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Lakhimpur Kheri News: जबरन अधिग्रहण की गई जमीनों को कराया जाए मुक्त
Tue, 24 Jun 2025 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 24 Jun 2025 12:11 AM IST
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लखीमपुर खीरी। शहर से सटे गांव राजापुर की भूमि गैर कानूनी तरीके से आवास विकास परिषद पर जबरन अधिग्रहण करने का आरोप है। इसको लेकर सोमवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के पदाधिकारियों ने कमिश्नर को संबोधित ज्ञापन आवास विकास के उपायुक्त को सौंपा। मांग की गई कि जमीन को मुक्त कराया जाए।
उन्होंने बताया कि तहसील सदर के राजापुर व पिपरिया गांव के 498 किसानों की 317 एकड़ कृषि योग्य भूमि को 2010 में आवास विकास परिषद ने अधिग्रहित करके किसानों को भूमिहीन कर दिया। किसान अपनी जमीनों पर फल, फूल, सब्जी आदि फसलें उगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
आरोप है कि किसान पिछले पांच साल से धरना-प्रदर्शन, पद यात्रा, भूख हड़ताल आदि कर चुके हैं। सैकड़ों बार लखनऊ में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन आदि दिया, पर अभी तक किसी भी अधिकारी ने कोई भी निराकरण नहीं किया।
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पांच बार हो चुका इस गांव की जमीन का अधिग्रहण
पहले भी ग्रामीणों की कृषि योग्य जमीनों का पांच बार विभिन्न कारणों से अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसमें पहली बार मंडी समिति के लिए, दूसरी बार डायट, तीसरी बार आईटीआई, चौथी बार इंडस्ट्रियल एरिया व पांचवीं बार आवास विकास परिषद के आवासों के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया गया। अब फिर से छठी बार जबरन अधिग्रहण कर लिया गया है।
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उन्होंने बताया कि तहसील सदर के राजापुर व पिपरिया गांव के 498 किसानों की 317 एकड़ कृषि योग्य भूमि को 2010 में आवास विकास परिषद ने अधिग्रहित करके किसानों को भूमिहीन कर दिया। किसान अपनी जमीनों पर फल, फूल, सब्जी आदि फसलें उगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
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आरोप है कि किसान पिछले पांच साल से धरना-प्रदर्शन, पद यात्रा, भूख हड़ताल आदि कर चुके हैं। सैकड़ों बार लखनऊ में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन आदि दिया, पर अभी तक किसी भी अधिकारी ने कोई भी निराकरण नहीं किया।
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पांच बार हो चुका इस गांव की जमीन का अधिग्रहण
पहले भी ग्रामीणों की कृषि योग्य जमीनों का पांच बार विभिन्न कारणों से अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसमें पहली बार मंडी समिति के लिए, दूसरी बार डायट, तीसरी बार आईटीआई, चौथी बार इंडस्ट्रियल एरिया व पांचवीं बार आवास विकास परिषद के आवासों के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया गया। अब फिर से छठी बार जबरन अधिग्रहण कर लिया गया है।