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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में ग्राउंड ऑर्किड का हो रहा विस्तार
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किशनपुर अभयारण्य में ग्राउंड ऑर्किड में खिला फूल। स्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में वानस्पतिक संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से ग्राउंड ऑर्किड पौधे के वंश में तेजी से विस्तार हो रहा है। यह पौधा करीब पांच साल पहले जून 2020 में दुधवा के आरआर-एक ग्रासलैंड में देखा गया था। अब इस साल किशनपुर अभयारण्य की मैलानी रेंज में देखा गया है।
दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति का ग्राउंड ऑर्किड पौधा अब दुधवा के लिए दुर्लभ नहीं रहा। टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर, सठियाना, किशनपुर अभयारण्य समेत कई रेंजों के घास के मैदानों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। उनमें इन दिनों बैगनी और सफेद रंग के फूल आ रहे हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत हैं। दुधवा में ग्राउंड ऑर्किड की खोज के बाद यह दावा किया गया था कि यहां के जंगल में 121 साल बाद ऑर्किड के पौधे में फूल खिला देखा गया।
पांच साल पहले मिले इस पौधे का टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जब सर्वेक्षण कराया तो यह पौधा 47 घास के मैदानों में फलता-फूलता पाया गया। अब इसके वंश में तेजी से विस्तार होता देख वनस्पति प्रेमियों में खुशी है। हाल ही किशनपुर अभयारण्य मैलानी रेंजर नवीन दिवाकर ने बगावर घास मैदान में बड़ी संख्या में खिले ग्राउंड ऑर्किड पौधों के देखकर इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।
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दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति माने जाने वाले ग्राउंड ऑर्किड प्रजाति का पौधा किशनपुर अभयारण्य की मैलानी रेंज में भी देखा गया है। दुधवा में इस प्रजाति के वंश में तेजी से विस्तार हो रहा है। यह यहां की वानस्पतिक समृद्धि का प्रतीक है। - जगदीश आर, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क
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दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति का ग्राउंड ऑर्किड पौधा अब दुधवा के लिए दुर्लभ नहीं रहा। टाइगर रिजर्व की दक्षिण सोनारीपुर, सठियाना, किशनपुर अभयारण्य समेत कई रेंजों के घास के मैदानों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। उनमें इन दिनों बैगनी और सफेद रंग के फूल आ रहे हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत हैं। दुधवा में ग्राउंड ऑर्किड की खोज के बाद यह दावा किया गया था कि यहां के जंगल में 121 साल बाद ऑर्किड के पौधे में फूल खिला देखा गया।
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पांच साल पहले मिले इस पौधे का टाइगर रिजर्व प्रशासन ने जब सर्वेक्षण कराया तो यह पौधा 47 घास के मैदानों में फलता-फूलता पाया गया। अब इसके वंश में तेजी से विस्तार होता देख वनस्पति प्रेमियों में खुशी है। हाल ही किशनपुर अभयारण्य मैलानी रेंजर नवीन दिवाकर ने बगावर घास मैदान में बड़ी संख्या में खिले ग्राउंड ऑर्किड पौधों के देखकर इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।
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दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति माने जाने वाले ग्राउंड ऑर्किड प्रजाति का पौधा किशनपुर अभयारण्य की मैलानी रेंज में भी देखा गया है। दुधवा में इस प्रजाति के वंश में तेजी से विस्तार हो रहा है। यह यहां की वानस्पतिक समृद्धि का प्रतीक है। - जगदीश आर, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क