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Lakhimpur Kheri News: फर्म संचालिका और बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का केस
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लखीमपुर खीरी। कोतवाली सदर के बाजूडीह निवासी सलिल वर्मा ने अपने पिता की साझेदारी फर्म मेसर्स कुबेर ईंट उद्योग का एकल संचालन करने वाली संजीता वर्मा और इंडियन बैंक के अज्ञात कर्मचारी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
बताया कि साझेदारी फर्म में शंभूदयाल वर्मा और संजीता वर्मा ने इंडियन बैंक शाखा खीरी टाउन से एक सीसी लिमिट खाता संचालित किया था। इस खाते में सलिल के पिता भारत प्रसाद ने अपने तीन भाइयों शत्रोहन लाल, शंभूदयाल व रामसागर वर्मा के संयुक्त स्वामित्व वाले मकान को गारंटी के तौर पर लगाया था। इसमें भागीदार शंभु दयाल, शत्रोहन लाल व संजीता वर्मा के बीच विवाद हुआ तो शंभुदयाल व शत्रोहन ने 10 साल पहले फर्म से रिटायरमेंट ले लिया।
इससे फर्म संजीता के एकल स्वामित्व में चली गई। शंभूदयाल और शत्रोहन ने सीसी लिमिट खाता बंद करने, एकल फर्म के खाते का नवीनीकरण न करने व बंधक मकान को बंधन मुक्त करने का प्रार्थना पत्र बैंक में दे दिया। बैंक ने पुराना खाता बंद कर नया शुरु करने के लिया कहा, लेकिन आरोप है कि फर्म मालकिन संजीता, बैंककर्मियोंं की मिलीभगत से साझेदारी खाते का संचालन कर रही हैं।
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बैंककर्मी, इस खाते का रिन्यूअल कर दे रहे हैं। फर्म पर प्रतिवर्ष करोड़ों का लेनदेन हो रहा है। मकान को बंधन मुक्त भी नहीं किया जा रहा। सलिल ने बताया कि उसके पिता भारत प्रसाद की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है, लेकिन उनके स्वामित्व वाला मकान आज भी बैंक का बंधित है। ऋण अदायगी न करने को लेकर पुलिस ने फर्म संचालिका और अज्ञात बैंक कर्मियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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बताया कि साझेदारी फर्म में शंभूदयाल वर्मा और संजीता वर्मा ने इंडियन बैंक शाखा खीरी टाउन से एक सीसी लिमिट खाता संचालित किया था। इस खाते में सलिल के पिता भारत प्रसाद ने अपने तीन भाइयों शत्रोहन लाल, शंभूदयाल व रामसागर वर्मा के संयुक्त स्वामित्व वाले मकान को गारंटी के तौर पर लगाया था। इसमें भागीदार शंभु दयाल, शत्रोहन लाल व संजीता वर्मा के बीच विवाद हुआ तो शंभुदयाल व शत्रोहन ने 10 साल पहले फर्म से रिटायरमेंट ले लिया।
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इससे फर्म संजीता के एकल स्वामित्व में चली गई। शंभूदयाल और शत्रोहन ने सीसी लिमिट खाता बंद करने, एकल फर्म के खाते का नवीनीकरण न करने व बंधक मकान को बंधन मुक्त करने का प्रार्थना पत्र बैंक में दे दिया। बैंक ने पुराना खाता बंद कर नया शुरु करने के लिया कहा, लेकिन आरोप है कि फर्म मालकिन संजीता, बैंककर्मियोंं की मिलीभगत से साझेदारी खाते का संचालन कर रही हैं।
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बैंककर्मी, इस खाते का रिन्यूअल कर दे रहे हैं। फर्म पर प्रतिवर्ष करोड़ों का लेनदेन हो रहा है। मकान को बंधन मुक्त भी नहीं किया जा रहा। सलिल ने बताया कि उसके पिता भारत प्रसाद की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है, लेकिन उनके स्वामित्व वाला मकान आज भी बैंक का बंधित है। ऋण अदायगी न करने को लेकर पुलिस ने फर्म संचालिका और अज्ञात बैंक कर्मियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है।