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करवा चौथ: सुहागिनें आज रखेंगी निर्जला व्रत..बाजारों में रही भीड़
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महिलाओं ने पार्लर पहुंचकर हाथों पर रचाई मेहंदी
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। करवा चौथ का व्रत आज बुधवार को है। महिलाएं सदा सुहागन रहने के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को बाजार में काफी रौनक रही। संजने संवरने के लिए ब्यूटी पार्लर से लेकर सौंदर्य सामग्री की दुकानों तक महिलाओं की काफी भीड़ रही। करवा चौथ व्रत पर महिलाएं अखंड सुहागन के लिए दिन भर व्रत रहकर शाम को करवा माता का पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं। इसके बाद पति के दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं। मंगलवार को खपरैला बाजार में काफी रौनक रही। साड़ी की दुकानों से लेकर शृंगार, चूड़ी, बिंदी आदि की खरीदारी के लिए दिन भर दुकानों पर महिलाओं का जमावड़ा रहा। ब्यूटी पार्लर पहुंचीं महिलाओं ने फेशियल कराने के साथ हाथों पर मेहंदी लगवाई।
गोला गोकर्णनाथ। सुहागिनों के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व है। पति पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण का यह पर्व है। मंगलवार को नगर के तीर्थ बाजार, मेला मैदान में सुहागिनों की काफी भीड़ रही। जहां सुहागिनों ने चूड़ी, सौंदर्य प्रसाधन, करवा, साड़ी, शृंगार सामग्री की जमकर खरीदारी की।
ममरी। करवाचौथ को लेकर ममरी, महेशपुर, अजान, रोशननगर, अहमदनगर आदि स्थानों पर चूड़ियां, सौंदर्य सामग्री, ब्यूटी पार्लर की दुकानों पर सुहागिन महिलाओं, युवतियों की भीड़ बनी रही।
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पलियाकलां। मंगलवार को बाजार गुलजार रहा। महिलाओं की भीड़ के साथ ही शृंगार, ब्यूटी पार्लर, करवा, छलनी समेत अन्य दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। कोरोना संक्रमण को दरकिनार कर बाजार में बिना सामाजिक दूरी का पालन किए ही लोग घूमते रहे।
करवा चौथ पर बन रहा सर्वार्थ सिद्ध योग
देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि इस बार करवा चौथ का व्रत विशेष शुभ संयोग में है। 22 घंटे तक सुख सौभाग्य देने वाला सर्वार्थ सिद्ध योग बन रहा है। बुधवार को मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में चंद्रमा साक्ष का भी संयोग रहेगा। ऐसे में भगवान गणेश, करवा माता और चंद्रमा का पूजन अंखड सौभाग्य के साथ घर परिवार में सुख समृद्धि देने वाला होगा। उन्होंने बताया कि पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 05:34 से 06:52 तक है। वहीं चंद्रोदय 07.57 पर है, लेकिन जिले में चंद्र दर्शन 08:05 पर होगा।
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सजना है मुझे..सजना के लिए
पति के लिए रखे जाने वाले व्रत में सज धज कर शामिल होने के लिए महिलाओं ने मंगलवार को ब्यूटी पार्लर जाकर हाथों पर मेहंदी रचाकर फेशियल कराया।
चूड़ी बाजार में पैर रखने को जगह नहीं
चूड़ी, बिंदी सहित अन्य सौंदर्य सामग्री खरीदने के लिए मंगलवार को खपरैला के चूड़ी बाजार में महिलाओं की दिन भर भीड़ बनी रही।
खूब बिका चूरा
करवा चौथ के पूजन में विशेष तौर पर चूरा से पूजा की जाती है। इसलिए महिलाओं ने बाजार जाकर चूरा आदि की खरीदारी की।
करवा माता की फोटो और सींकें खरीदीं
महिलाओं ने बाजार पहुंचकर करवा माता की फोटो और करवा में लगाने के लिए सींकों की खरीदारी की।
सुहागिनों ने खरीदीं साड़ियां
करवा चौथ व्रत को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह दिखा। बाजार पहुंची महिलाओं ने पूजा में शामिल होने के लिए लाल रंग की साड़ियां खरीदी।
गुलाब और गेंदे की मालाओं की दुकानों पर भीड़
पूजा के लिए फूलों की दुकानों पर भी तैैयारियां शुरू हो गईं। मालियों ने करवा पूजन के लिए गुलाब और गेंदे के माला बनाने का काम शुरू कर दिया।
दिन भर दुकानों पर बनतीं रहीं इमरती
महिलाएं करवा पूजन के बाद पति के हाथ से मीठा खाकर पानी पीने के बाद व्रत तोड़ती हैं। मीठे में इमरती का विशेष महत्व होता है। मंगलवार को मिष्ठान की दुकानों पर दिन भर इमरती बनती रहीं।
करवा की चित्रकारी में प्रेम के रंग भरती हैं महिलाएं
मूड़ा सवारान। ग्रामीण अंचल क्षेत्र में आज भी महिलाएं दीवार पर अपनी लोक कला के माध्यम से करवा माता, गौरी गणेश, शंकर-पार्वती, कार्तिकेय, पशु पक्षी, बिंदी और सुहाग के सामानों से सुसज्जित कर करवा की चित्रकारी अंकित करती हैं। जिसमें उनकी सांस्कृतिक कला की एक अनूठी छवि नजर आती है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं 15 दिन पूर्व से ही करवा की चित्रकारी दीवार पर बनाने लगती हैं। इसमें उनका एक अलग प्रेम झलकता है। संवाद
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गोला गोकर्णनाथ। सुहागिनों के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व है। पति पत्नी के अटूट प्रेम और समर्पण का यह पर्व है। मंगलवार को नगर के तीर्थ बाजार, मेला मैदान में सुहागिनों की काफी भीड़ रही। जहां सुहागिनों ने चूड़ी, सौंदर्य प्रसाधन, करवा, साड़ी, शृंगार सामग्री की जमकर खरीदारी की।
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ममरी। करवाचौथ को लेकर ममरी, महेशपुर, अजान, रोशननगर, अहमदनगर आदि स्थानों पर चूड़ियां, सौंदर्य सामग्री, ब्यूटी पार्लर की दुकानों पर सुहागिन महिलाओं, युवतियों की भीड़ बनी रही।
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पलियाकलां। मंगलवार को बाजार गुलजार रहा। महिलाओं की भीड़ के साथ ही शृंगार, ब्यूटी पार्लर, करवा, छलनी समेत अन्य दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। कोरोना संक्रमण को दरकिनार कर बाजार में बिना सामाजिक दूरी का पालन किए ही लोग घूमते रहे।
करवा चौथ पर बन रहा सर्वार्थ सिद्ध योग
देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि इस बार करवा चौथ का व्रत विशेष शुभ संयोग में है। 22 घंटे तक सुख सौभाग्य देने वाला सर्वार्थ सिद्ध योग बन रहा है। बुधवार को मृगशिरा नक्षत्र और मिथुन राशि में चंद्रमा साक्ष का भी संयोग रहेगा। ऐसे में भगवान गणेश, करवा माता और चंद्रमा का पूजन अंखड सौभाग्य के साथ घर परिवार में सुख समृद्धि देने वाला होगा। उन्होंने बताया कि पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 05:34 से 06:52 तक है। वहीं चंद्रोदय 07.57 पर है, लेकिन जिले में चंद्र दर्शन 08:05 पर होगा।
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सजना है मुझे..सजना के लिए
पति के लिए रखे जाने वाले व्रत में सज धज कर शामिल होने के लिए महिलाओं ने मंगलवार को ब्यूटी पार्लर जाकर हाथों पर मेहंदी रचाकर फेशियल कराया।
चूड़ी बाजार में पैर रखने को जगह नहीं
चूड़ी, बिंदी सहित अन्य सौंदर्य सामग्री खरीदने के लिए मंगलवार को खपरैला के चूड़ी बाजार में महिलाओं की दिन भर भीड़ बनी रही।
खूब बिका चूरा
करवा चौथ के पूजन में विशेष तौर पर चूरा से पूजा की जाती है। इसलिए महिलाओं ने बाजार जाकर चूरा आदि की खरीदारी की।
करवा माता की फोटो और सींकें खरीदीं
महिलाओं ने बाजार पहुंचकर करवा माता की फोटो और करवा में लगाने के लिए सींकों की खरीदारी की।
सुहागिनों ने खरीदीं साड़ियां
करवा चौथ व्रत को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह दिखा। बाजार पहुंची महिलाओं ने पूजा में शामिल होने के लिए लाल रंग की साड़ियां खरीदी।
गुलाब और गेंदे की मालाओं की दुकानों पर भीड़
पूजा के लिए फूलों की दुकानों पर भी तैैयारियां शुरू हो गईं। मालियों ने करवा पूजन के लिए गुलाब और गेंदे के माला बनाने का काम शुरू कर दिया।
दिन भर दुकानों पर बनतीं रहीं इमरती
महिलाएं करवा पूजन के बाद पति के हाथ से मीठा खाकर पानी पीने के बाद व्रत तोड़ती हैं। मीठे में इमरती का विशेष महत्व होता है। मंगलवार को मिष्ठान की दुकानों पर दिन भर इमरती बनती रहीं।
करवा की चित्रकारी में प्रेम के रंग भरती हैं महिलाएं
मूड़ा सवारान। ग्रामीण अंचल क्षेत्र में आज भी महिलाएं दीवार पर अपनी लोक कला के माध्यम से करवा माता, गौरी गणेश, शंकर-पार्वती, कार्तिकेय, पशु पक्षी, बिंदी और सुहाग के सामानों से सुसज्जित कर करवा की चित्रकारी अंकित करती हैं। जिसमें उनकी सांस्कृतिक कला की एक अनूठी छवि नजर आती है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं 15 दिन पूर्व से ही करवा की चित्रकारी दीवार पर बनाने लगती हैं। इसमें उनका एक अलग प्रेम झलकता है। संवाद

पूजा में शामिल होने के लिए लाल रंगी साड़ी खरीदती महिला- फोटो : LAKHIMPUR

-खपरैला के चूड़ी बाजर में चूड़ी खरीदती महिलाएं- फोटो : LAKHIMPUR

गोला में करवा खरीदतीं महिलाएं।- फोटो : LAKHIMPUR