{"_id":"584576214f1c1b885d447d8e","slug":"empty-pockets-full-of-money-on-accounts","type":"story","status":"publish","title_hn":"खातों में भरपूर पैसा पर जेब है खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खातों में भरपूर पैसा पर जेब है खाली
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 05 Dec 2016 09:54 PM IST
विज्ञापन
नोट बंदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करेंसी की कमी से जूझ रहे ग्रामीण इलाके के बैंक
दिन भर लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल पाता पैसा
सर्द मौसम में भी लाइन में डटे रहे लोग
नोट बंदी के 28 दिन बीत जाने के बाद भी बैंक करेंसी की कमी से उबर नहीं पाए हैं। जिले के शहरी क्षेत्र की बैंकों में तो स्थिति कुछ ठीक है पर ग्रामीण बैंकों में अब तक लोगों को जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण बैंकों में सोमवार को भी लंबी-लंबी कतार लगी रहीं।
किसानों के खातों में गन्ना भुगतान का पैसा आना शुरू हो गया है तो पहली तारीख को सरकारी कर्मचारियों के खातों में उनका वेतन और पेंशनर्स के खातों में पेंशन भी पहुंच चुकी है। खातों में पर्याप्त पैसा होने के बावजूद उनकी जेब खाली है। बैंक में पूरे दिन लाइन लगने के बाद लोगों को महज दो चार हजार रुपयों से ही संतोष करना पड़ रहा है।
पर्याप्त धन निकासी न होने से शादी विवाह के काम रुक गए हैं। कई शादियां और मांगलिक कार्य टल चुके हैं तो कुछ लोग सादगी के साथ शादी विवाह निपटा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव व्यापार पर पड़ा है। करेंसी की कमी से लोग अपनी जरूरत भर की खरीदारी भी नहीं कर पा रहे हैं। अधिकतर व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। नगर की बैंकों में कैश की कमी अब भी बरकरार है। जरूरतमंद और खातेदार सर्दी की परवाह किए बिना बैंक के बाहर और एटीएम पर लाइन लगाकर घंटों खड़े होने को मजबूर हैं।
ममरी। सोमवार को बैंकों के ताले खुलते ही खातेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, रोशननगर, अजान अहमदनगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने सबसे अधिक भीड़ रही। बैंक प्रबंधकों ने साढ़े 12 बजे भुगतान शुरू किया। भुगतान शुरू होते ही लाइन में खड़े खातेदार धक्का-मुक्की करने लगे। जिन्हें ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कमिर्यों ने समझा बुझाकर शांत किया।
संसारपुर। कस्बे की जिला सहकारी बैंक और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सोमवार को कैश न होने के कारण सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को निराशा हुई।
सिकंद्राबाद। कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर दो बजे ही कैश खत्म हो गया। इस बीच मात्र 150 ग्राहकों को ही भुगतान मिल पाया। लाइन में लगे सैकड़ों खाता धारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
--
व्यापारियों ने बैंक में जमा किए 8.50 लाख के छोटे नोट
खीरी टाउन। बैंकों में करेंसी की कमी से परेशान लोगों को राहत देने के लिए कस्बे के खाद व्यापारी मोहम्मद सईद गौरी और राईन एग फर्म के मालिक ने मिल कर इलाहाबाद बैंक में 8.50 लाख रुपये के छोटे नोट जमा किए। इससे बैंक से कई जरूरतमंद ग्राहकों को भुगतान किया जा सका। नोटबंदी को लेकर खीरी कस्बे में मात्र एक इलाहाबाद बैंक शाखा में रोज रुपये जमा करने और निकालने के लिए सुबह से लंबी लाइन लगती है।
बंद एटीएम बढ़ा रहे लोगों की मुसीबत, अफसर बेफिक्र
90 फीसदी एटीएम में नोट न निकलने से लोग परेशान
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लगे है करीब 100 एटीएम
लखीमपुर खीरी। नोटबंदी के बाद से रुपये जमा करने वालों की कतार कम हुई है, जिससे बैंकों में हालात सामान्य हो रहे हैैं। वहीं कैश न मिलने की दिक्कत से आमलोग जूझ रहे हैं। खासकर एटीएम का बुरा हाल है, जिनमें करेंसी नहीं डाली जा रही है। अधिकतर एटीएम नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही बंद हैं। इससे रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों के पास पैसे नहीं बचे हैं, जो दिन भर एटीएम के चक्कर लगाकर मायूस होकर घर लौट रहे हैं।
शहर में विभिन्न बैंकों के करीब 70 एटीएम स्थापित हैं, लेकिन इनमें 10 फीसदी एटीएम ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। मसलन आधे से अधिक एटीएम का शटर नोटबंदी के बाद से नहीं खोला गया है। जबकि अस्पताल रोड और मेन रोड के पांच एटीएम में ही पैसा डाला जा रहा है, जिन पर सुबह से रात तक लंबी लाइन लगी रहती है। कई बार सर्वर डाउन होने से लोगों की परेशानी दोहरी हो जाती है। कैश की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों की परेशानियों को दरकिनार कर बैंक अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा लोगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से वी मार्ट और मेगा विशाल मार्ट पर भी लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। इन सब दुश्वारियों के बीच यदि 50 फीसदी एटीएम काम करने लगे, तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।
मझगईं। कस्बा और नौगवां के एटीएम से नोट न निकलने के कारण दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक, नौगवां की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लगे एटीएम से तीन- चार दिन ही रुपये निकले। इसके बाद से दोनों एटीएम बंद पड़े हैं। इससे बैंकों में भीड़ बढ़ रही है। सारा दिन लाइन में खड़े होने के बाद लोगों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एक ओर घर का खर्च नहीं चल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।
विज्ञापन
दिन भर लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल पाता पैसा
सर्द मौसम में भी लाइन में डटे रहे लोग
नोट बंदी के 28 दिन बीत जाने के बाद भी बैंक करेंसी की कमी से उबर नहीं पाए हैं। जिले के शहरी क्षेत्र की बैंकों में तो स्थिति कुछ ठीक है पर ग्रामीण बैंकों में अब तक लोगों को जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण बैंकों में सोमवार को भी लंबी-लंबी कतार लगी रहीं।
किसानों के खातों में गन्ना भुगतान का पैसा आना शुरू हो गया है तो पहली तारीख को सरकारी कर्मचारियों के खातों में उनका वेतन और पेंशनर्स के खातों में पेंशन भी पहुंच चुकी है। खातों में पर्याप्त पैसा होने के बावजूद उनकी जेब खाली है। बैंक में पूरे दिन लाइन लगने के बाद लोगों को महज दो चार हजार रुपयों से ही संतोष करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पर्याप्त धन निकासी न होने से शादी विवाह के काम रुक गए हैं। कई शादियां और मांगलिक कार्य टल चुके हैं तो कुछ लोग सादगी के साथ शादी विवाह निपटा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव व्यापार पर पड़ा है। करेंसी की कमी से लोग अपनी जरूरत भर की खरीदारी भी नहीं कर पा रहे हैं। अधिकतर व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। नगर की बैंकों में कैश की कमी अब भी बरकरार है। जरूरतमंद और खातेदार सर्दी की परवाह किए बिना बैंक के बाहर और एटीएम पर लाइन लगाकर घंटों खड़े होने को मजबूर हैं।
ममरी। सोमवार को बैंकों के ताले खुलते ही खातेदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। इलाहाबाद बैंक, हैदराबाद की पंजाब नेशनल बैंक, गनेशपुर की ओरियंटल बैंक, रोशननगर, अजान अहमदनगर की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के सामने सबसे अधिक भीड़ रही। बैंक प्रबंधकों ने साढ़े 12 बजे भुगतान शुरू किया। भुगतान शुरू होते ही लाइन में खड़े खातेदार धक्का-मुक्की करने लगे। जिन्हें ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कमिर्यों ने समझा बुझाकर शांत किया।
संसारपुर। कस्बे की जिला सहकारी बैंक और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सोमवार को कैश न होने के कारण सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को निराशा हुई।
सिकंद्राबाद। कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर दो बजे ही कैश खत्म हो गया। इस बीच मात्र 150 ग्राहकों को ही भुगतान मिल पाया। लाइन में लगे सैकड़ों खाता धारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
--
व्यापारियों ने बैंक में जमा किए 8.50 लाख के छोटे नोट
खीरी टाउन। बैंकों में करेंसी की कमी से परेशान लोगों को राहत देने के लिए कस्बे के खाद व्यापारी मोहम्मद सईद गौरी और राईन एग फर्म के मालिक ने मिल कर इलाहाबाद बैंक में 8.50 लाख रुपये के छोटे नोट जमा किए। इससे बैंक से कई जरूरतमंद ग्राहकों को भुगतान किया जा सका। नोटबंदी को लेकर खीरी कस्बे में मात्र एक इलाहाबाद बैंक शाखा में रोज रुपये जमा करने और निकालने के लिए सुबह से लंबी लाइन लगती है।
बंद एटीएम बढ़ा रहे लोगों की मुसीबत, अफसर बेफिक्र
90 फीसदी एटीएम में नोट न निकलने से लोग परेशान
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लगे है करीब 100 एटीएम
लखीमपुर खीरी। नोटबंदी के बाद से रुपये जमा करने वालों की कतार कम हुई है, जिससे बैंकों में हालात सामान्य हो रहे हैैं। वहीं कैश न मिलने की दिक्कत से आमलोग जूझ रहे हैं। खासकर एटीएम का बुरा हाल है, जिनमें करेंसी नहीं डाली जा रही है। अधिकतर एटीएम नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही बंद हैं। इससे रोजमर्रा की जरूरत पूरी करने के लिए लोगों के पास पैसे नहीं बचे हैं, जो दिन भर एटीएम के चक्कर लगाकर मायूस होकर घर लौट रहे हैं।
शहर में विभिन्न बैंकों के करीब 70 एटीएम स्थापित हैं, लेकिन इनमें 10 फीसदी एटीएम ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। मसलन आधे से अधिक एटीएम का शटर नोटबंदी के बाद से नहीं खोला गया है। जबकि अस्पताल रोड और मेन रोड के पांच एटीएम में ही पैसा डाला जा रहा है, जिन पर सुबह से रात तक लंबी लाइन लगी रहती है। कई बार सर्वर डाउन होने से लोगों की परेशानी दोहरी हो जाती है। कैश की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों की परेशानियों को दरकिनार कर बैंक अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा लोगों को सहूलियत देने के उद्देश्य से वी मार्ट और मेगा विशाल मार्ट पर भी लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। इन सब दुश्वारियों के बीच यदि 50 फीसदी एटीएम काम करने लगे, तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।
मझगईं। कस्बा और नौगवां के एटीएम से नोट न निकलने के कारण दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक, नौगवां की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में लगे एटीएम से तीन- चार दिन ही रुपये निकले। इसके बाद से दोनों एटीएम बंद पड़े हैं। इससे बैंकों में भीड़ बढ़ रही है। सारा दिन लाइन में खड़े होने के बाद लोगों को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एक ओर घर का खर्च नहीं चल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर गेहूं की बुआई पिछड़ रही है।