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तीन विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण लटका
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 04 Feb 2015 08:06 PM IST
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शहर की बिजली समस्या को दूर करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित 33/11 केवीए के तीन बिजली उपकेंद्रों का निर्माण जमीन न मिलने के कारण अधर में लटक गया है। प्रशासन उपकेंद्रों के लिए बिजली विभाग को जमीन मुहैया नहीं करा पा रहा है।
बिजली अधिकारियों के मुताबिक ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की बढ़ती समस्या को देखते हुए शहरी क्षेत्र के सीमावर्ती कस्बों रामापुर, राजापुर और देवकली रोड पर एक-एक उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। उपकेंद्रों के निर्माण को स्वीकृति मिले करीब दो माह से ज्यादा का समय गुजर चुका है लेकिन कहीं सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। देवकली रोड पर पहले से जमीन की कमी बताई जा रही थी। शुरुआती दौर में रामापुर और राजापुर में स्थित आईटीआई कॉलेज के परिसर में जमीन मुहैया होने की बात कही गई, लेकिन अब इन दोनों जगहों पर भी जमीन नहीं मिल पा रही है। एक अधिकारी के मुताबिक आईटीआई कॉलेज के प्रबंधन ने परिसर में सीमित जमीन होने और आवास आदि बनाने की बात कह कर और समस्या बढ़ा दी है। वहीं रामापुर में भी जमीन की उपलब्धता न होने की वजह से पेच फंस गया है। बिजली अधिकारियों का मानना है कि अगर उपकेंद्रों के लिए जल्द जमीन की व्यवस्था नहीं हुई तो भविष्य में टाउन क्षेत्र में दोबारा उपकेंद्र के निर्माण को लेकर दिक्कत खड़ी हो सकती है।
उध्ार एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद ने बताया कि उपकेंद्रों के निर्माण के लिए प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, लेकिन अब तक तीनों जगहों पर कहीं भी जमीन नहीं मिल पाई है। आईटीआई कॉलेज, रामापुर और देवकली रोड पर जमीन न मिलने की वजह से ही सर्वे और निर्माण का काम लटका पड़ा है।
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बढ़ रहा है शहर का बिजली लोड
चेकिंग अभियान और नए कनेक्शन बढ़ने से लगातार बिजली लोड बढ़ रहा है। एक महीने के भीतर शहर में करीब पांच हजार घरों का बिजली लोड बढ़ाया गया है और तीन हजार से अधिक घरों के मीटर बदले गए हैं। यहीं नहीं लखीमपुर शहर और खीरी कस्बे को मिलाकर 500 से अधिक नए कनेक्शन हुए हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ता हुआ बिजली लोड शहरवासियों के लिए दिक्कत खड़ी कर सकता है।
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बिजली अधिकारियों के मुताबिक ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की बढ़ती समस्या को देखते हुए शहरी क्षेत्र के सीमावर्ती कस्बों रामापुर, राजापुर और देवकली रोड पर एक-एक उपकेंद्र प्रस्तावित हैं। उपकेंद्रों के निर्माण को स्वीकृति मिले करीब दो माह से ज्यादा का समय गुजर चुका है लेकिन कहीं सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। देवकली रोड पर पहले से जमीन की कमी बताई जा रही थी। शुरुआती दौर में रामापुर और राजापुर में स्थित आईटीआई कॉलेज के परिसर में जमीन मुहैया होने की बात कही गई, लेकिन अब इन दोनों जगहों पर भी जमीन नहीं मिल पा रही है। एक अधिकारी के मुताबिक आईटीआई कॉलेज के प्रबंधन ने परिसर में सीमित जमीन होने और आवास आदि बनाने की बात कह कर और समस्या बढ़ा दी है। वहीं रामापुर में भी जमीन की उपलब्धता न होने की वजह से पेच फंस गया है। बिजली अधिकारियों का मानना है कि अगर उपकेंद्रों के लिए जल्द जमीन की व्यवस्था नहीं हुई तो भविष्य में टाउन क्षेत्र में दोबारा उपकेंद्र के निर्माण को लेकर दिक्कत खड़ी हो सकती है।
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उध्ार एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद ने बताया कि उपकेंद्रों के निर्माण के लिए प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, लेकिन अब तक तीनों जगहों पर कहीं भी जमीन नहीं मिल पाई है। आईटीआई कॉलेज, रामापुर और देवकली रोड पर जमीन न मिलने की वजह से ही सर्वे और निर्माण का काम लटका पड़ा है।
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बढ़ रहा है शहर का बिजली लोड
चेकिंग अभियान और नए कनेक्शन बढ़ने से लगातार बिजली लोड बढ़ रहा है। एक महीने के भीतर शहर में करीब पांच हजार घरों का बिजली लोड बढ़ाया गया है और तीन हजार से अधिक घरों के मीटर बदले गए हैं। यहीं नहीं लखीमपुर शहर और खीरी कस्बे को मिलाकर 500 से अधिक नए कनेक्शन हुए हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ता हुआ बिजली लोड शहरवासियों के लिए दिक्कत खड़ी कर सकता है।