्षा और स्वास्थ्य/स्वच्छता का सृजन किया जाएगा, जिसके संरक्षण का दायित्व शिक्षक पर रहेगा। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
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मीना मंच का होगा पुनर्गठन
बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मीना मंच का पुनर्गठन किया जाएगा। इससे बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होगा और स्कूल न जाने वाली बालिकाओं को शिक्षा की धारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
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