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कमरू के साथ आकर सज्जन ने क्राइस्ट चर्च पर फेंका था बम
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लखीमपुर खीरी। क्राइस्ट चर्च पर बम धमाके के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रेस कांफ्रेंस में एसपी ने बताया कि मास्टरमाइंड ने धमाके करने के लिए गिरफ्तार इन दो लोगों में से हरसिंगपुर के सज्जन अली से दोस्ती करके पूरा गैंग तैयार किया था। धमाके वाले दिन कमरु भी यहां आया था। हमले के पीछे क्या मकसद था, यह कमरु के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा, मगर उसे पकड़ने में अब पुलिस को काफी परेशानी होगी, क्योंकि पता चला है कि वह नेपाल भाग निकला है।
पुराने एसपी बंगला के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सितंबर 16 की रात दो धमाके हुए थे। विवेचक मोहम्मद रफी आलम ने करीब आठ महीने बाद इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मौके से मिले अवशेषों में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर होने की फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद लखनऊ की एटीएस ने जांच की। एटीएस ने अपनी जांच में धमाके में शामिल थाना धौरहरा के गांव सिसैया कलां निवासी जामिन, रामलाल भार्गव और थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर निवासी सज्जन अली के नाम खोले थे। इसके अलावा बहराइच के कमरू व गुड्डू और लखीमपुर के अफजल का नाम खोला था, लेकिन तीनों आरोपी किस गांव के रहने वाले हैं इसकी जानकारी एटीएस नहीं जुटा पाई थी।
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में एसपी पूनम ने बताया कि सदर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को रामलाल भार्गव और सज्जन अली को सलेमपुर कोन के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना का मास्टर माइंड बहराइच का कमरू ही है। उसने दो लाख रुपये देने का लालच दिया। पेशगी के तौर पर सज्जन अली को सात हजार रुपये भी दिए थे। घटना की रात कमरू अन्य पांचों साथियों के साथ दो बाइकों से लखीमपुर पहुंचा। बाउंड्री के पास पड़े रेत के ढेर पर चढ़कर क्राइस्ट चर्च में घुसे सज्जन ने चर्च पर दो बार बम फेंके। बाद में सभी लोग भाग निकले थे। उन्होंने आरोपियों के हवाले से बताया कि धमाके के बाद कमरू ने उन्हें शैष पैसे भी नहीं दिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचा और दो कारतूस बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की।
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हरिसंगपुर रिश्तेदारी में आता-जाता था कमरू
गांव के सज्जन अली से बढ़ाई दोस्ती, बनाया गैंग
क्राइस्ट चर्च पर हमले के मास्टरमाइंड कमरू की रिश्तेदारी गांव हरसिंगपुर में थी। वह गांव आता-जाता था। उसने गांव के ही सज्जन अली से दोस्ती की। उसी के दोस्तों के साथ मिलकर गैंग बना लिया। एसपी पूनम ने बताया कि कमरू की थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर में रिश्तेदारी है। उसका वहां आना-जाना था। जिससे उसकी दोस्ती गांव के सज्जन अली से हुई। दोनों आपस में काफी घुल मिल गए। सज्जन अली के जरिए अन्य आरोपी भी एक-दूसरे के संपर्क में आ गए और उसके दोस्त हो गए। कमरू ने पैसा कमाने का लालच दिया। सभी छह साथियों को जोड़कर गैंग बना लिया। एसपी ने बताया कि कमरू उर्फ कमरुद्दीन अपने साथियों के साथ मिलकर लखीमपुर, आसपास के शहरों और कस्बों में जाकर कई संगीन घटनाओं को अंजाम देता था।
एसपी ने नेपाल पुलिस से साधा संपर्क
एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारना शुरू किए तो इसकी भनक कमरू उर्फ कमरुद्दीन को लग गई। पकड़े जाने के डर से वह नेपाल भाग निकला। उन्होंने नेपाल के अधिकारियों से भी उसे गिरफ्तार करने के लिए संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शेष फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कमरू ने ही दिए थे बम
गिरफ्तार सज्जन अली ने पुलिस को बताया कि जब वह क्राइस्ट चर्च पहुंचा तो कमरू ने उसे दो बम दिए थे। जिसे चर्च पर फेंकने के बाद वह सभी लोग बाइक से घोसियाना रोड होकर भाग निकले थे।
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पुराने एसपी बंगला के निकट मोहल्ला कपूरथला स्थित क्राइस्ट चर्च पर 17 सितंबर 16 की रात दो धमाके हुए थे। विवेचक मोहम्मद रफी आलम ने करीब आठ महीने बाद इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मौके से मिले अवशेषों में पोटेशियम क्लोरेट, क्लोराइड, नाइट्रेट और सल्फर होने की फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद लखनऊ की एटीएस ने जांच की। एटीएस ने अपनी जांच में धमाके में शामिल थाना धौरहरा के गांव सिसैया कलां निवासी जामिन, रामलाल भार्गव और थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर निवासी सज्जन अली के नाम खोले थे। इसके अलावा बहराइच के कमरू व गुड्डू और लखीमपुर के अफजल का नाम खोला था, लेकिन तीनों आरोपी किस गांव के रहने वाले हैं इसकी जानकारी एटीएस नहीं जुटा पाई थी।
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सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में एसपी पूनम ने बताया कि सदर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को रामलाल भार्गव और सज्जन अली को सलेमपुर कोन के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना का मास्टर माइंड बहराइच का कमरू ही है। उसने दो लाख रुपये देने का लालच दिया। पेशगी के तौर पर सज्जन अली को सात हजार रुपये भी दिए थे। घटना की रात कमरू अन्य पांचों साथियों के साथ दो बाइकों से लखीमपुर पहुंचा। बाउंड्री के पास पड़े रेत के ढेर पर चढ़कर क्राइस्ट चर्च में घुसे सज्जन ने चर्च पर दो बार बम फेंके। बाद में सभी लोग भाग निकले थे। उन्होंने आरोपियों के हवाले से बताया कि धमाके के बाद कमरू ने उन्हें शैष पैसे भी नहीं दिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचा और दो कारतूस बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की।
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हरिसंगपुर रिश्तेदारी में आता-जाता था कमरू
गांव के सज्जन अली से बढ़ाई दोस्ती, बनाया गैंग
क्राइस्ट चर्च पर हमले के मास्टरमाइंड कमरू की रिश्तेदारी गांव हरसिंगपुर में थी। वह गांव आता-जाता था। उसने गांव के ही सज्जन अली से दोस्ती की। उसी के दोस्तों के साथ मिलकर गैंग बना लिया। एसपी पूनम ने बताया कि कमरू की थाना निघासन के गांव हरसिंगपुर में रिश्तेदारी है। उसका वहां आना-जाना था। जिससे उसकी दोस्ती गांव के सज्जन अली से हुई। दोनों आपस में काफी घुल मिल गए। सज्जन अली के जरिए अन्य आरोपी भी एक-दूसरे के संपर्क में आ गए और उसके दोस्त हो गए। कमरू ने पैसा कमाने का लालच दिया। सभी छह साथियों को जोड़कर गैंग बना लिया। एसपी ने बताया कि कमरू उर्फ कमरुद्दीन अपने साथियों के साथ मिलकर लखीमपुर, आसपास के शहरों और कस्बों में जाकर कई संगीन घटनाओं को अंजाम देता था।
एसपी ने नेपाल पुलिस से साधा संपर्क
एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारना शुरू किए तो इसकी भनक कमरू उर्फ कमरुद्दीन को लग गई। पकड़े जाने के डर से वह नेपाल भाग निकला। उन्होंने नेपाल के अधिकारियों से भी उसे गिरफ्तार करने के लिए संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शेष फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कमरू ने ही दिए थे बम
गिरफ्तार सज्जन अली ने पुलिस को बताया कि जब वह क्राइस्ट चर्च पहुंचा तो कमरू ने उसे दो बम दिए थे। जिसे चर्च पर फेंकने के बाद वह सभी लोग बाइक से घोसियाना रोड होकर भाग निकले थे।