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मेहमान परिंदों की सुरक्षा के लिए बनाई टोलियां
बांकेगंज
Updated Sat, 02 Jan 2016 10:14 PM IST
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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नगरिया झील इन दिनों मेहमान परिंदों की चहचहाहट से गुलजार है। सर्दियों के मौसम में हजारों किलोमीटर लंबी दूरी तय कर यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की देखभाल और सुरक्षा को लेकर वन विभाग जितना फिक्रमंद है, उससे ज्यादा फिक्रमंद हैं यहां के बाशिंदे। ये लोग पक्षियों की सुरक्षा और स्वागत की इस तरह तैयारियां करते हैं, जैसा उनका कोई बहुत खास मेहमान सात समुंदर पार से आने वाला हो।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की महुरैना बीट स्थित नगरिया झील में ठंडे देशों से आने वाले मेहमान परिंदे यहां करीब तीन माह तक प्रवास करते हैं। इस दौरान झील के आसपास और बांकेगंज कस्बे में रहने वाले लोग इन परिंदों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग रहते हैं। वह लोगों को इस बात के लिए जागरूक करते हैं कि वे कोई ऐसा काम न करें कि जिससे उनके नैसर्गिक रहन-सहन में खलल पड़े और उनकी सुरक्षा खतरे में पड़े। युवाओं ने इनकी सुरक्षा के लिए टोलियां बनाकर प्रवासी पक्षियों की बारी-बारी से निगरानी करने का बीड़ा उठाया है।
इस इलाके के लोग परिंदों की सुरक्षा के प्रति इतने संवेदनशील रहते हैं कि कोई शिकारी झील के आसपास फटक तक नहीं पाता है। झील के पास की सड़कों पर गुजरने वाले लोगों की मजाल नहीं कि कोई हार्न बजा दे। हालांकि वन विभाग भी इन परिंदों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करता है, लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता के कारण वन विभाग के कर्मी बेफिक्र रहते हैं।
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क्या कहते हैं पक्षी प्रेमी
बांकेगंज कस्बा सहित गांवों में रहने वाले पक्षी प्रेमी विनोद गोयल, हरीकिशन अग्रवाल, विपिन शर्मा और राहुल माहेश्वरी का कहना है कि परिंदे कुदरत की अनमोल और खूबसूरत देन हैं। इनकी सुरक्षा करना सभी का दायित्व है। हम सभी इसे अपना धर्म मानकर उनकी सुरक्षा और देखभाल करते हैं। सर्दियों के मौसम में नगरा झील में हजारों की संख्या में विदेशी परिंदे आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर हम विशेष इंतजाम करते हैं।
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दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की महुरैना बीट स्थित नगरिया झील में ठंडे देशों से आने वाले मेहमान परिंदे यहां करीब तीन माह तक प्रवास करते हैं। इस दौरान झील के आसपास और बांकेगंज कस्बे में रहने वाले लोग इन परिंदों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग रहते हैं। वह लोगों को इस बात के लिए जागरूक करते हैं कि वे कोई ऐसा काम न करें कि जिससे उनके नैसर्गिक रहन-सहन में खलल पड़े और उनकी सुरक्षा खतरे में पड़े। युवाओं ने इनकी सुरक्षा के लिए टोलियां बनाकर प्रवासी पक्षियों की बारी-बारी से निगरानी करने का बीड़ा उठाया है।
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इस इलाके के लोग परिंदों की सुरक्षा के प्रति इतने संवेदनशील रहते हैं कि कोई शिकारी झील के आसपास फटक तक नहीं पाता है। झील के पास की सड़कों पर गुजरने वाले लोगों की मजाल नहीं कि कोई हार्न बजा दे। हालांकि वन विभाग भी इन परिंदों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम करता है, लेकिन ग्रामीणों की जागरूकता के कारण वन विभाग के कर्मी बेफिक्र रहते हैं।
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क्या कहते हैं पक्षी प्रेमी
बांकेगंज कस्बा सहित गांवों में रहने वाले पक्षी प्रेमी विनोद गोयल, हरीकिशन अग्रवाल, विपिन शर्मा और राहुल माहेश्वरी का कहना है कि परिंदे कुदरत की अनमोल और खूबसूरत देन हैं। इनकी सुरक्षा करना सभी का दायित्व है। हम सभी इसे अपना धर्म मानकर उनकी सुरक्षा और देखभाल करते हैं। सर्दियों के मौसम में नगरा झील में हजारों की संख्या में विदेशी परिंदे आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर हम विशेष इंतजाम करते हैं।