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प्रधानाध्यापिका ने एमडीएम का अनाज हड़पा, सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:01 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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16 मार्च के बाद से विद्यालय में नहीं बना एमडीएम
अधिकारियों के निरीक्षण में अनुपस्थिति मिलीं
मोबाइल से कारण पूछने पर एसडीएम से की अभद्रता
मितौली कस्बे के प्राथमिक विद्यालय मितौली में 16 मार्च 2016 के बाद से एमडीएम नहीं बनाया गया, जिसका खुलासा एसडीएम पल्लवी मिश्रा के निरीक्षण में हुआ। कोटेदार के यहां से 30 मार्च और पांच जुलाई को उठाया गया अनाज भी विद्यालय में नहीं मिला। प्रधानाध्यापिका ललिता यादव अनुपस्थित मिलीं, जब एसडीएम ने फोन किया तो उन्होंने अभद्रता की। एसडीएम की रिपोर्ट पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह से विद्यालय की जांच कराई, तो बगैर अवकाश स्वीकृत कराए प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। परिसर में गंदगी और जलभराव मिला और रसोइयों की संख्या मानक से एक अधिक मिली। बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को सस्पेंड करते हुए बीईओ मोहम्मदी को प्रकरण की जांच सौंपी है।
तहसील मुख्यालय पर बीआरसी के निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से अनियमितताएं व्याप्त हैैं। खासकर प्रधानाध्यापिका ललिता यादव की लापरवाह कार्यशैली, बगैर अवकाश के गायब रहने और एमडीएम न बनवाने की शिकायतें उच्चाधिकारियों को मिल रहीं थीं। एसडीएम मितौली पल्लवी मिश्रा ने 25 जुलाई 2016 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, तो कलई खुलकर सामने आ गई। प्रधानाध्यापिका ललिता अनुपस्थित मिलीं, लेकिन रवानगी रजिस्टर पर स्टेंट बैंक मितौली शाखा में जाने की बात दर्ज मिली। इस पर एसडीएम ने स्टाफ को बैंक भेजा, जहां प्रधानाध्यापिका नहीं मिलीं। इस पर एसडीएम ने सीयूजी नंबर से उन्हें फोन किया, तो अभद्रतापूर्वक बात करते हुए फोन काट दिया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में एमडीएम बनता नहीं मिला, जिसकी बावत रसोइयों और शिक्षकों ने बताया कि 16 मार्च 2016 के बाद से ही भोजन नहीं बना है। विद्यालय में अनाज भी नहीं मिला। इस पर एसडीएम ने संबंधित कोटेदार रामरानी से पूछरताछ की तो पता चला कि प्रधानाध्यापिका ने 30 मार्च 2016 को ढाई क्विंटल गेहूं तथा चार क्विंटल चावल और पांच जुलाई 2016 को दो क्विंटल गेहूं तथा तीन क्विंटल चावल उठाया था, लेकिन यह अनाज विद्यालय नहीं पहुंचा।
एसडीएम की रिपोर्ट प्राप्त होने पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह को जांच के लिए भेजा, तो बुधवार को भी बगैर अवकाश स्वीकृत कराए प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। छात्रसंख्या 242 के सापेक्ष चार रसोइयों की तैनाती होनी चाहिए थी, लेकिन इसके सापेक्ष पांच रसोइयां मिले। परिसर में जलभराव और गंदगी मिली। समन्वयक की रिपोर्ट पर बीएसए ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने, उच्चाधिकारी से अशिष्टता और एमडीएम में गबन के आरोपों के चलते प्रधानाध्यापिका को सस्पेंड कर दिया है। बीएसए ने सस्पेंड शिक्षिका को उसी विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्रधानाध्यापिका के खिलाफ गंभीर आरोपों के संबंध में कई शिकायतें मिली थीं, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए। मामले की जांच मोहम्मदी के बीईओ सुनील कुमार को सौंपी गई है।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए
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अधिकारियों के निरीक्षण में अनुपस्थिति मिलीं
मोबाइल से कारण पूछने पर एसडीएम से की अभद्रता
मितौली कस्बे के प्राथमिक विद्यालय मितौली में 16 मार्च 2016 के बाद से एमडीएम नहीं बनाया गया, जिसका खुलासा एसडीएम पल्लवी मिश्रा के निरीक्षण में हुआ। कोटेदार के यहां से 30 मार्च और पांच जुलाई को उठाया गया अनाज भी विद्यालय में नहीं मिला। प्रधानाध्यापिका ललिता यादव अनुपस्थित मिलीं, जब एसडीएम ने फोन किया तो उन्होंने अभद्रता की। एसडीएम की रिपोर्ट पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह से विद्यालय की जांच कराई, तो बगैर अवकाश स्वीकृत कराए प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। परिसर में गंदगी और जलभराव मिला और रसोइयों की संख्या मानक से एक अधिक मिली। बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को सस्पेंड करते हुए बीईओ मोहम्मदी को प्रकरण की जांच सौंपी है।
तहसील मुख्यालय पर बीआरसी के निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से अनियमितताएं व्याप्त हैैं। खासकर प्रधानाध्यापिका ललिता यादव की लापरवाह कार्यशैली, बगैर अवकाश के गायब रहने और एमडीएम न बनवाने की शिकायतें उच्चाधिकारियों को मिल रहीं थीं। एसडीएम मितौली पल्लवी मिश्रा ने 25 जुलाई 2016 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया, तो कलई खुलकर सामने आ गई। प्रधानाध्यापिका ललिता अनुपस्थित मिलीं, लेकिन रवानगी रजिस्टर पर स्टेंट बैंक मितौली शाखा में जाने की बात दर्ज मिली। इस पर एसडीएम ने स्टाफ को बैंक भेजा, जहां प्रधानाध्यापिका नहीं मिलीं। इस पर एसडीएम ने सीयूजी नंबर से उन्हें फोन किया, तो अभद्रतापूर्वक बात करते हुए फोन काट दिया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में एमडीएम बनता नहीं मिला, जिसकी बावत रसोइयों और शिक्षकों ने बताया कि 16 मार्च 2016 के बाद से ही भोजन नहीं बना है। विद्यालय में अनाज भी नहीं मिला। इस पर एसडीएम ने संबंधित कोटेदार रामरानी से पूछरताछ की तो पता चला कि प्रधानाध्यापिका ने 30 मार्च 2016 को ढाई क्विंटल गेहूं तथा चार क्विंटल चावल और पांच जुलाई 2016 को दो क्विंटल गेहूं तथा तीन क्विंटल चावल उठाया था, लेकिन यह अनाज विद्यालय नहीं पहुंचा।
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एसडीएम की रिपोर्ट प्राप्त होने पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह को जांच के लिए भेजा, तो बुधवार को भी बगैर अवकाश स्वीकृत कराए प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। छात्रसंख्या 242 के सापेक्ष चार रसोइयों की तैनाती होनी चाहिए थी, लेकिन इसके सापेक्ष पांच रसोइयां मिले। परिसर में जलभराव और गंदगी मिली। समन्वयक की रिपोर्ट पर बीएसए ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने, उच्चाधिकारी से अशिष्टता और एमडीएम में गबन के आरोपों के चलते प्रधानाध्यापिका को सस्पेंड कर दिया है। बीएसए ने सस्पेंड शिक्षिका को उसी विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्रधानाध्यापिका के खिलाफ गंभीर आरोपों के संबंध में कई शिकायतें मिली थीं, जिसकी जांच में आरोप सही पाए गए। मामले की जांच मोहम्मदी के बीईओ सुनील कुमार को सौंपी गई है।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए