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Lakhimpur Kheri News: मोबाइल की लत से बढ़ रही अनिद्रा, अस्पतालों में बढ़े मरीज
Sat, 06 Sep 2025 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 06 Sep 2025 11:03 PM IST
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लखीमपुर। मोबाइल फोन का लगातार कई घंटों तक उपयोग अब सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है। लोग नींद संबंधी बीमारियां, खासकर अनिद्रा के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में हर उम्र के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि प्रतिदिन ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनमें अनिद्रा के लक्षण पाए जा रहे हैं और जिन्हें दवा के साथ परामर्श भी देना पड़ रहा है।
शनिवार को जिला अस्पताल की मानसिक रोग की ओपीडी में करीब 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें अनिद्रा के तकरीबन 40-50 मरीज आए।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन करीब 40 से 50 प्रतिशत मरीज अनिद्रा रोग के आ रहे हैं। लोग मोबाइल के उपयोग की जगह दुरुपयोग कर रहे हैं। मोबाइल पर ज्यादा समय देने के कारण लोगों में अनिद्रा की बीमारी बढ़ रही हैं। खासकर रात के समय लोगों को मोबाइल से दूरी बनाने की जरूरत है। अगर अनिद्रा की शिकायत है तो उचित चिकित्सक से परामर्श लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन पर असर डालती है। इससे दिमाग देर तक सक्रिय रहता है और नींद आने में कठिनाई होती है। खासकर रात में सोने से पहले मोबाइल का अधिक उपयोग करने वाले लोग इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, गेम्स और ऑनलाइन सामग्री देखने की आदत भी मानसिक तनाव बढ़ा रही है, जिससे नींद बिगड़ जाती है।
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चिकित्सकों ने बताया कि अनिद्रा सिर्फ थकान या चिड़चिड़ापन ही नहीं लाती, बल्कि लंबे समय में यह डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्मरण शक्ति कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। संवाद
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शनिवार को जिला अस्पताल की मानसिक रोग की ओपीडी में करीब 150 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें अनिद्रा के तकरीबन 40-50 मरीज आए।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन करीब 40 से 50 प्रतिशत मरीज अनिद्रा रोग के आ रहे हैं। लोग मोबाइल के उपयोग की जगह दुरुपयोग कर रहे हैं। मोबाइल पर ज्यादा समय देने के कारण लोगों में अनिद्रा की बीमारी बढ़ रही हैं। खासकर रात के समय लोगों को मोबाइल से दूरी बनाने की जरूरत है। अगर अनिद्रा की शिकायत है तो उचित चिकित्सक से परामर्श लें।
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विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन पर असर डालती है। इससे दिमाग देर तक सक्रिय रहता है और नींद आने में कठिनाई होती है। खासकर रात में सोने से पहले मोबाइल का अधिक उपयोग करने वाले लोग इस समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, गेम्स और ऑनलाइन सामग्री देखने की आदत भी मानसिक तनाव बढ़ा रही है, जिससे नींद बिगड़ जाती है।
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चिकित्सकों ने बताया कि अनिद्रा सिर्फ थकान या चिड़चिड़ापन ही नहीं लाती, बल्कि लंबे समय में यह डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्मरण शक्ति कमजोर होने जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। संवाद