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प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर खंड प्रेरक ने ग्रामीणों से लाखों वसूले
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house
- फोटो : istock
फर्जी चयन सूची बनाकर की अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश
बेहजम ब्लॉक का मामला, डीपीआरओ ने प्रेरक को नोटिस जारी किया
लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लॉक में पंचायती राज विभाग के एक खंड प्रेरक ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठग लिए हैं। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि खंड प्रेरक ने फर्जी चयन सूची भी जारी कर दी है, जिसे जांच में ब्लॉक के अधिकारियों ने फर्जी करार दिया है। इससे पैसा दे चुके ग्रामीणों समेत प्रधानों में खलबली है। वहीं फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत डीपीआरओ समेत सीएम से की गई है। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने खंड प्रेरक को नोटिस जारी कर दिया है और बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलचौरा में लोगों को खंड प्रेरक नीतू सक्सेना ने पहले लाभार्थियों को शौचालय दिलाए, जिससे प्रधान और ग्रामीण भी प्रभावित हो गए। इसके बाद खंड प्रेरक ने उच्चाधिकारियों तक पहुंच का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया, जिस पर लोगों ने विश्वास कर लिया। प्रधान इश्तियाक खान ने भी खंड प्रेरक की बातों पर भरोसा करके प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से संपर्क किया। बताते हैं कि खंड प्रेरक ने प्रति आवास सात हजार रुपये प्रत्येक लाभार्थी से वसूले और 15 दिन के अंदर आवास आवंटित कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्राम पंचायत के 70 लोगों ने कुल 4.90 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद निजामुद्दीन पुत्र लतीफ खां समेत ग्रामीणों व प्रधान इश्तियाक खान ने खंड प्रेरक के कार्यालय जाकर 3.40 लाख रुपये खंड प्रेरक को दिए गए।
प्रधान ने बताया कि रुपये देने के कुछ दिन बाद खंड प्रेरक ने आवास आवंटन सूची निजामुद्दीन के माध्यम से मिली, जिसकी बेहजम ब्लॉक के आवास पटल सहायक याकूब बाबू से जांच कराई गई तो आवास पटल सहायक ने आवास आवंटन सूची को फर्जी करार दिया, जिसके बाद दूसरे दिन खंड प्रेरक को ब्लॉक में बुलाकर आवास पटल सहायक ने 65 हजार रुपये वापस करा दिए। शेष 2.75 लाख रुपये बाद में देने की बात कहकर खंड प्रेरक ने पल्ला झाड़ लिया।
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वहीं ग्रामीणों ने प्रधान से रुपये वापस मांगे तो मामले की शिकायत डीपीआरओ से की गई। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सियाथू निवासी निवासी ललित कुमार ने भी खंड प्रेरक नीतू सक्सेना के खिलाफ डीएम से शिकायत करते हुए बताया है कि यहां भी लोगों को आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से 2.80 लाख रुपये वसूले गए। काफी दिन बीतने के बाद भी लोगों को आवास नहीं मिले और रुपये भी वापस नहीं किए जा रहे हैं।
बेहजम ब्लॉक की खंड प्रेरक द्वारा ग्राम पंचायत गुलचौरा व सियाथू में लोगों को आवास दिलाने के नाम पर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। प्रधानों ने भी इसकी शिकायत की है। प्रारंभिक जांच में खंड प्रेरक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है, जिससे नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही जिला स्वच्छता समिति की बैठक में संविदा कर्मी की सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया जाएगा।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ
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बेहजम ब्लॉक का मामला, डीपीआरओ ने प्रेरक को नोटिस जारी किया
लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लॉक में पंचायती राज विभाग के एक खंड प्रेरक ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठग लिए हैं। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि खंड प्रेरक ने फर्जी चयन सूची भी जारी कर दी है, जिसे जांच में ब्लॉक के अधिकारियों ने फर्जी करार दिया है। इससे पैसा दे चुके ग्रामीणों समेत प्रधानों में खलबली है। वहीं फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायत डीपीआरओ समेत सीएम से की गई है। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने खंड प्रेरक को नोटिस जारी कर दिया है और बर्खास्तगी की कार्रवाई करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलचौरा में लोगों को खंड प्रेरक नीतू सक्सेना ने पहले लाभार्थियों को शौचालय दिलाए, जिससे प्रधान और ग्रामीण भी प्रभावित हो गए। इसके बाद खंड प्रेरक ने उच्चाधिकारियों तक पहुंच का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया, जिस पर लोगों ने विश्वास कर लिया। प्रधान इश्तियाक खान ने भी खंड प्रेरक की बातों पर भरोसा करके प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से संपर्क किया। बताते हैं कि खंड प्रेरक ने प्रति आवास सात हजार रुपये प्रत्येक लाभार्थी से वसूले और 15 दिन के अंदर आवास आवंटित कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्राम पंचायत के 70 लोगों ने कुल 4.90 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद निजामुद्दीन पुत्र लतीफ खां समेत ग्रामीणों व प्रधान इश्तियाक खान ने खंड प्रेरक के कार्यालय जाकर 3.40 लाख रुपये खंड प्रेरक को दिए गए।
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प्रधान ने बताया कि रुपये देने के कुछ दिन बाद खंड प्रेरक ने आवास आवंटन सूची निजामुद्दीन के माध्यम से मिली, जिसकी बेहजम ब्लॉक के आवास पटल सहायक याकूब बाबू से जांच कराई गई तो आवास पटल सहायक ने आवास आवंटन सूची को फर्जी करार दिया, जिसके बाद दूसरे दिन खंड प्रेरक को ब्लॉक में बुलाकर आवास पटल सहायक ने 65 हजार रुपये वापस करा दिए। शेष 2.75 लाख रुपये बाद में देने की बात कहकर खंड प्रेरक ने पल्ला झाड़ लिया।
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वहीं ग्रामीणों ने प्रधान से रुपये वापस मांगे तो मामले की शिकायत डीपीआरओ से की गई। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सियाथू निवासी निवासी ललित कुमार ने भी खंड प्रेरक नीतू सक्सेना के खिलाफ डीएम से शिकायत करते हुए बताया है कि यहां भी लोगों को आवास दिलाने के लिए ग्रामीणों से 2.80 लाख रुपये वसूले गए। काफी दिन बीतने के बाद भी लोगों को आवास नहीं मिले और रुपये भी वापस नहीं किए जा रहे हैं।
बेहजम ब्लॉक की खंड प्रेरक द्वारा ग्राम पंचायत गुलचौरा व सियाथू में लोगों को आवास दिलाने के नाम पर रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। प्रधानों ने भी इसकी शिकायत की है। प्रारंभिक जांच में खंड प्रेरक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई है, जिससे नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही जिला स्वच्छता समिति की बैठक में संविदा कर्मी की सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया जाएगा।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ