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पहला दिन : नहाय खाय के साथ शुरू हुई छठ पूजा
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संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद
लखीमपुर खीरी। छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय के साथ त्योहार की शुरुआत हो गई है। व्रत रखने वाली महिलाओं ने सूर्य देव की पूजा की।
व्रती महिलाओं ने स्नान करके नए वस्त्र धारण किए और शुद्ध भोजन ग्रहण किया। नहाय खाय का उद्देश्य शरीर और मन की शुद्धि करना होता है। पर्व के दौरान महिलाएं सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करेंगी। व्रती महिलाएं बुधवार शाम से 36 घंटे तक निर्जल व्रत रखेंगी।
छठ सनातन धर्म की सबसे पुरानी पूजा
छठ पूजा सनातन धर्म की सबसे पुरानी पूजा है। अब यह क्षेत्रीय पूजा बनकर रह गई है। परिवार की सभी महिलाएं मिलकर तैयारी करती हैं और सामूहिक पूजा करती हैं। छठ पूजा स्थल पर वेदियां तैयार हैं, बृहस्पतिवार को सूर्य को अर्घ दिया जाएगा।
- शीला यादव, हाथीपुर
नहाय खाय के दिन मैं अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा की तैयारी करती हूं। यह पूजा का पहला दिन है। इसमें काफी तैयारी की जाती है। संतान की दीर्घायु के 36 घंटे का निर्जल व्रत रखा जाता है। - रूबी सिंह, गंगोत्री नगर
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इस दिन शुद्ध भोजन ग्रहण कर अपने मन को शुद्ध किया जाता है। निर्जल व्रत रखकर हम महिलाएं शाम को सूर्यास्त के बाद लौकी की सब्जी, रोटी व पूड़ी खाते हैं। - विनीता सिंह, काशीनगर
हमारी परंपरा में नहाय खाय का बहुत महत्व है। यह हमें आत्मशुद्धि का अवसर देता है। परिवार के सभी लोग मिलकर तैयारी करते हैं। यह पूजा प्राकृतिक रूप से बहुत सादगी वाली है। इसमें अधिक खर्च भी नहीं होता। - सावित्री सिंह, शिवपुरी
आयोजन समिति की देखरेख में होती है पूजा
सेठघाट पर छठ पूजा आयोजन समिति की देखरेख में पूजा और सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यक्रम संयोजक मृगांक शेखर उपाध्याय ने बताया कि पूर्वांचल की संस्था आपन माटी के द्वारा छठ पूजा आयोजन समिति बनाई गई थी। सभी आयोजन यही समिति कराती है। यहां पर पूजा के अलावा लोकगीत व भजन संध्या का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि समिति के अध्यक्ष सूबेदार सिंह की देखरेख में जिला प्रशासन और नगर पालिका के सहयोग से सारे कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
घाटों पर सफाई के साथ हुआ साज-सज्जा का कार्य
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर छठ घाट के अलावा खजुरिया, कमलापुरी, बसही, रानीनगर, मुरारखेड़ा, बमनगर, सुमेरनगर, विशेनपुरी आदि घाटों पर साफ-सफाई व सज्जा का कार्य समितियों की तरफ से कराया जा रहा है। नहाय खाय से शुरू हुआ छठ महापर्व बृहस्पतिवार से शुरू होगा। इसमें महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का कार्य करेंगी और शुक्रवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए परिवार की खुशहाली समेत व्रत का पारण किया जाएगा।
छठ घाट पर तैयारियों को लेकर समिति के लोग लगे हुए हैं। उधर, सिंगाही खुर्द ग्राम पंचायत की तरफ से सफाई अभियान के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। जगह-जगह गंदगी न करने के बोर्ड और फ्लैक्स आदि भी लगवाए जा रहे हैं। सिंगाही खुर्द की ग्राम प्रधान सुरेंद्र कौर द्वारा मिलेट्री फार्म के पास बोर्ड लगवाया गया है, जिसमें लिखा है कि यह गांव है और कृपया गंदगी न फैलाएं। हालांकि इस बोर्ड के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। इसी तरह के कई जगहों पर बोर्ड लगवाए गए हैं। संवाद
छठ पूजा के लिए चलाया सफाई अभियान
बिजुआ। छठ पूजा को लेकर पड़रिया तुला में श्रीठाकुर जी मंदिर के सरोवर के पास पूर्वांचल के लोगों ने सफाई की।
पड़रिया तुला तथा आसपास के गांवों में पूर्वांचल के लोगों की अच्छी खासी आबादी है। इन लोगों को छठ पूजा करने के लिए अपनी रिश्तेदारी और अन्य दूरदराज जगहों पर जाना पड़ता था। बीते साल ग्राम प्रधान व अन्य लोगों के सहयोग से छठघाट का निर्माण कराया गया। इससे लोगों को अपने घर के पास ही पूजा करने का अवसर मिल रहा है। गुलरिया चीनीमिल में भी छठघाट की सफाई करने के साथ ही पूजा करने के लिए गड्ढे खोदकर उसमें पानी भरवाया गया। संवाद
पूजा स्थलों का सीओ और कोतवाल ने किया निरीक्षण
मोहम्मदी। हजरतपुर घाट पर प्रधान शीला निषाद ने सफाई का काम शुरू करा दिया है। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने कंधरापुर गोलियां घाट, बाबा टेढ़े नाथ घाट, हजरतपुर घाट, अमरी घाट और जैती घाट का निरीक्षण किया। घाटों पर झाड़ झंखाड़ को देख ग्राम प्रधानों से साफ-सफाई कराने के लिए कहा। हजरतपुर घाट की साफ-सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। संवाद
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व्रती महिलाओं ने स्नान करके नए वस्त्र धारण किए और शुद्ध भोजन ग्रहण किया। नहाय खाय का उद्देश्य शरीर और मन की शुद्धि करना होता है। पर्व के दौरान महिलाएं सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करेंगी। व्रती महिलाएं बुधवार शाम से 36 घंटे तक निर्जल व्रत रखेंगी।
छठ सनातन धर्म की सबसे पुरानी पूजा
छठ पूजा सनातन धर्म की सबसे पुरानी पूजा है। अब यह क्षेत्रीय पूजा बनकर रह गई है। परिवार की सभी महिलाएं मिलकर तैयारी करती हैं और सामूहिक पूजा करती हैं। छठ पूजा स्थल पर वेदियां तैयार हैं, बृहस्पतिवार को सूर्य को अर्घ दिया जाएगा।
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- शीला यादव, हाथीपुर
नहाय खाय के दिन मैं अपने परिवार के साथ मिलकर पूजा की तैयारी करती हूं। यह पूजा का पहला दिन है। इसमें काफी तैयारी की जाती है। संतान की दीर्घायु के 36 घंटे का निर्जल व्रत रखा जाता है। - रूबी सिंह, गंगोत्री नगर
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इस दिन शुद्ध भोजन ग्रहण कर अपने मन को शुद्ध किया जाता है। निर्जल व्रत रखकर हम महिलाएं शाम को सूर्यास्त के बाद लौकी की सब्जी, रोटी व पूड़ी खाते हैं। - विनीता सिंह, काशीनगर
हमारी परंपरा में नहाय खाय का बहुत महत्व है। यह हमें आत्मशुद्धि का अवसर देता है। परिवार के सभी लोग मिलकर तैयारी करते हैं। यह पूजा प्राकृतिक रूप से बहुत सादगी वाली है। इसमें अधिक खर्च भी नहीं होता। - सावित्री सिंह, शिवपुरी
आयोजन समिति की देखरेख में होती है पूजा
सेठघाट पर छठ पूजा आयोजन समिति की देखरेख में पूजा और सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यक्रम संयोजक मृगांक शेखर उपाध्याय ने बताया कि पूर्वांचल की संस्था आपन माटी के द्वारा छठ पूजा आयोजन समिति बनाई गई थी। सभी आयोजन यही समिति कराती है। यहां पर पूजा के अलावा लोकगीत व भजन संध्या का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि समिति के अध्यक्ष सूबेदार सिंह की देखरेख में जिला प्रशासन और नगर पालिका के सहयोग से सारे कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
घाटों पर सफाई के साथ हुआ साज-सज्जा का कार्य
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर छठ घाट के अलावा खजुरिया, कमलापुरी, बसही, रानीनगर, मुरारखेड़ा, बमनगर, सुमेरनगर, विशेनपुरी आदि घाटों पर साफ-सफाई व सज्जा का कार्य समितियों की तरफ से कराया जा रहा है। नहाय खाय से शुरू हुआ छठ महापर्व बृहस्पतिवार से शुरू होगा। इसमें महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का कार्य करेंगी और शुक्रवार को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए परिवार की खुशहाली समेत व्रत का पारण किया जाएगा।
छठ घाट पर तैयारियों को लेकर समिति के लोग लगे हुए हैं। उधर, सिंगाही खुर्द ग्राम पंचायत की तरफ से सफाई अभियान के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। जगह-जगह गंदगी न करने के बोर्ड और फ्लैक्स आदि भी लगवाए जा रहे हैं। सिंगाही खुर्द की ग्राम प्रधान सुरेंद्र कौर द्वारा मिलेट्री फार्म के पास बोर्ड लगवाया गया है, जिसमें लिखा है कि यह गांव है और कृपया गंदगी न फैलाएं। हालांकि इस बोर्ड के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। इसी तरह के कई जगहों पर बोर्ड लगवाए गए हैं। संवाद
छठ पूजा के लिए चलाया सफाई अभियान
बिजुआ। छठ पूजा को लेकर पड़रिया तुला में श्रीठाकुर जी मंदिर के सरोवर के पास पूर्वांचल के लोगों ने सफाई की।
पड़रिया तुला तथा आसपास के गांवों में पूर्वांचल के लोगों की अच्छी खासी आबादी है। इन लोगों को छठ पूजा करने के लिए अपनी रिश्तेदारी और अन्य दूरदराज जगहों पर जाना पड़ता था। बीते साल ग्राम प्रधान व अन्य लोगों के सहयोग से छठघाट का निर्माण कराया गया। इससे लोगों को अपने घर के पास ही पूजा करने का अवसर मिल रहा है। गुलरिया चीनीमिल में भी छठघाट की सफाई करने के साथ ही पूजा करने के लिए गड्ढे खोदकर उसमें पानी भरवाया गया। संवाद
पूजा स्थलों का सीओ और कोतवाल ने किया निरीक्षण
मोहम्मदी। हजरतपुर घाट पर प्रधान शीला निषाद ने सफाई का काम शुरू करा दिया है। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने कंधरापुर गोलियां घाट, बाबा टेढ़े नाथ घाट, हजरतपुर घाट, अमरी घाट और जैती घाट का निरीक्षण किया। घाटों पर झाड़ झंखाड़ को देख ग्राम प्रधानों से साफ-सफाई कराने के लिए कहा। हजरतपुर घाट की साफ-सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद

संपूर्णानगर के भानपुरी खजुरिया में कार्य करते सेवादार। संवाद