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आबादी के निकट पहुंचा उत्पाती नेपाली हाथियों का झुंड
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बांकेगंज(लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेेशनल पार्क के किशनपुर सेंक्चुरी की नाचनताल और उल्ल नदी किनारे करीब 10 घंटे रुकने के बाद हाथियों के कुनबे ने बुधवार रात के बाद वापस न होकर डीटीआर बफरजोन की मैलानी रेंज की गढ़ा बीट की ओर रूख कर लिया। जहां इन उत्पाती नेपाली हाथियों ने जंगल से सटे किसान के खेत में गन्ना और धान की फसल रौंदने के बाद खीरी ब्रांच नहर पटरी से चहलकदमी करते हुए भीरा-पलिया हाइवे की रोड क्रास कर किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी (वन्यजीव विहार) रेंज के मड़हा जंगल में पहुंचे। अफसरों ने वन कर्मियों की टीम के साथ हाथियों के मल और पगचिन्ह ट्रेस किए हैं।
दो दिन पहले नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से निकला 10 हाथियों का झुंड पीलीभीत जिले की हरीपुर रेंज पहुंच गया था, लेकिन यह दल वहां रुका नहीं। मंगलवार रात वहां से चलता हुआ यह दल डीटीआर बफरजोन की भीरा रेंज केेेे महराजनगर बीट जंगल से सटी उल्ल नदी के किनारे-किनारे होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी की चलतुआ और बाबा फार्म आबादी से होता हुआ नाचनताल पहुंच गया था। वहां रात भर रहने के बाद बृहस्पतिवार तड़के जंगल से होते हुए मैलानी रेंज की गढ़ा बीट जंगल में प्रवेश कर दिया। इसके बाद जंगल किनारे आबादी में किसान सुखविंदर सिंह की दो एकड़ गन्ना और धान की फसलों को रौंदने के बाद खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) पटरी की ओर रूख किया। जहां उत्पाती नेपाली हाथी नहर पटरी किनारे-किनारे चलते हुए भीरा-पलिया हाइवे क्रॉस कर किशनपुर सैंक्चुरी की मैलानी रेंज के मड़हा जंगल में जा घुसे। जहां हाथियों ने उत्पात मचाते हुए जंगल के अंदर एक बैरियर को तोड़ दिया। इनके कुनबे में आठ हाथी हैं जिसमें हाथियों के दो बच्चे भी हैं।
आबादी के पास पहुंचे हाथी
हाथियों की दस्तक की सूचना मिलते ही डीटीआर बफरजोन के अफसरों में हड़कंप मच गया। इस बीच मड़हा जंगल किनारे बसी आबादी में उत्पाती नेपाली हाथियों की पहुंचने की संभावना के चलते अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। वन विभाग ने आनन-फानन में बांकेगंज क्षेत्र के पटीसा नगर, इंदिरा नगर और परवस्त नगर गुरुद्वारों में लगे माइकों से एलान करते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। फिलहाल वन विभाग नेपाली उत्पाती हाथियों की लोकेशन मड़हा जंगल और राजनरायनपुर रेलवे स्टेशन के बीच बता रहा है। उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल टीम के साथ मैलानी रेंज के जंगल पहुंचे और निगरानी में जुटे हुए हैं।
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हाथियों की गतिविधि पर नजर
उत्पाती नेपाली जंगली हाथियों के गांव में पहुंचने की आशंका से जटपुरा, सोहनरा भूड़, हरदुआ, ढ़ाका, खंजनपुर, बासुकपुर, इंद्रा नगर, ग्रंट नंबर 3, परवस्त नगर, ढ़कैया, सीतारामपुर आदि के लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है हाथी कभी-कभी काफी आक्रामक हो जाते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ झोपड़ियां तहस-नहस कर देते हैं। सामने पड़ जाने पर इंसान भी इनके हमले का शिकार होते हैं। हालांकि, अफसरों ने ऐसी स्थिति नहीं आने की संभावना जताई है। उन्होंने हाथियों के प्रत्येक मूवमेंट को ट्रेस कर रहे हैं।
मैलानी रेंज जंगल में पहुंचे नेपाली हाथियों के दल की टीम लगातार निगरानी कर रही है। हाथियों का रुख आबादी की ओर न हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, डीटीआर, बफरजोन
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दो दिन पहले नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी से निकला 10 हाथियों का झुंड पीलीभीत जिले की हरीपुर रेंज पहुंच गया था, लेकिन यह दल वहां रुका नहीं। मंगलवार रात वहां से चलता हुआ यह दल डीटीआर बफरजोन की भीरा रेंज केेेे महराजनगर बीट जंगल से सटी उल्ल नदी के किनारे-किनारे होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी की चलतुआ और बाबा फार्म आबादी से होता हुआ नाचनताल पहुंच गया था। वहां रात भर रहने के बाद बृहस्पतिवार तड़के जंगल से होते हुए मैलानी रेंज की गढ़ा बीट जंगल में प्रवेश कर दिया। इसके बाद जंगल किनारे आबादी में किसान सुखविंदर सिंह की दो एकड़ गन्ना और धान की फसलों को रौंदने के बाद खीरी ब्रांच (बड़ी नहर) पटरी की ओर रूख किया। जहां उत्पाती नेपाली हाथी नहर पटरी किनारे-किनारे चलते हुए भीरा-पलिया हाइवे क्रॉस कर किशनपुर सैंक्चुरी की मैलानी रेंज के मड़हा जंगल में जा घुसे। जहां हाथियों ने उत्पात मचाते हुए जंगल के अंदर एक बैरियर को तोड़ दिया। इनके कुनबे में आठ हाथी हैं जिसमें हाथियों के दो बच्चे भी हैं।
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आबादी के पास पहुंचे हाथी
हाथियों की दस्तक की सूचना मिलते ही डीटीआर बफरजोन के अफसरों में हड़कंप मच गया। इस बीच मड़हा जंगल किनारे बसी आबादी में उत्पाती नेपाली हाथियों की पहुंचने की संभावना के चलते अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। वन विभाग ने आनन-फानन में बांकेगंज क्षेत्र के पटीसा नगर, इंदिरा नगर और परवस्त नगर गुरुद्वारों में लगे माइकों से एलान करते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। फिलहाल वन विभाग नेपाली उत्पाती हाथियों की लोकेशन मड़हा जंगल और राजनरायनपुर रेलवे स्टेशन के बीच बता रहा है। उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल टीम के साथ मैलानी रेंज के जंगल पहुंचे और निगरानी में जुटे हुए हैं।
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हाथियों की गतिविधि पर नजर
उत्पाती नेपाली जंगली हाथियों के गांव में पहुंचने की आशंका से जटपुरा, सोहनरा भूड़, हरदुआ, ढ़ाका, खंजनपुर, बासुकपुर, इंद्रा नगर, ग्रंट नंबर 3, परवस्त नगर, ढ़कैया, सीतारामपुर आदि के लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है हाथी कभी-कभी काफी आक्रामक हो जाते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ झोपड़ियां तहस-नहस कर देते हैं। सामने पड़ जाने पर इंसान भी इनके हमले का शिकार होते हैं। हालांकि, अफसरों ने ऐसी स्थिति नहीं आने की संभावना जताई है। उन्होंने हाथियों के प्रत्येक मूवमेंट को ट्रेस कर रहे हैं।
मैलानी रेंज जंगल में पहुंचे नेपाली हाथियों के दल की टीम लगातार निगरानी कर रही है। हाथियों का रुख आबादी की ओर न हो, इसका प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, डीटीआर, बफरजोन