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Lakhimpur Kheri News: पांच तहसीलों के 60 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का संकट
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पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन
लखीमपुर खीरी। जिले की पांच तहसीलों के 60 से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक पलिया, निघासन, सदर तहसील के फूलबेहड़ और गोला तहसील के बिजुआ इलाके में ही बाढ़-कटान का प्रभाव था। इन क्षेत्रों में शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर कहर बरपाए है।
अब धौरहरा तहसील क्षेत्र में शारदा व घाघरा नदी ने भी अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। उधर, पलिया क्षेत्र में शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को यहां नदी खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर थी, जो बृहस्पतिवार को 36 सेमी ऊपर पहुंच गई। यहां ननदी के आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
कुंवरपुर खुर्द, शाहपुर में घुसा पानी, प्रशासन ने बांटी सहायता राशि
पलियाकलां। वनबसा बैराज से लगातार पानी पास किए जाने का असर इलाके में शारदा नदी पर लगातार दिखाई दे रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे वनबसा बैराज से पास किया गया पानी आ जाने के बाद नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी, लेकिन शाम चार बजे नदी का जलस्तर चार सेमी कम हुआ। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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भीरा के गांव नारायणपुर, शाहपुर व कुंवरपुर कलां में नदी का पानी पहुंचने के बाद बाढ़ पीड़ितों के बीच एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार, तहसीलदार ज्योति वर्मा ने राजस्व टीम के साथ पहुंचकर लंच पैकेट व राहत सामग्री का वितरण किया। एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार ने बताया कि तीन गांवों में ही अभी नदी का कुछ पानी पहुंचा है, बाकी पलिया क्षेत्र में अब तक आबादी के पास बाढ़ का पानी कहीं और नहीं आया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी रखते हुए लेखपालों की टीमों को तैनात कर लगातार नजर रखी जा रही है। संवाद
मेलाघाट जाने वाले मार्ग पर पहुंचा पानी
शारदा नदी की बाढ़ का पानी अतरिया रेलवे क्राॅसिंग से मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर भी आ गया है। हालांकि अभी यहां पानी कम है और कुछ-कुछ जगहों पर निचले क्षेत्र में ही पानी भरा है। आसपास गन्ने की फसलों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि रेलवे क्रॉसिंग के किनारे बने श्मशान घाट में भी नदी का पानी भर गया है। हालांकि अभी आबादी प्रभावित नहीं हुई है।
बिजुआ क्षेत्र में शारदा नदी उफान पर, घरों में घुसा पानी
बिजुआ। शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ से तबाही मच गई है। बझेड़ा गांव में बांध के ऊपर से पानी निकल कर गांव के अंदर प्रवेश कर गया है। लोगों के घरों में दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
करसौर, कोरियाना, रूरा सुल्तानपुर, तनसुखपुरवा और बेलहासिकटिहा आदि गांवों में पानी लगातार बढ़ रहा है। लोग ऊंची जगह पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन ने अब कहीं भी लोगों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था नहीं की है। सिर्फ लेखपाल अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज रहे हैं। तहसील प्रशासन की तरफ से दो बाढ़ चौकियां एक बिजुआ तथा एक पूजागांव अषाढ़ी में स्थापित की गई है। बाढ़ चौकियों से अब तक किसी प्रकार की बाढ़ राहत सामग्री लोगों तक नहीं पहुंचाई गई है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। संवाद
धौरहरा के बीस गांव जलमग्न, बाढ़ पीड़िताें को बांटे लंच पैकेट
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते तहसील क्षेत्र के करीब बीस गांव जलमग्न हो चुके हैं। इन गांवों के लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। सूचना पर एडीएम ने भी स्थित का जायजा लिया।
पहाड़ों पर अत्याधिक बारिश से नेपाल की महाकाली नदी में उफान आ चुका है। इसका असर अब धौरहरा तहसील क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। महाकाली नदी का पानी शारदा और घाघरा नदियां में भी काफी मात्रा में आता है। इसके चलते गोड़ियाना, डुंड़की, मांझासुमाली, चकदहा, कैरातीपुरवा, ओझापुरवा, गौढ़ी, करिमापुर, परसा, चहलुआ, रामलोक, जंगल सुजानपुर, नौबस्ता, मूड़ी सहित करीब 20 गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीणों के घरों में पानी भरने से अनाज और घरेलू सामान भीग गया है।
इससे उनके घरों में चूल्हे नहीं जल रहे। एसडीएम शशिकांत मणि तहसीलदार आदित्य विशाल और लेखपाल शशांक शुक्ला ने बुधवार शाम गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया एवं बाढ़ राहत केंद्रों से लंच पैकेट बनवाकर वितरित कराए। सूचना पर एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह मौके पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत केंद्रों में भेजने के निर्देश दिए। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया, बाढ़ प्रभावित सभी गांवों के लेखपालों को लंच पैकेट वितरण में लगाया गया है। साथ ही नाव के साथ गोताखोरों को भी लगाया गया है। ज्यादा प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। संवाद
तहसील की तरफ से बांटे गए लंच पैकेट
बिजुआ। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एसडीएम युगांतर त्रिपाठी और तहसीलदार भीमचंद ने भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए।
एसडीएम ने बताया कि बेचेपुरवा में 300, रूरा सुल्तानपुर में 550, बेलहा सिकटिहा में 150, करसौर में 100, नई बस्ती में 200, जौहरा-गुजारा में 850, जंगल नंबर नौ में 150 और करसौर में 300 लंच पैकेट बांटे गए। नायब तहसीलदार ने बुधवार को बताया था कि जल्द ही राहत किट का वितरण किया जाएगा। संवाद
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अब धौरहरा तहसील क्षेत्र में शारदा व घाघरा नदी ने भी अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। उधर, पलिया क्षेत्र में शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को यहां नदी खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर थी, जो बृहस्पतिवार को 36 सेमी ऊपर पहुंच गई। यहां ननदी के आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
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कुंवरपुर खुर्द, शाहपुर में घुसा पानी, प्रशासन ने बांटी सहायता राशि
पलियाकलां। वनबसा बैराज से लगातार पानी पास किए जाने का असर इलाके में शारदा नदी पर लगातार दिखाई दे रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे वनबसा बैराज से पास किया गया पानी आ जाने के बाद नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई थी, लेकिन शाम चार बजे नदी का जलस्तर चार सेमी कम हुआ। हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
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भीरा के गांव नारायणपुर, शाहपुर व कुंवरपुर कलां में नदी का पानी पहुंचने के बाद बाढ़ पीड़ितों के बीच एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार, तहसीलदार ज्योति वर्मा ने राजस्व टीम के साथ पहुंचकर लंच पैकेट व राहत सामग्री का वितरण किया। एसडीएम डाॅ. अवनीश कुमार ने बताया कि तीन गांवों में ही अभी नदी का कुछ पानी पहुंचा है, बाकी पलिया क्षेत्र में अब तक आबादी के पास बाढ़ का पानी कहीं और नहीं आया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी रखते हुए लेखपालों की टीमों को तैनात कर लगातार नजर रखी जा रही है। संवाद
मेलाघाट जाने वाले मार्ग पर पहुंचा पानी
शारदा नदी की बाढ़ का पानी अतरिया रेलवे क्राॅसिंग से मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर भी आ गया है। हालांकि अभी यहां पानी कम है और कुछ-कुछ जगहों पर निचले क्षेत्र में ही पानी भरा है। आसपास गन्ने की फसलों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि रेलवे क्रॉसिंग के किनारे बने श्मशान घाट में भी नदी का पानी भर गया है। हालांकि अभी आबादी प्रभावित नहीं हुई है।
बिजुआ क्षेत्र में शारदा नदी उफान पर, घरों में घुसा पानी
बिजुआ। शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ से तबाही मच गई है। बझेड़ा गांव में बांध के ऊपर से पानी निकल कर गांव के अंदर प्रवेश कर गया है। लोगों के घरों में दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
करसौर, कोरियाना, रूरा सुल्तानपुर, तनसुखपुरवा और बेलहासिकटिहा आदि गांवों में पानी लगातार बढ़ रहा है। लोग ऊंची जगह पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन ने अब कहीं भी लोगों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था नहीं की है। सिर्फ लेखपाल अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज रहे हैं। तहसील प्रशासन की तरफ से दो बाढ़ चौकियां एक बिजुआ तथा एक पूजागांव अषाढ़ी में स्थापित की गई है। बाढ़ चौकियों से अब तक किसी प्रकार की बाढ़ राहत सामग्री लोगों तक नहीं पहुंचाई गई है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। संवाद
धौरहरा के बीस गांव जलमग्न, बाढ़ पीड़िताें को बांटे लंच पैकेट
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर के चलते तहसील क्षेत्र के करीब बीस गांव जलमग्न हो चुके हैं। इन गांवों के लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। सूचना पर एडीएम ने भी स्थित का जायजा लिया।
पहाड़ों पर अत्याधिक बारिश से नेपाल की महाकाली नदी में उफान आ चुका है। इसका असर अब धौरहरा तहसील क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। महाकाली नदी का पानी शारदा और घाघरा नदियां में भी काफी मात्रा में आता है। इसके चलते गोड़ियाना, डुंड़की, मांझासुमाली, चकदहा, कैरातीपुरवा, ओझापुरवा, गौढ़ी, करिमापुर, परसा, चहलुआ, रामलोक, जंगल सुजानपुर, नौबस्ता, मूड़ी सहित करीब 20 गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीणों के घरों में पानी भरने से अनाज और घरेलू सामान भीग गया है।
इससे उनके घरों में चूल्हे नहीं जल रहे। एसडीएम शशिकांत मणि तहसीलदार आदित्य विशाल और लेखपाल शशांक शुक्ला ने बुधवार शाम गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया एवं बाढ़ राहत केंद्रों से लंच पैकेट बनवाकर वितरित कराए। सूचना पर एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह मौके पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत केंद्रों में भेजने के निर्देश दिए। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया, बाढ़ प्रभावित सभी गांवों के लेखपालों को लंच पैकेट वितरण में लगाया गया है। साथ ही नाव के साथ गोताखोरों को भी लगाया गया है। ज्यादा प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। संवाद
तहसील की तरफ से बांटे गए लंच पैकेट
बिजुआ। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एसडीएम युगांतर त्रिपाठी और तहसीलदार भीमचंद ने भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित किए।
एसडीएम ने बताया कि बेचेपुरवा में 300, रूरा सुल्तानपुर में 550, बेलहा सिकटिहा में 150, करसौर में 100, नई बस्ती में 200, जौहरा-गुजारा में 850, जंगल नंबर नौ में 150 और करसौर में 300 लंच पैकेट बांटे गए। नायब तहसीलदार ने बुधवार को बताया था कि जल्द ही राहत किट का वितरण किया जाएगा। संवाद

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन

पलिया के कुंवरपुर खुर्द में राहत सामग्री का वितरण करते तहसीलकर्मी। स्रोत : तहसील प्रशासन