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बिना संसाधन कैसे शुरू होगा ग्राम सचिवालयों में कामकाज
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तिकुनिया ग्राम पंचायत के मिनी सचिवालय में उगीं झाड़ियां।
छह ग्राम पंचायतों में जमीन न मिल पाने से शुरू नहीं हो सका है भवन का निर्माण कार्य
कुछ पंचायत घर हैं जर्जर हालत में तो कुछ पर दूसरे विभागों ने कर रखा है कब्जा
लखीमपुुर खीरी। ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर दी गई है, इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, बावजूद इसके कामकाज अभी शुरू नहीं हो सका है, जिसका कारण संसाधनों का अभाव है। यहां बता दें कि ग्राम सचिवालयों को दफ्तर के तौर पर शुरू करने के लिए अब तक कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की खरीद नहीं की जा सकी है।
जनपद में कुल 1165 ग्राम पंचायतों में से 412 ग्राम पंचायतों में नए पंचायत घर बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष अब तक 337 पंचायत घर पूर्ण हुए हैं। 75 ग्राम पंचायतों में विभिन्न कारणों से पंचायत घरों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। छह ग्राम पंचायतों में जमीन नहीं मिल पाने से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं जिन ग्राम पंचायतों में पहले से पंचायत घर बने हैं, उनमें देखरेख के अभाव में कई जर्जर हो चुके हैं। तो कुछ पंचायत घरों पर दूसरे विभागों का कब्जा बना हुआ है, जिससे इनमें ग्राम सचिवालय की स्थापना कराने में मुश्किलें आएंगी। ग्राम पंचायत मितौली के पंचायत घर पर करीब आठ साल से बेसिक शिक्षा विभाग का कब्जा है, जिसमें बीआरसी संचालित किया जा रहा है। संसारपुर में बैंक संचालित हो रही है, तो फूलबेहड़ में खाद गोदाम बना है। ऐसे ही कुछ अन्य ग्राम पंचायतों के पंचायत घर पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर रखा है।
1.75 लाख से खरीदे जाएंगे उपकरण और फर्नीचर
ग्राम सचिवालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को 1.75 लाख रुपये व्यय करने की अनुमति करीब पांच माह पहले दी जा चुकी है, जिससे कंप्यूटर सिस्टम, फर्नीचर आदि वस्तुएं खरीदी जानी हैं। अभी तक किसी ग्राम पंचायत में इन उपकरणों की खरीद नहीं हुई है।
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ग्राम सचिवालयों की स्थापना कराकर उनमें कामकाज शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 31 दिसंबर 2021 तक 50 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों का स्थापित कराकर उनमें कामकाज प्रारंभ कराने का लक्ष्य है। इसके लिए संबंधित एडीओ पंचायत को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ
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कुछ पंचायत घर हैं जर्जर हालत में तो कुछ पर दूसरे विभागों ने कर रखा है कब्जा
लखीमपुुर खीरी। ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर दी गई है, इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, बावजूद इसके कामकाज अभी शुरू नहीं हो सका है, जिसका कारण संसाधनों का अभाव है। यहां बता दें कि ग्राम सचिवालयों को दफ्तर के तौर पर शुरू करने के लिए अब तक कंप्यूटर, फर्नीचर आदि की खरीद नहीं की जा सकी है।
जनपद में कुल 1165 ग्राम पंचायतों में से 412 ग्राम पंचायतों में नए पंचायत घर बनाने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष अब तक 337 पंचायत घर पूर्ण हुए हैं। 75 ग्राम पंचायतों में विभिन्न कारणों से पंचायत घरों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। छह ग्राम पंचायतों में जमीन नहीं मिल पाने से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। वहीं जिन ग्राम पंचायतों में पहले से पंचायत घर बने हैं, उनमें देखरेख के अभाव में कई जर्जर हो चुके हैं। तो कुछ पंचायत घरों पर दूसरे विभागों का कब्जा बना हुआ है, जिससे इनमें ग्राम सचिवालय की स्थापना कराने में मुश्किलें आएंगी। ग्राम पंचायत मितौली के पंचायत घर पर करीब आठ साल से बेसिक शिक्षा विभाग का कब्जा है, जिसमें बीआरसी संचालित किया जा रहा है। संसारपुर में बैंक संचालित हो रही है, तो फूलबेहड़ में खाद गोदाम बना है। ऐसे ही कुछ अन्य ग्राम पंचायतों के पंचायत घर पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर रखा है।
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1.75 लाख से खरीदे जाएंगे उपकरण और फर्नीचर
ग्राम सचिवालयों की स्थापना के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को 1.75 लाख रुपये व्यय करने की अनुमति करीब पांच माह पहले दी जा चुकी है, जिससे कंप्यूटर सिस्टम, फर्नीचर आदि वस्तुएं खरीदी जानी हैं। अभी तक किसी ग्राम पंचायत में इन उपकरणों की खरीद नहीं हुई है।
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ग्राम सचिवालयों की स्थापना कराकर उनमें कामकाज शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 31 दिसंबर 2021 तक 50 प्रतिशत ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों का स्थापित कराकर उनमें कामकाज प्रारंभ कराने का लक्ष्य है। इसके लिए संबंधित एडीओ पंचायत को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ