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Lakhimpur Kheri News: दिल की तकलीफ पहुंच रही दिमाग तक, तनाव में युवा

Sun, 01 Mar 2026 11:30 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 01 Mar 2026 11:30 PM IST
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Heart problems are reaching the brain, youth are under stress
लखीमपुर खीरी। डॉक्टर साहब, जिस लड़की से कई वर्षों से प्रेम था, उसकी शादी कहीं और हो गई। तब से न नींद आती है, न किसी काम में मन लगता है। ऐसे दर्द और उलझन लेकर कई युवा जिला अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल की मानसिक रोग ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 120 मरीज आते हैं, जिनमें 20 से 30 युवा अवसाद और तनाव से जूझते पाए जा रहे हैं। काउंसलिंग के दौरान सामने आ रहा है कि पढ़ाई और भविष्य की चिंता से अधिक अधूरे या एकतरफा प्रेम संबंध युवाओं की मानसिक परेशानी का कारण बन रहे हैं। किशोर भी भावनात्मक उलझनों के चलते तनाव का शिकार हो रहे हैं।
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मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शुक्ला के अनुसार, अधूरे या एकतरफा प्रेम में तनाव बढ़ने पर युवाओं में गुस्सा, चिड़चिड़ापन, नींद न आना और व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे मामलों में काउंसलिंग और चिकित्सकीय उपचार आवश्यक होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समस्याओं को मन में दबाकर न रखें और भरोसेमंद लोगों से साझा करें।
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सामने आए कुछ मामले
केस-1 : शहर के 23 वर्षीय युवक में गुमसुम रहना, नींद न आना और गुस्सा बढ़ने की समस्या दिखी। काउंसलिंग में पता चला कि पसंद की लड़की की शादी दूसरी जगह होने से वह तनाव में था। इलाज जारी है।

केस-2 : निघासन क्षेत्र के एक छात्र ने बताया कि तीन वर्षों के प्रेम संबंध के बाद लड़की की शादी तय होने से वह टूट गया और पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। उपचार से सुधार हो रहा है।


केस-3 : शहर के 26 वर्षीय युवक में उदासी और अकेले रहने की प्रवृत्ति बढ़ गई। सोशल मीडिया पर बातचीत बंद होने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। इससे परेशान होकर आत्महत्या जैसे विचार उसके मन में आने लगे। काउंसलिंग के बाद इलाज शुरू हुआ।
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विशेषज्ञ की सलाह
-व्यवहार में बदलाव दिखे तो विशेषज्ञ की मदद लें।
-परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
-चिकित्सक की सलाह से ही इलाज जारी रखें।
-योग-व्यायाम और पढ़ने-सुनने की सकारात्मक आदतें अपनाएं।
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