फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Scientist Munir Khan made unique spectacles for the blind

UP News: इस अनूठे चश्मे से दुनिया देख सकेंगे दृष्टि दिव्यांग, लखीमपुर खीरी के वैज्ञानिक मुनीर ने किया तैयार

Wed, 18 Dec 2024 12:12 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 18 Dec 2024 12:12 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी के वैज्ञानिक मुनीर खान ने खास चश्मा तैयार किया है। यह चश्मा दृष्टि दिव्यांगों के लिए बेहद कारगर साबित होगा। दावा किया गया है कि इस चश्मे के जरिए दृष्टि दिव्यांग दुनिया देख सकेंगे। 

विज्ञापन
Scientist Munir Khan made unique spectacles for the blind
दृष्टि दिव्यांग लोगों के लिए बनाया गया खास चश्मा

विस्तार

दृष्टि दिव्यांगजनों को दुनिया दिखाने वाला चश्मा अगले वर्ष अप्रैल तक बाजार में आ जाएगा। इस खास चश्मे को लखीमपुर खीरी के युवा वैज्ञानिक मुनीर खान ने करीब 11 माह शोध करने के बाद तैयार किया है। इसकी तकनीकी विकसित करने में सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी उनका सहयोग किया। मंगलवार को चश्मे का ट्रायल आईआईटी मुंबई में किया गया।

विज्ञापन


मुनीर इस समय अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में कैंसर के इलाज पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ण रूप से दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए जिस चश्मे पर शोध कर रहे थे वह अब तैयार हो गया है। उम्मीद है कि अप्रैल 2025 तक वह बाजार में आ जाएगा। यह चश्मा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक पर आधारित होगा। इस चश्मे की मदद से दृष्टि दिव्यांगजन अपनी दिनचर्या के कार्य बिना किसी मदद के आसानी से कर सकेंगे। इसमें व्यक्ति की पहचान करने, किताबें पढ़ने जैसे तमाम कार्य करने में उन्हें मदद मिलेगी।
विज्ञापन


ऐसे काम करेगा अनूठा चश्मा
लखीमपुर खीरी जिले के मूल निवासी अमेरिकी शोधविज्ञानी मुनीर खान के मुताबिक यह चश्मा दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए उनका डाटाबेस तैयार करता रहेगा। चश्मा लगाने वाला व्यक्ति जो वस्तु, व्यक्ति या रास्ता एक बार देख लेगा, उसका डाटा सदा के लिए विजन-प्रो. डिवाइस में संग्रह हो जाएगा। इसी तरह रोशनी, तापमान, चूल्हे की लपट और तरह-तरह की आवाज का डाटा भी चश्मे की डिवाइस के डाटाबेस में जमा होता जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

उनके अनुसार कुछ दिन के अभ्यास के बाद चश्मा लगाने वाला दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति घंटी बजने पर दरवाजा खोलना, पहचान वाले शख्स को ही अंदर आने देना और दैनिक क्रियाएं खुद करना आसानी से सीख जाएगा। जैसे-जैसे डाटाबेस बढ़ता जाएगा, चश्मा लगाने वाले दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए सहूलियत बढ़ती जाएगी। वह अपने आप तय समय पर तय जगह रखी दवाई तक ले सकेगा।

12 से 15 हजार रुपये रहेगी कीमत
दृष्टि दिव्यांगजनों के लिए तैयार किया गया यह चश्मा भारतीय बाजार में 12 से 15 हजार रुपये में उपलब्ध होगा। इसके लिए मुनीर ने कैडर टेक्नोलॉजी सर्विसेज एलएलसी नामक कंपनी की स्थापना की है। कैडर टेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड नाम से इसका एक ऑफिस नवी मुंबई महाराष्ट्र में खोला है।

आईआईटी मुंबई में हुआ चश्मे का ट्रायल
मुनीर ने बताया कि 17 से 19 दिसंबर तक चलने वाले एशिया के सबसे बड़े तकनीकी उत्सव में आईआईटी मुंबई में लोग इस चश्मे की कार्यप्रणाली और तकनीकी की जांच कर रहे हैं। इस दौरान मंगलवार को पहले दिन महाराष्ट्र के विभिन्न भागों से कई परिवार कुछ दृष्टि दिव्यांगजनों के साथ आए और चश्मे को लगाकर टेस्ट किया है। लोगों ने इसके ट्रायल के बाद अच्छा फीडबैक दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed