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Lakhimpur Kheri News: फिर राज्यसभा में गूंजा पचपेड़ी पुल का मुद्दा

Fri, 26 Jul 2024 03:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2024 03:01 AM IST
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Issue of Pachpedi bridge echoed again in review
पचपेड़ी घाट पुल। संवाद
महेवागंज/फूलबेहड़। पचपेड़ी घाट पर पुल बनाने का मुद्दा एक बार फिर राज्यसभा में गूंजा। बसपा के राज्य सभा सांसद रामजी गौतम ने सदन में मामले को जोरशोर से उठाया। संसद और विधान सभा तक इस पुल की मांग उठी। लेकिन आज तक ग्रामीणों की यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
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फूलबेहड़ और निघासन के रास्ते में पड़ने वाली शारदा नदी पर पीपों का अस्थायी पुल बनाया गया है। रोजाना सैकड़ों लोगों का यहां से आना-जाना होता है। पुल के जरिये मुख्यालय से निघासन तक की दूरी 30 किलोमीटर पड़ती है। बरसात के दिनों में नदी उफनाने पर अस्थायी पुल हटा दिया जाता है। इससे मुख्यालय से निघासन की दूरी 60 किलोमीटर हो जाती है। वहीं निघासन के अदलाबाद से पचपेड़ी घाट अस्थायी पुल होकर फूलबेहड़ और लखीमपुर की दूरी करीब आधी रह जाती है।
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सामरिक दृष्टिकोण से भी अहम
नेपाल बाॅर्डर से करीब के इलाकों में तिकोनियां, बेलरायां, सिंगाही, डॉगा, निघासन, रकेहटी, मिर्जागंज, बिनौरा, सोठियाना और अदलाबाद सहित करीब एक सौ से ज्यादा गांवों की करीब दो लाख की आबादी का सात महीने यहां से आना-जाना रहता है। पुल बन जाए तो पलिया और नेपाल बाॅर्डर तक जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
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जब से जानने वाले हुए हैं, तब से कांग्रेस, बसपा, भाजपा और सपा की सरकार रहीं। कई बार पुल बनाने की बात हुई, उम्मीद भी जगी। एक बार मिट्टी का सैंपल भी लिया गया। फिर भी पुल का निर्माण नहीं हुआ।
राधे श्याम यादव


फोटो-55
रास्ता बंद होने पर लखीमपुर से निघासन की दूरी 60 किलोमीटर हाे जाती है। जो भी सरकारें आईं, सभी ने किसानों और बाढ़ पीड़ितों को सिर्फ छला ही है। पचपेड़ी घाट का पुल बन जाए तो इलाका तरक्की कर जाए।

सफीक खां

फोटो-56
पचपेड़ी घाट पुल न बनने से तराई का इलाका तरक्की नहीं कर पाया। पुल बन जाने से हर महीने लाखों रुपये की बचत होगी। पुल न बनने की वजह से शारदानगर से ढखेरवा चौराहा होकर निघासन जाना पड़ता है।
रामसकल

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

पचपेड़ी घाट पुल। संवाद

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