Lakhimpur Kheri: मैत्री महोत्सव में भारत-नेपाल मित्रता की झलक, लोक कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग
चंदनचौकी के परियोजना सभागार में सोमवार को भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें मित्र राष्ट्र नेपाल के अलावा उत्तराखंड, लखनऊ के कलाकारों ने संगीत, लोक गीत व नृत्य पेश करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में भारत-नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत को बरकरार रखने के लिए थारू क्षेत्र चंदनचौकी के परियोजना सभागार में सोमवार को भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें मित्र राष्ट्र नेपाल के अलावा उत्तराखंड, लखनऊ के कलाकारों ने संगीत, लोक गीत व नृत्य पेश करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने एक दूसरे देश से सुमधुर रिश्तों को नए भारत की पहचान बताया।
चंदनचौकी में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत नेपाल के विधायक वीर बहादुर थापा, नेपाल की डिप्टी मेयर भूलिया कुमारी राणा के अलावा सीडीओ खीरी अनिल कुमार सिंह, सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने दीप जलाकर की। नेपाल की डिप्टी मेयर भूलिया कुमारी राणा ने कहा कि भारत से नेपाल का काफी पुराना रिश्ता है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ है, जिसमें जनकपुरी से भी काफी सामान भारत आया था। इससे जाहिर होता है कि दोनों देशों में आपसी भाईचारा है। नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में पुजारी भी भारत के ही हैं।
नेपाल के विधायक वीर बहादुर थापा ने कहा कि राना समुदाय के वोटों को पाकर वह विधायक बने हैं और इस समाज के लोग चाहे भारत में हो या फिर नेपाल में, अपने हैं। कार्यक्रम को भारत की तरफ से सीडीओ अनिल कुमार सिंह, सीएमओ डाॅ संतोष गुप्ता ने भी संबोधित किया। दोनों देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही अन्य कई बातों को मंच से ही जोर दिया गया।
225 छात्र-छात्राओं में वितरित की गईं साइकिलें
कक्षा पांच पास कर छह में व कक्षा नौ पास कर दसवें में पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को 255 साइकिलों का वितरण किया गया। कक्षा 11 में पहुंचने वालों में भी साइकिलों का वितरण किया गया।
फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
महोत्सव में दोनों देशों के धार्मिक और पयर्टन स्थलों के फोटो की प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में नेपाल के जनकपुरी, काठमांडू, पशुपतिनाथ मंदिर समेत अन्य जगहों की फोटो थीं। जबकि भारत के धार्मिक व पर्यटन स्थलों को भी फोटो में नाम समेत दर्शाया गया था।
हस्तशिल्प प्रदर्शनी व स्वास्थ्य कैंप भी लगा
महोत्सव में हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ स्टाल लगाकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों का चेकअप कर दवाएं दीं। आंगनबाड़ी की तरफ से भी महोत्सव में स्टाल लगाया गया।
मैत्री महोत्सव से और मजबूत होंगे संबंध
भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव में नेपाल राष्ट्र से कृषि मंत्री रामेश्वर चौधरी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध मजबूत होगा। भूतपूर्व सांसद रेशम चौधरी ने कहा कि यह मैत्री महोत्सव भारत सरकार एवं उप्र सरकार की ओर से एक अच्छी पहल है। विधायक वीर बहादुर थापा ने कहा कि यह आयोजन अपने आप में यादगार बन गया है।
29 फरवरी को पीलीभीत में होगा समापन
कार्यक्रम की शुरुआत में संस्कृति विभाग उप्र के सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार ने कहा कि नेपाल सीमा से सटे आठ जिलों में मैत्री महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 21 दिवसीय भव्य आयोजन 09 से शुरू हुआ है, जो 29 फरवरी तक चलेगा। छह स्थानों पर कार्यक्रम हो चुके हैं। 29 फरवरी को पीलीभीत में इसका समापन होगा। कार्यक्रम के अंत में सीडीओ अनिल कुमार सिंह और एसडीएम पलिया कार्तिकेय सिंह ने नेपाल से आए अतिथियों का आभार ज्ञापित करते हुए स्मृति चिह्न भेंट किया।