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सीएए लागू होना स्वागत योग्य कदम : शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम

Wed, 13 Mar 2024 11:10 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2024 11:10 PM IST
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Implementation of CAA is a welcome step: Shankaracharya Rajarajeshwarashram
लखीमपुर खीरी। हिंदुओं के पास सिर्फ एक देश है, ऐसे में सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) को लेकर भारत के मुस्लिमों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ऐसे कई देश हैं जो मुस्लिम राष्ट्र हैं। ऐसे में जैन, सिख, बौद्ध शरणार्थियों को अगर सीएए के दायरे में नागरिकता दी जा रही है तो इसका किसी को विरोध नहीं करना चाहिए। ये बातें शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
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उद्यमी प्रेमशंकर अग्रवाल के पंजाबी कॉलोनी स्थित आवास पर आए शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने देश में सीएए लागू करने के लिए केंद्र सरकार को बधाई दी। कहा, भारत हिंदुओं का देश है। अगर हिंदुओं को भारत में संरक्षण नहीं मिलेगा तो कहां मिलेगा। जैन, सिख और बौद्ध समेत अन्य मतावलंबी भी हिंदू समाज की शाखाएं हैं, इन्हें हिंदू समाज से अलग नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध, महावीर स्वामी और गुरुनानक से लेकर गुरु गोविंद सिंह तक सबकी जड़ें सनातन धर्म से जुड़ी हैं, इसलिए भारत देश में यह स्वाभाविक है। यह कोई राजनीति का अंग नहीं है। इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
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महाराज ने कहा कि देश के विकास को सिर्फ आर्थिक विकास के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। बल्कि, किसी भी राष्ट्र के संस्कार, चिंतन और चरित्र का सम्यक विकास होना चाहिए। किसी भी राष्ट्र की सामाजिक, राष्ट्रीय चेतना का भाव क्या है, यह देखना चाहिए।
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यूसीसी लागू करने पर उत्तराखंड सरकार का किया अभिनंदन
उत्तराखंड में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू होने पर शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने राज्य सरकार का अभिनंदन किया। कहा, केंद्र सरकार को भी जल्द यूसीसी लागू करनी चाहिए। एक राष्ट्र-एक संविधान से नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए। इसमें मुसलमानों के लिए चिंता की बात नहीं है, क्योंकि अगर एक परिवार के सभी सदस्य अपना-अपना मत रखेंगे तो दिक्कत होगी। इसलिए राष्ट्र के विकास के लिए यह बहुत आवश्यक है कि समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू होनी चाहिए।
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