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Lakhimpur Kheri News: किसानों से वसूल रहे भरपूर शुल्क फिर भी सुविधाओं का अभाव

Mon, 12 Aug 2024 11:51 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2024 11:51 PM IST
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Heavy fees are being collected from farmers yet lack of facilities

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लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों और व्यापारियों से मंडी शुल्क तो भरपूर वसूला जाता है, लेकिन उन्हें सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलता। हर तरफ टूटी सड़कें, जलभराव और गंदगी की भरमार है। परिसर में बैठने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई अन्य अव्यवस्थाएं भी हावी हैं।
राजापुर मंडी में सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर किसान फल, सब्जी और अन्य सामानों की बिक्री करने आते हैं। स्थानीय किसान फसल के सही मूल्य के लालच में मंडी पहुंचते हैं। मंडी आने वाले क्रेता और विक्रेता से शुल्क वसूला जाता है। इसी से किसान, आढ़तियों और खरीदारों को सुविधाएं दी जाती हैं, मगर मंडी में शुल्क वसूलने के बावजूद यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है। जलभराव और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों को लेकर भी मंडी के जिम्मेदार सजग नहीं हैं।
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सड़कें जर्जर, खोद कर छोड़ दी नाली
मंडी गेट से घुसते ही पहली लाइन की सड़कें जर्जर हैं। जगह-जगह उखड़ी सड़कें किसानों, व्यापारियों और आमजन को दर्द दे रही हैं। पानी निकास को बनवाई जा रही नालियों को सिर्फ खोद कर डाल दिया है। इन नालियों में पानी भरा पड़ा है। गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। जरा सी चूक होने पर लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। सब्जी मंडी परिसर में किसानों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
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पांच प्रतिशत वसूला जाता है मंडी शुल्क
मंडी सचिव खाद्य पदार्थों के मूल्य पर पांच प्रतिशत मंडी शुल्क वसूलते हैं। इसी से मंडी की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाती हैं। एक आढ़ती ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंडी शुल्क लेने के बाद भी सुविधाएं शून्य हैं। बैठने के लिए सीटें नहीं हैं। छोटे किसानों को फसल बेचने में काफी मुश्किलें होती हैं।

वर्जन ---
जलभराव की समस्या को लेकर पत्राचार किया जा चुका है। यह सब ठेकेदार की लापरवाही से हुआ है। उन पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है। जल्द ही अन्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा। ---- आशीष सिंह, मंडी सचिव
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