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सोई हुई शक्तियों को जगाता है गायत्री मंत्र : डॉ. चिन्मय पंड्या
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निघासन के गायत्री परिवार की यज्ञशाला में मौजूद श्रद्धालु
निघासन। कस्बे के रामाधीन इंटर कॉलेज परिसर में चल रहे 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ और सामूहिक विवाह संस्कार के दूसरे दिन सोमवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने गायत्री शक्तिपीठ में प्राण प्रतिष्ठा कराई।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद डॉ. चिन्मय पंड्या ने सिद्धपीठ गायत्री चेतना केंद्र में लोगों से भेंट की। डॉ. पंड्या ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सोई हुई शक्तियों को जगाने का काम करता है। जीवन की परेशानियों से आकुल लोगों को यज्ञ से शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी व्यक्ति जहां बैठ जाता है, वहीं से दीपक की भांति प्रकाश फैलाने लगता है।
डॉ. पंड्या ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए अमनदीप सिंह, प्रज्ञानंद श्रीवास्तव, आयोजक देशराज राठौर, रवींद्र राठौर, मोमराज, विकास गुप्ता, विवेकानंद तथा आशीष गुप्ता आदि को सम्मानित किया। डॉ. पंड्या के संबोधन के बाद अपनी टोली के साथ आए गायत्री परिवार के राष्ट्रीय वक्ता श्याम बिहारी दुबे ने गायत्री महायज्ञ कराया। यज्ञ में दोनों पालियों में हजारों लोगों ने आहुतियां डालीं। इस दौरान सुबह से शुरू हुआ भंडारा रात तक चलता रहा।
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प्राण प्रतिष्ठा के बाद डॉ. चिन्मय पंड्या ने सिद्धपीठ गायत्री चेतना केंद्र में लोगों से भेंट की। डॉ. पंड्या ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सोई हुई शक्तियों को जगाने का काम करता है। जीवन की परेशानियों से आकुल लोगों को यज्ञ से शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी व्यक्ति जहां बैठ जाता है, वहीं से दीपक की भांति प्रकाश फैलाने लगता है।
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डॉ. पंड्या ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए अमनदीप सिंह, प्रज्ञानंद श्रीवास्तव, आयोजक देशराज राठौर, रवींद्र राठौर, मोमराज, विकास गुप्ता, विवेकानंद तथा आशीष गुप्ता आदि को सम्मानित किया। डॉ. पंड्या के संबोधन के बाद अपनी टोली के साथ आए गायत्री परिवार के राष्ट्रीय वक्ता श्याम बिहारी दुबे ने गायत्री महायज्ञ कराया। यज्ञ में दोनों पालियों में हजारों लोगों ने आहुतियां डालीं। इस दौरान सुबह से शुरू हुआ भंडारा रात तक चलता रहा।

निघासन के गायत्री परिवार की यज्ञशाला में मौजूद श्रद्धालु
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