{"_id":"62265af28c7a424bb34c76af","slug":"funeral-of-four-teenagers-who-died-in-a-road-accident-lakhimpur-news-bly477512694","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क हादसे में मृत चारों किशोरों का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क हादसे में मृत चारों किशोरों का अंतिम संस्कार
विज्ञापन
दरवाजे पर लगी भीड़ में मौजूद महिलाएं।
सोमवार को गोमती के सेमराघाट पर गमगीन माहौल में दफनाए गए
भीखमपुर। कस्बे के चार किशोरों की सड़क हादसे में मौत के बाद सोमवार को गोमती के सेमराघाट पर सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों सगे भाई अनुज और विवेक उर्फ तनु को एक साथ, जबकि चचेरे भाई हिमांशु और रिश्तेदार विकास को अलग-अलग जमीन में दफनाया गया।
रविवार सुबह लखीमपुर मार्ग पर फरधान थाना क्षेत्र के ओदरहना गांव के पास सड़क दुर्घटना में कस्बे के एक ही परिवार के तीन और पड़ोसी समेत कुल की चार की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम होने के बाद सभी शव घर लाए गए। दो जवान बेटों अनुज और विवेक की मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं एकलौते बेटे की मौत पर हिमांशु की मां पछाड़ें खाकर बेहोश हो गईं।
विकास चार भाइयों में सबसे छोटा और लाड़ला था। अनुज, विवेक और हिमांशु के चाचा की तेरहवीं के दिन उनका अंतिम संस्कार टेढ़ेनाथ धाम के पास सेमराघाट पर किया गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग सुबह 10 तक गांव पहुंच गए। उन्हें दफनाने के लिए तीन कब्रें खोदी गईं। अंतिम संस्कार में शामिल सभी की आंखें नम थीं। लोग जैसे-तैसे एक दूसरे को दिलासा देते नजर आये।
विज्ञापन
इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद जुगलकिशोर, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राजीव पांडे, प्रधान प्रतिनिधि मनोज मिश्रा, नन्हे, अमीन मिश्र, भाजपा कार्यकर्ता नारायण त्रिवेदी, सुधाकर बाजपेयी, विमल मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, पिंटू अवस्थी, अवनीश पांडे, रानू आदि मौजूद रहे।
एक-दूसरे को दिलासा देते खुद भी रो पड़ते हैं लोग
भीखमपुर। एक साथ एक ही गांव में चार चिरागों के अचानक बुझ जाने से गांव में मातम का माहौल है।
भीखमपुर गांव निवासी संतकुमार मिश्र, राजकुमार मिश्र और राजेश मिश्र तीन सगे भाई थे। 23 फरवरी को मतदान के दिन 35 वर्षीय राजेश की मौत हो गई थी। संतकुमार की माली हालत ठीक नहीं थी। उनके चार पुत्रों में पंकज (25), अनुज (22), मृतक विवेक (18) और सबसे छोटा प्रिंस (16) है। मृतक विवेक उर्फ तनु और प्रिंस दोनों एक साथ रहते थे। हादसे के बाद से प्रिंस तनु को बार बार पुकार रहे थे। संतकुमार का बड़ा पुत्र पंकज घर पर ही रहता है, जबकि अनुज गाजियाबाद में पिता के साथ जॉब करता था।
संतकुमार के दूसरे भाई राजकुमार लखनऊ में ठेकेदारी का काम करते हैं। राजकुमार का एक पुत्र हिमांशु (18) साक्षी (15), रेशमी (10) वर्ष है। हिमांशु पढ़ाई में अच्छा था वह लखनऊ के एक अच्छे कॉलेज मे कक्षा 12 की पढ़ाई कर रहा था।
गांव के सरोज मिश्र संतकुमार के पड़ोसी और रिश्तेदार भी हैं। सरोज मिश्र के चार पुत्र बबलू (26) दिलीप (24) विवास (22) और विकास (18) थे। घर में विकास सभी का लाडला था। बड़े भाई बबलू का बहुत चहेता था।
विज्ञापन
भीखमपुर। कस्बे के चार किशोरों की सड़क हादसे में मौत के बाद सोमवार को गोमती के सेमराघाट पर सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों सगे भाई अनुज और विवेक उर्फ तनु को एक साथ, जबकि चचेरे भाई हिमांशु और रिश्तेदार विकास को अलग-अलग जमीन में दफनाया गया।
रविवार सुबह लखीमपुर मार्ग पर फरधान थाना क्षेत्र के ओदरहना गांव के पास सड़क दुर्घटना में कस्बे के एक ही परिवार के तीन और पड़ोसी समेत कुल की चार की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम होने के बाद सभी शव घर लाए गए। दो जवान बेटों अनुज और विवेक की मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं एकलौते बेटे की मौत पर हिमांशु की मां पछाड़ें खाकर बेहोश हो गईं।
विज्ञापन
विकास चार भाइयों में सबसे छोटा और लाड़ला था। अनुज, विवेक और हिमांशु के चाचा की तेरहवीं के दिन उनका अंतिम संस्कार टेढ़ेनाथ धाम के पास सेमराघाट पर किया गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग सुबह 10 तक गांव पहुंच गए। उन्हें दफनाने के लिए तीन कब्रें खोदी गईं। अंतिम संस्कार में शामिल सभी की आंखें नम थीं। लोग जैसे-तैसे एक दूसरे को दिलासा देते नजर आये।
विज्ञापन
इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद जुगलकिशोर, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राजीव पांडे, प्रधान प्रतिनिधि मनोज मिश्रा, नन्हे, अमीन मिश्र, भाजपा कार्यकर्ता नारायण त्रिवेदी, सुधाकर बाजपेयी, विमल मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, पिंटू अवस्थी, अवनीश पांडे, रानू आदि मौजूद रहे।
एक-दूसरे को दिलासा देते खुद भी रो पड़ते हैं लोग
भीखमपुर। एक साथ एक ही गांव में चार चिरागों के अचानक बुझ जाने से गांव में मातम का माहौल है।
भीखमपुर गांव निवासी संतकुमार मिश्र, राजकुमार मिश्र और राजेश मिश्र तीन सगे भाई थे। 23 फरवरी को मतदान के दिन 35 वर्षीय राजेश की मौत हो गई थी। संतकुमार की माली हालत ठीक नहीं थी। उनके चार पुत्रों में पंकज (25), अनुज (22), मृतक विवेक (18) और सबसे छोटा प्रिंस (16) है। मृतक विवेक उर्फ तनु और प्रिंस दोनों एक साथ रहते थे। हादसे के बाद से प्रिंस तनु को बार बार पुकार रहे थे। संतकुमार का बड़ा पुत्र पंकज घर पर ही रहता है, जबकि अनुज गाजियाबाद में पिता के साथ जॉब करता था।
संतकुमार के दूसरे भाई राजकुमार लखनऊ में ठेकेदारी का काम करते हैं। राजकुमार का एक पुत्र हिमांशु (18) साक्षी (15), रेशमी (10) वर्ष है। हिमांशु पढ़ाई में अच्छा था वह लखनऊ के एक अच्छे कॉलेज मे कक्षा 12 की पढ़ाई कर रहा था।
गांव के सरोज मिश्र संतकुमार के पड़ोसी और रिश्तेदार भी हैं। सरोज मिश्र के चार पुत्र बबलू (26) दिलीप (24) विवास (22) और विकास (18) थे। घर में विकास सभी का लाडला था। बड़े भाई बबलू का बहुत चहेता था।