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Lakhimpur Kheri News: जानलेवा हमले में दोषी को पांच वर्ष की कैद
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लखीमपुर खीरी। दस साल पहले खेत के संपत्ति विवाद में ग्रामीण के सिर पर बांका मारकर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे अनिल सिंह राणा ने हमलावर को पांच साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही हमलावर पर 15000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कपिल कटियार ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम टैगनाहिया मजरा खैरहना निवासी मयंक शेखर मिश्र और गांव के ही सोहनलाल यादव के बीच खेत को लेकर कहासुनी चल रही थी। इसी दौरान 14 मई 2014 को नौ बजे सुबह जब सोहनलाल अपने लड़के सुरेश यादव के साथ गांव के दक्षिण तरफ स्थित खेत में चारा काट रहा था, तभी मयंक शेखर अपने साथियों के साथ नाजायज हथियारों से लैस होकर धावा बोल दिया।
सुरेश को पकड़कर यह लोग मारने लगे, जान बचाने के लिए सुरेश भागने लगा तो मयंक शेखर ने बांका से जानलेवा हमला करते हुए उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे बुरी तरह जख्मी सुरेश यादव का कई दिन जिला अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। पुलिस ने मामले में मयंक शेखर के साथ ही उसके पिता ओमप्रकाश मिश्र, चाचा ब्रजकिशोर मिश्र और भाई शशांक मिश्रा को भी आरोपित करते हुए चार्ज शीट दाखिल की। अदालत की सुनवाई में सोहनलाल, सत्यनारायण योगेंद्र बहादुर, डॉ. सालिकराम वर्मा की गवाही दर्ज की गई थी।
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मंगलवार को अदालत ने अपने फैसले में केवल मयंक शेखर को जानलेवा हमले में दोषी करार दिया है। बाकी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया है। दोषी मयंक शेखर को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
पत्नी को जलाकर मार डालने में उम्रकैद
लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को शादी के डेढ़ वर्ष के भीतर ही जलाकर मार डालने के मामले में एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने बताया कि पड़ोसी सीतापुर जिले के महोली थाना क्षेत्र में मास्टर कॉलोनी निवासी रामचंद्र अवस्थी ने अपनी लड़की अंजू की शादी 2010 में मितौली निवासी राजीव मिश्रा के साथ धूमधाम से किया था लेकिन कुछ समय बाद विवाहिता को प्रताड़ित करने की शिकायतें शुरू हो गईं। 25 अगस्त 2013 की शाम को अंजू को जला कर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में पिता रामचंद्र अवस्थी की ओर से पति राजीव मिश्रा, देवर संजीव, ससुर बालमुकुंद, सास इंदिरा ननद वंदना उर्फ गुड्डी को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन अदालत की सुनवाई के दौरान एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने इसे दहेज मृत्यु का मामला नहीं पाया बल्कि इस हत्या का मामला पाते हुए पति राजीव मिश्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कपिल कटियार ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम टैगनाहिया मजरा खैरहना निवासी मयंक शेखर मिश्र और गांव के ही सोहनलाल यादव के बीच खेत को लेकर कहासुनी चल रही थी। इसी दौरान 14 मई 2014 को नौ बजे सुबह जब सोहनलाल अपने लड़के सुरेश यादव के साथ गांव के दक्षिण तरफ स्थित खेत में चारा काट रहा था, तभी मयंक शेखर अपने साथियों के साथ नाजायज हथियारों से लैस होकर धावा बोल दिया।
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सुरेश को पकड़कर यह लोग मारने लगे, जान बचाने के लिए सुरेश भागने लगा तो मयंक शेखर ने बांका से जानलेवा हमला करते हुए उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे बुरी तरह जख्मी सुरेश यादव का कई दिन जिला अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। पुलिस ने मामले में मयंक शेखर के साथ ही उसके पिता ओमप्रकाश मिश्र, चाचा ब्रजकिशोर मिश्र और भाई शशांक मिश्रा को भी आरोपित करते हुए चार्ज शीट दाखिल की। अदालत की सुनवाई में सोहनलाल, सत्यनारायण योगेंद्र बहादुर, डॉ. सालिकराम वर्मा की गवाही दर्ज की गई थी।
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मंगलवार को अदालत ने अपने फैसले में केवल मयंक शेखर को जानलेवा हमले में दोषी करार दिया है। बाकी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया है। दोषी मयंक शेखर को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
पत्नी को जलाकर मार डालने में उम्रकैद
लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को शादी के डेढ़ वर्ष के भीतर ही जलाकर मार डालने के मामले में एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने बताया कि पड़ोसी सीतापुर जिले के महोली थाना क्षेत्र में मास्टर कॉलोनी निवासी रामचंद्र अवस्थी ने अपनी लड़की अंजू की शादी 2010 में मितौली निवासी राजीव मिश्रा के साथ धूमधाम से किया था लेकिन कुछ समय बाद विवाहिता को प्रताड़ित करने की शिकायतें शुरू हो गईं। 25 अगस्त 2013 की शाम को अंजू को जला कर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस मामले में पिता रामचंद्र अवस्थी की ओर से पति राजीव मिश्रा, देवर संजीव, ससुर बालमुकुंद, सास इंदिरा ननद वंदना उर्फ गुड्डी को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन अदालत की सुनवाई के दौरान एडीजे देवेंद्र नाथ सिंह ने इसे दहेज मृत्यु का मामला नहीं पाया बल्कि इस हत्या का मामला पाते हुए पति राजीव मिश्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। संवाद