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जिला अस्पताल पहुंचे एडी हेल्थ, कमियां ही गिनते रह गए
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लखीमपुर खीरी। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर अधूरा होना, वार्ड व परिसर में गंदगी व महिला पुलिस कर्मियों की चेकअप रूम में मौजूदगी पर उन्होंने नाराजगी जताई। डस्टबिन भी बॉयोवेस्ट से ऊपर तक भरे थे। सीएमएस को उन्होंने व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश भी दिए। साथ ही रिकॉर्ड की जानकारी न होने पर एक फार्मासिस्ट की भी फटकार लगाई गई।
एडी हेल्थ संजीव कुमार बुधवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी के स्टॉक रूम से उन्होंने निरीक्षण शुरू किया। फार्मासिस्ट अनिल कुमार से एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन, स्ट्रायाजोन का रिकार्ड दिखाने को कहा, जोकि वह नहीं दिखा पाए। इसके बाद हड़बड़ाहट में वह रजिस्टर के पन्ने ही पलटे रहे गए। इस पर उन्होंने एडी हेल्थ ने नाराजगी जताते हुए उनके तीस साल के तजुर्बे पर भी सवाल खड़े किए। बोले, इंजेक्शन की इंट्री रजिस्टर पर दर्ज नहीं करते, बेचते हो क्या। वहीं रॉड के पास जाला देख सफाइ कराने के निर्देश दिए। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। पंखे पर जमी धूल, मरीजों के बेड़ के पास रखे गंदे स्टूल, देखकर नराजगी जताई। इसके बाद भर्ती मरीजों से दवाएं, खाना आदि मिलने की जानकारी ली। एक्सरे रूम में खड़े मरीज, बैठी महिला पुलिस कर्मी एवं एक्सरे टेक्नीशियन राहुल राय को एप्रेन और लेदर जैकेट में न देखकर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीके वर्मा पर नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमएस डॉ. आरके वर्मा, एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, फार्मासिस्ट अखिलेश शर्मा, विमल सिंह आदि मौजूद रहे।
जब एनजीटी लगाएगी जुर्माना, ये तभी सुधरेंगे
पैैथोलॉजी में निडिल एवं सिरिंज से भरा डस्टविन देख एडी हेल्थ आक्रोशित हो उठे। बॉयोवेस्ट से अन्य डस्टबिन भी भरे थे। जारिह है ऊपर तक डस्टबिन एक दिन में नहीं भर गए होंगे। खुले में भी बॉयोवेस्ट पड़ा देख सीएमए को भी निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए।
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लखनऊ छोड़ किसी जिले में नहीं है कार्डियोलॉजिस्ट
एडी हेल्थ से जब जिला अस्पताल में पिछले कई साल से कार्डियोलॉजिस्ट के न होने के पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने बताया कि यह समस्या हर जगह है। लखनऊ के अलावा मंडल के किसी भी जिले सरकारी अस्पताल में हार्ट का डॉक्टर नहीं है। उन्होंने सीएमएस को एमडी मेडिसिन से हार्ट मरीजों का इलाज कराने के निर्देश दिए।
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एडी हेल्थ संजीव कुमार बुधवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी के स्टॉक रूम से उन्होंने निरीक्षण शुरू किया। फार्मासिस्ट अनिल कुमार से एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन, स्ट्रायाजोन का रिकार्ड दिखाने को कहा, जोकि वह नहीं दिखा पाए। इसके बाद हड़बड़ाहट में वह रजिस्टर के पन्ने ही पलटे रहे गए। इस पर उन्होंने एडी हेल्थ ने नाराजगी जताते हुए उनके तीस साल के तजुर्बे पर भी सवाल खड़े किए। बोले, इंजेक्शन की इंट्री रजिस्टर पर दर्ज नहीं करते, बेचते हो क्या। वहीं रॉड के पास जाला देख सफाइ कराने के निर्देश दिए। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। पंखे पर जमी धूल, मरीजों के बेड़ के पास रखे गंदे स्टूल, देखकर नराजगी जताई। इसके बाद भर्ती मरीजों से दवाएं, खाना आदि मिलने की जानकारी ली। एक्सरे रूम में खड़े मरीज, बैठी महिला पुलिस कर्मी एवं एक्सरे टेक्नीशियन राहुल राय को एप्रेन और लेदर जैकेट में न देखकर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीके वर्मा पर नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमएस डॉ. आरके वर्मा, एसीएमओ डॉ. आरपी दीक्षित, फार्मासिस्ट अखिलेश शर्मा, विमल सिंह आदि मौजूद रहे।
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जब एनजीटी लगाएगी जुर्माना, ये तभी सुधरेंगे
पैैथोलॉजी में निडिल एवं सिरिंज से भरा डस्टविन देख एडी हेल्थ आक्रोशित हो उठे। बॉयोवेस्ट से अन्य डस्टबिन भी भरे थे। जारिह है ऊपर तक डस्टबिन एक दिन में नहीं भर गए होंगे। खुले में भी बॉयोवेस्ट पड़ा देख सीएमए को भी निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए।
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लखनऊ छोड़ किसी जिले में नहीं है कार्डियोलॉजिस्ट
एडी हेल्थ से जब जिला अस्पताल में पिछले कई साल से कार्डियोलॉजिस्ट के न होने के पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने बताया कि यह समस्या हर जगह है। लखनऊ के अलावा मंडल के किसी भी जिले सरकारी अस्पताल में हार्ट का डॉक्टर नहीं है। उन्होंने सीएमएस को एमडी मेडिसिन से हार्ट मरीजों का इलाज कराने के निर्देश दिए।