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बालू की बोरिया भरकर नदी से कटान रोकने की कोशिश
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धौरहरा। रमियाबेहड़ ब्लॉक के गांव बगहा में घाघरा नदी कटान कर आगे बढ़ती जा रही है। पिछले वर्षों में हुए कटान को देखते हुए 875.90 लाख की कार्य योजना को शासन से मंजूरी मिली थी। बजट भी आ गया, लेकिन काम जिस गति से होना चाहिए था, उस गति से नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक जब तक पक्की ठोकरें नहीं बनती। कटान रुकना संभव नहीं है। बुधवार को नदी के तेज बहाव में एक घर नदी में समा चुका है, जबकि आठ घर नदी की जद में है।
बेमौसम हुई बारिश की वजह से घाघरा नदी उफान पर है। बुधवार को बगहा गांव के किसान संबारी का घर नदी की लहरों में समा गया, जबकि मनोहर गोबरे, पलक धारी, विश्राम, सोने, गिरधारी, रामदीन, पुत्ती का मकान भी नदी की जद में आ चुका है। कटान को देखते हुए शासन ने बचाव कार्य के लिए 875.90 लाख की परियोजना को स्वीकृति दे कर बजट भी आवंटित कर दिया था। एसडीएम एस सुधाकरन ने कटान की सूचना मिलने के बाद बाढ़ खंड शारदा नगर को पत्र लिखा। दो दिन से इस योजना पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन जिस गति से काम होना चाहिए था, नहीं हो रहा है। नदी के जद में आ चुके ग्रामीण मनोहरलाल, गिरधारी, रामदीन, पलकधारी आदि बताते हैं कि सीमेंट की बोरियों में बालू भर कर नदी में डाला जा रहा है। वह बोरी नदी की तेज धार में बह जा रही है। जबतक पक्की ठोकरें नहीं बनती। कटान नहीं रुकने वाला है। सरकार के पैसों की बर्बादी की जा रही है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया बाढ़ खंड अधिकारी बचाव कार्य में जुटे हैं। कटान किसी भी दशा में रोकना होगा। मैने मौके पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को स्थित की रिपोर्ट देने के लिए लगा दिया है।
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बेमौसम हुई बारिश की वजह से घाघरा नदी उफान पर है। बुधवार को बगहा गांव के किसान संबारी का घर नदी की लहरों में समा गया, जबकि मनोहर गोबरे, पलक धारी, विश्राम, सोने, गिरधारी, रामदीन, पुत्ती का मकान भी नदी की जद में आ चुका है। कटान को देखते हुए शासन ने बचाव कार्य के लिए 875.90 लाख की परियोजना को स्वीकृति दे कर बजट भी आवंटित कर दिया था। एसडीएम एस सुधाकरन ने कटान की सूचना मिलने के बाद बाढ़ खंड शारदा नगर को पत्र लिखा। दो दिन से इस योजना पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन जिस गति से काम होना चाहिए था, नहीं हो रहा है। नदी के जद में आ चुके ग्रामीण मनोहरलाल, गिरधारी, रामदीन, पलकधारी आदि बताते हैं कि सीमेंट की बोरियों में बालू भर कर नदी में डाला जा रहा है। वह बोरी नदी की तेज धार में बह जा रही है। जबतक पक्की ठोकरें नहीं बनती। कटान नहीं रुकने वाला है। सरकार के पैसों की बर्बादी की जा रही है। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया बाढ़ खंड अधिकारी बचाव कार्य में जुटे हैं। कटान किसी भी दशा में रोकना होगा। मैने मौके पर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को स्थित की रिपोर्ट देने के लिए लगा दिया है।
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