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Lakhimpur Kheri News: तेज हुई कटान, दो दिन में तीन घर मोहाना नदी में समाए
Wed, 28 Oct 2026 11:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:34 PM IST
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तिकुनिया के जसनगर गांव में कटान करती मोहाना नदी। संवाद
तिकुनिया। जसनगर गांव में मोहाना नदी की कटान तेज होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दो दिन के भीतर नदी तीन घरों को अपने आगोश में ले चुकी है। कटान के भय से ग्रामीण घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों और रिश्तेदारों के यहां जाने को मजबूर हैं। प्रभावित परिवारों ने पंचायत में रहने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की है।
गिरिजा बैराज पर क्लोजर की कार्रवाई चलने के कारण मोहाना नदी का जलस्तर घटा हुआ है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी ने कटान तेज कर दिया है। मंगलवार को दिन में राजकुमार का और रात में जीवन का घर नदी में समा गया। बुधवार को दिनेश का घर भी कटान की भेंट चढ़ गया।
लगातार हो रही कटान से आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत है। लोग घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। लेखपाल फूल सिंह ने बताया कि तीन घर कटे है, जिसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है। वहीं निघासन एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा।
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रातभर नदी पर टिकी रहती हैं नजरें
कटान पीड़ित जमुना देवी, रामकुमारी, रीमा, छोटी, फूलमती, रूपा और सुशीला ने बताया कि नदी के कटान के डर से रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। दिन-रात नजरें नदी पर लगी रहती हैं। उन्हें हर समय घर नदी में समा जाने का डर सताता रहता है। पीड़ितों ने मांग की कि पंचायत में रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर रहकर बिना डर के जीवनयापन कर सकें।
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गिरिजा बैराज पर क्लोजर की कार्रवाई चलने के कारण मोहाना नदी का जलस्तर घटा हुआ है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी ने कटान तेज कर दिया है। मंगलवार को दिन में राजकुमार का और रात में जीवन का घर नदी में समा गया। बुधवार को दिनेश का घर भी कटान की भेंट चढ़ गया।
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लगातार हो रही कटान से आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत है। लोग घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। लेखपाल फूल सिंह ने बताया कि तीन घर कटे है, जिसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है। वहीं निघासन एसडीएम यदुवीर सिंह ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा।
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रातभर नदी पर टिकी रहती हैं नजरें
कटान पीड़ित जमुना देवी, रामकुमारी, रीमा, छोटी, फूलमती, रूपा और सुशीला ने बताया कि नदी के कटान के डर से रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। दिन-रात नजरें नदी पर लगी रहती हैं। उन्हें हर समय घर नदी में समा जाने का डर सताता रहता है। पीड़ितों ने मांग की कि पंचायत में रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर रहकर बिना डर के जीवनयापन कर सकें।