{"_id":"5852e2a04f1c1bdc3964a24f","slug":"fell-rbi-guideline-cash-shortage","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैश की किल्लत से आरबीआई की गाइड लाइन फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैश की किल्लत से आरबीआई की गाइड लाइन फेल
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
bank
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्धारित लिमिट के अनुसार नहीं मिल रहा भुगतान, नौकरीपेशा लोगों को दिक्कत, बार-बार लग रहे लाइन
नोटबंदी के 37 दिन बाद भी बैंकों में कैश की किल्लत बनी हुई है। चेस्ट से करेंसी मिलने में आ रही दिक्कतों का खामियाजा खातेदारों को भुगतना पड़ रहा है, जो कड़ाके की ठंड में भी लाइन लगाने को मजबूर हैं। वहीं बैंक अधिकारी/कर्मचारी भी भीड़ को देखकर मेन गेट बंद कर लेते हैं, जिससे खाताधारकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वजह यह भी है कि बैंक के अधिकारी कैश की कमी बताते हुए दो से 10 हजार रुपये तक ही भुगतान दे रहे हैं। कई बैंकों में तो एक दिन टोकन और दूसरे दिन भुगतान दिया जा रहा है। आरबीआई की गाइड लाइन के मुताबिक बैंक भुगतान करने में असमर्थता जता रहीं हैं, जिससे जरूरतमंदों को कई बार लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। खाताधारक और बैंक कर्मियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन जाती है।
गोला गोकर्णनाथ। रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश की कमी के चलते खातेदार परेशान हैं, जिन्हें खाते में रुपया होते हुए भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं बैंककर्मियों के रवैये से खातेदार परेशान हैं। बैंक खाताधारक संजीव कुमार, आनंद प्रकाश, राजीव कुमार का आरोप है कि जब बैंक से भुगतान लेने गए, तो फील्ड आफिसर, कैशियर ने अभद्रता करते हुए उनकी पासबुक फेंक दी। खातेदार अरवेंद्र कुमार अग्निहोत्री का आरोप है कि जब खातेदार वापस चले गए, तब बैंक कर्मियों ने अपने चहेतों को भुगतान कर दिया। पक्षपातपूर्ण रवैये से खातेदारों में रोष है।
रजागंज की पंजाब नेशनल बैंक से संबद्ध शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस शाखा में वेतन निकालने आए रामपाल वर्मा, किरन गुप्ता, मनोरमा कनौजिया, रमेश चंद, मीना कुमारी, श्याम सुंदर यादव, मंजू देवी, सत्यप्रकाश, रामपती ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और डीएम को पत्र भेजकर शाखा प्रबंधक की शिकायत की है। शिक्षकों का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने सामूहिक रूप से अपने खाते अन्य बैंक में खुलवाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
ममरी। कसबे की इलाहाबाद बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक में गुरुवार को खातेदारों की लंबी लाइनें लगी रही। कैश की कमी के चलते दो हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। बैंक प्रबंधकों ने इसे अपनी मजबूरी बताया है।
मैलानी। भुगतान न मिलने से नाराज महिलाओं ने एसबीआई के सामने नारेबाजी कर रोष जताया। राजामंडी की कलमी, फूलकुमारी, नकहाघाट की पानमती आदि ने बताया कि तीन दिनों से बैंक के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। कलमी ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए पैसों की जरूरत है। बृहस्पतिवार को एसबीआई कैशलेस रहा, जिससे बैंक कर्मियों ने नो कैश का बोर्ड भी लगा दिया। इलाहाबाद बैंक भी नो कैश रहा।
सिकंद्राबाद। कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक में कैश की किल्लत के चलते ग्राहकों को दो-दो हजार रुपये भुगतान किया गया। इससे जरूरतमंद किसान बैंक अधिकारियों के सामने अधिक रुपये देने के लिए याचना करते रहे। वहीं जिला सहकारी बैंक में पैसा लेने के लिए दो दिन लाइन लगानी पड़ रही है, क्योंकि पहले दिन ग्राहक के हाथ सिर्फ टोकन ही लगता है। इसके बाद दूसरे दिन भुगतान दिया जा रहा है।
गुलरिया। पड़रिया तुला स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने रात में ही लोग पुआल बिछाकर लेट गए और सुबह होते ही भीड़ लग गई। जब बैंक मैनेजर ने लाइन में खड़े लोगों से एक सप्ताह बाद आने को कहा, तो लोग भड़क गए। महिलाओं ने लखीमपुर-पलिया मार्ग पर जाम लगा दिया। महिलाओं के साथ पुरुष भी धरने में शामिल हो गए। दोनों तरफ लगभग दो किलोमीटर जाम लग गया। एक घंटे बाद भीरा एसओ जितेंद्र यादव मौके पर आए और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन
नोटबंदी के 37 दिन बाद भी बैंकों में कैश की किल्लत बनी हुई है। चेस्ट से करेंसी मिलने में आ रही दिक्कतों का खामियाजा खातेदारों को भुगतना पड़ रहा है, जो कड़ाके की ठंड में भी लाइन लगाने को मजबूर हैं। वहीं बैंक अधिकारी/कर्मचारी भी भीड़ को देखकर मेन गेट बंद कर लेते हैं, जिससे खाताधारकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वजह यह भी है कि बैंक के अधिकारी कैश की कमी बताते हुए दो से 10 हजार रुपये तक ही भुगतान दे रहे हैं। कई बैंकों में तो एक दिन टोकन और दूसरे दिन भुगतान दिया जा रहा है। आरबीआई की गाइड लाइन के मुताबिक बैंक भुगतान करने में असमर्थता जता रहीं हैं, जिससे जरूरतमंदों को कई बार लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। खाताधारक और बैंक कर्मियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन जाती है।
गोला गोकर्णनाथ। रोशननगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश की कमी के चलते खातेदार परेशान हैं, जिन्हें खाते में रुपया होते हुए भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं बैंककर्मियों के रवैये से खातेदार परेशान हैं। बैंक खाताधारक संजीव कुमार, आनंद प्रकाश, राजीव कुमार का आरोप है कि जब बैंक से भुगतान लेने गए, तो फील्ड आफिसर, कैशियर ने अभद्रता करते हुए उनकी पासबुक फेंक दी। खातेदार अरवेंद्र कुमार अग्निहोत्री का आरोप है कि जब खातेदार वापस चले गए, तब बैंक कर्मियों ने अपने चहेतों को भुगतान कर दिया। पक्षपातपूर्ण रवैये से खातेदारों में रोष है।
विज्ञापन
रजागंज की पंजाब नेशनल बैंक से संबद्ध शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस शाखा में वेतन निकालने आए रामपाल वर्मा, किरन गुप्ता, मनोरमा कनौजिया, रमेश चंद, मीना कुमारी, श्याम सुंदर यादव, मंजू देवी, सत्यप्रकाश, रामपती ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और डीएम को पत्र भेजकर शाखा प्रबंधक की शिकायत की है। शिक्षकों का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने सामूहिक रूप से अपने खाते अन्य बैंक में खुलवाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
ममरी। कसबे की इलाहाबाद बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक में गुरुवार को खातेदारों की लंबी लाइनें लगी रही। कैश की कमी के चलते दो हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। बैंक प्रबंधकों ने इसे अपनी मजबूरी बताया है।
मैलानी। भुगतान न मिलने से नाराज महिलाओं ने एसबीआई के सामने नारेबाजी कर रोष जताया। राजामंडी की कलमी, फूलकुमारी, नकहाघाट की पानमती आदि ने बताया कि तीन दिनों से बैंक के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। कलमी ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए पैसों की जरूरत है। बृहस्पतिवार को एसबीआई कैशलेस रहा, जिससे बैंक कर्मियों ने नो कैश का बोर्ड भी लगा दिया। इलाहाबाद बैंक भी नो कैश रहा।
सिकंद्राबाद। कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक में कैश की किल्लत के चलते ग्राहकों को दो-दो हजार रुपये भुगतान किया गया। इससे जरूरतमंद किसान बैंक अधिकारियों के सामने अधिक रुपये देने के लिए याचना करते रहे। वहीं जिला सहकारी बैंक में पैसा लेने के लिए दो दिन लाइन लगानी पड़ रही है, क्योंकि पहले दिन ग्राहक के हाथ सिर्फ टोकन ही लगता है। इसके बाद दूसरे दिन भुगतान दिया जा रहा है।
गुलरिया। पड़रिया तुला स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने रात में ही लोग पुआल बिछाकर लेट गए और सुबह होते ही भीड़ लग गई। जब बैंक मैनेजर ने लाइन में खड़े लोगों से एक सप्ताह बाद आने को कहा, तो लोग भड़क गए। महिलाओं ने लखीमपुर-पलिया मार्ग पर जाम लगा दिया। महिलाओं के साथ पुरुष भी धरने में शामिल हो गए। दोनों तरफ लगभग दो किलोमीटर जाम लग गया। एक घंटे बाद भीरा एसओ जितेंद्र यादव मौके पर आए और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।