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Lakhimpur Kheri News: पढ़ना-लिखना सीखेंगे निरक्षर, शुरू होगा विशेष अभियान
Tue, 14 Apr 2026 11:54 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 14 Apr 2026 11:54 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और शिक्षामित्रों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में करीब 3040 शिक्षामित्र और लगभग 3500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। 28 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब तीन लाख महिलाएं भी इस अभियान में सहयोग करेंगी। शासन के निर्देश पर निरक्षरों की पहचान का कार्य तेज कर दिया गया है।
उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों को साक्षर बनाया जाएगा, जिन्हें पढ़ना-लिखना या अंकों का ज्ञान नहीं है। इसके लिए शिक्षामित्रों का उल्लास पोर्टल पर सर्वेयर के रूप में पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरक्षरों की पहचान करेंगे।
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अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों में रैली, बैनर, तख्तियां, दीवारों पर पेंटिंग और नुक्कड़-नाटक जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।
इस अभियान में वालंटियर के रूप में कक्षा पांच और उससे ऊपर के छात्र, एनएसएस, एनसीसी, डीएलएड और बीएड के विद्यार्थी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी जोड़े जाएंगे। प्रत्येक वालंटियर को कम से कम चार से पांच निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से जिले में साक्षरता दर में सुधार होगा और अधिक से अधिक लोग पढ़ना-लिखना सीख सकेंगे।
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बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में करीब 3040 शिक्षामित्र और लगभग 3500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं। 28 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब तीन लाख महिलाएं भी इस अभियान में सहयोग करेंगी। शासन के निर्देश पर निरक्षरों की पहचान का कार्य तेज कर दिया गया है।
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उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों को साक्षर बनाया जाएगा, जिन्हें पढ़ना-लिखना या अंकों का ज्ञान नहीं है। इसके लिए शिक्षामित्रों का उल्लास पोर्टल पर सर्वेयर के रूप में पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरक्षरों की पहचान करेंगे।
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अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों में रैली, बैनर, तख्तियां, दीवारों पर पेंटिंग और नुक्कड़-नाटक जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।
इस अभियान में वालंटियर के रूप में कक्षा पांच और उससे ऊपर के छात्र, एनएसएस, एनसीसी, डीएलएड और बीएड के विद्यार्थी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी जोड़े जाएंगे। प्रत्येक वालंटियर को कम से कम चार से पांच निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से जिले में साक्षरता दर में सुधार होगा और अधिक से अधिक लोग पढ़ना-लिखना सीख सकेंगे।