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Lakhimpur Kheri News: बसंतापुर में हाथियों का उत्पात, ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बनाया बंधक
Sat, 29 Nov 2025 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:43 AM IST
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पलियाकलां/मझगईं। मझगईं रेंज के बसंतापुर कलां गांव में हाथियों के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम को बंधक बना लिया। वे लाही, गन्ने की फसल तहस-नहस होने से परेशान थे। देर रात अधिकारियों की तरफ से मुआवजा मिलने के आश्वासन पर उन्होंने टीम को छोड़ा।
बृहस्पतिवार को बसंतापुर कलां में हाथियों ने किसानों की फसलों को रौंद दिया था। इसके बाद मझगईं रेंज के फारेस्ट गार्ड भूपेंद्र सिंह, तेजी, दर्शन, प्रेमजीत, रामबहादुर, डालचंद आदि किसान गांव पहुंचे थे। वनकर्मियों के मुताबिक, यहां किसानों व महिलाओं ने वनकर्मियों को खेत पर ही रोक लिया और मुआवजा न देने तक जाने न देने की बात कही। मौके पर पहुंची पुलिस व लेखपाल की भी ग्रामीणों ने बात नहीं मानी।
सुबह दस बजे से देर रात तक वन विभाग की टीम को वहीं पर रोके रखा। रात करीब आठ बजे मुआवजे के आश्वासन के बाद सभी को छोड़ा गया। इस बारे में रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि मैं बृहस्पतिवार को कोर्ट में था। हाथियों की सूचना मिलने पर वनकर्मी गए थे। वहां मुआवजे के लिए सारा दिन वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने रोका है।
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उधर, बृहस्पतिवार की रात दस बजे के बाद एक बार फिर से जंगली हाथियों के झुंड ने दोबारा से फसलों को तहस-नहस किया है। हाथियों ने हरीशचंद्र, फरियाद, उस्मानी, राजेंद्र, सुमित, जसपाल, हरिद्वार, नरेश व टीके सिंह आदि किसानों की फसलों को बर्बाद किया है। जिससे किसानों में रोष है।
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बृहस्पतिवार को बसंतापुर कलां में हाथियों ने किसानों की फसलों को रौंद दिया था। इसके बाद मझगईं रेंज के फारेस्ट गार्ड भूपेंद्र सिंह, तेजी, दर्शन, प्रेमजीत, रामबहादुर, डालचंद आदि किसान गांव पहुंचे थे। वनकर्मियों के मुताबिक, यहां किसानों व महिलाओं ने वनकर्मियों को खेत पर ही रोक लिया और मुआवजा न देने तक जाने न देने की बात कही। मौके पर पहुंची पुलिस व लेखपाल की भी ग्रामीणों ने बात नहीं मानी।
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सुबह दस बजे से देर रात तक वन विभाग की टीम को वहीं पर रोके रखा। रात करीब आठ बजे मुआवजे के आश्वासन के बाद सभी को छोड़ा गया। इस बारे में रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि मैं बृहस्पतिवार को कोर्ट में था। हाथियों की सूचना मिलने पर वनकर्मी गए थे। वहां मुआवजे के लिए सारा दिन वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने रोका है।
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उधर, बृहस्पतिवार की रात दस बजे के बाद एक बार फिर से जंगली हाथियों के झुंड ने दोबारा से फसलों को तहस-नहस किया है। हाथियों ने हरीशचंद्र, फरियाद, उस्मानी, राजेंद्र, सुमित, जसपाल, हरिद्वार, नरेश व टीके सिंह आदि किसानों की फसलों को बर्बाद किया है। जिससे किसानों में रोष है।