{"_id":"68812187021fa762d107548a","slug":"karsaur-village-in-danger-due-to-erosion-of-sharda-river-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-151425-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri: शारदा नदी के कटान से करसौर गांव पर खतरा, घरों को तोड़कर पलायन करने को मजबूर ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri: शारदा नदी के कटान से करसौर गांव पर खतरा, घरों को तोड़कर पलायन करने को मजबूर ग्रामीण
Thu, 24 Jul 2025 05:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 24 Jul 2025 05:38 PM IST
विज्ञापन
करसौर में शारदा नदी की कटान के चलते मकान तोड़ते लोग।
- फोटो : संवाद
लखीमपुर खीरी के बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र के गांव करसौर में शारदा नदी की कटान से स्थिति चिंताजनक हो गई है। मंगलवार देर शाम करसौर गांव का सातवां मकान भी नदी में समा गया। इससे पहले छह मकान कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। नदी के कटान से चंद्रिका, मुकेश, पुनीत, सोनू, ओमप्रकाश, शिवकुमार और अशर्फी के परिवार बेघर हो गए हैं। गांव के अन्य घर भी कटान के निशाने पर बने हुए हैं। इससे भयभीत लोग खुद ही अपने घरों को तोड़कर पलायन करने के लिए विवश हो रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र के नयापुरवा और चकपुरवा गांव पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। इन गांवों के विस्थापित लोग आज भी बांधों पर झोंपड़ियां बनाकर रह रहे हैं। कई एकड़ फसल और कृषि योग्य भूमि नदी में बह चुकी है। बेचेपुरवा गांव भी अब शारदा नदी से चंद कदमों की दूरी पर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर साल केवल निरीक्षण और रिपोर्ट तक सीमित रहता है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती।
विज्ञापन
गोला तहसीलदार भीमशंकर सिंह ने बताया कि दो मकानों की सहायता राशि कटान पीड़ितों को भेज दी गई है तथा अन्य मकानों की फाइल भी पूर्ण है। उसे भी जल्दी भेज दिया जाएगा। प्रशासन से मिलने वाली सभी राहत संबंधी सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन